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प्रयागराज में बढ़ते मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Sarvoday Times 6 years ago 0 comments
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यूपी में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपना लिया है. कोर्ट ने एक तरफ जहां केंद्र सरकार से कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के बारे में जानकारी मांगी है तो वहीं दूसरी तरफ मास्क की खराब क्वालिटी पर भी नाराज़गी जताई है. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और आईसीएमआर से जवाब तलब किया है.

कोर्ट ने इसके साथ ही यूपी में तमाम पुलिसवालों और दूसरे सरकारी कर्मचारियों के मास्क न पहने जाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किये जाने पर गहरी नाराज़गी जताई है. कोर्ट ने सरकार और अफसरों से पूछा है कि जिन पर कोविड की गाइड लाइन का पालन कराने की ज़िम्मेदारी है, अगर वही लापरवाही बरतेंगे तो कोरोना की महामारी कैसे काबू में आ सकेगी.

अदालत ने सभी को अपना जवाब दाखिल करने के लिए सिर्फ दो दिनों की मोहलत दी है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले में तीस सितम्बर को दोपहर दो बजे से फिर से सुनवाई करेगी. यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है.

कोरोना वायरस को लेकर HC में याचिका, अदालत ने योगी सरकार से मांगा जवाब -  corona virus pil filed to prevent infection in allahabad high court  premises - AajTak

मामले की सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा है कि कोरोना के इलाज की वैक्सीन का परीक्षण किस तरह किया जा रहा है और अंतिम परीक्षण कितने समय में पूरा कर लिया जाएगा. कोर्ट ने केंद्र के वकील से घटिया किस्म के मास्क की खरीद के मुद्दे पर जवाब देने को कहा है और साथ ही मास्क की गुणवत्ता पर आईसीएमआर से भी जानकारी मांगी है.

कोर्ट ने कहा कि देश में तीन माह तक लॉकडाउन का सफलतापूर्वक पालन कराने वाली पुलिस अब मास्क पहनने और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम को कड़ाई से लागू नहीं करा पा रही है. अक्सर देखा जा रहा है कि थाने के बाहर और सड़कों पर पुलिस वाले खुद ही बिना मास्क पहने घूमते रहते हैं.

Supreme Court Hindi News, Supreme Court News In Hindi -APN Live हिंदी

जब से जिलों में टास्क फोर्स गठित की गई, पुलिस के बाकी लोग गाइडलाइन का पालन कराने में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. लगता है कि सिविल पुलिस ने सोच लिया है कि अब टास्क फोर्स ही कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराए. कोर्ट ने कहा कि पुलिस गश्त जारी रखे और मास्क व सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू कराए.

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कोर्ट ने कहा कि जिन देशों में मास्क पहनकर सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू किया गया है. उन देशों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घट रही है. हर नागरिक को अधिकार हो कि कोई बिना मास्क दिखे तो टोल फ्री नंबर पर फोन कर शिकायत कर सके.

सुनवाई के दौरान इस पीठ का सहयोग कर रहे वकीलों ने कई सुझाव दिए. उन्होंने अदालत को सुझाव दिए कि जनता लॉकडाउन खुलने के दिशानिर्देशों का उचित ढंग से पालन करे और सड़क किनारे ठेले एवं रेस्तरां आदि से लोगों को खानपान से रोकने के लिए प्रत्येक जिले में पुलिस गश्त लगाए.

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