Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • कोरोना संकट में डॉक्टर्स की सलाह: सांस लेने में दिक्कत है तो 40 मिनट पेट के बल लेट जाएं, यह सेल्फ नेचुरल वेंटीलेटर 80% कारगर है:
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • मेन स्लाइड

कोरोना संकट में डॉक्टर्स की सलाह: सांस लेने में दिक्कत है तो 40 मिनट पेट के बल लेट जाएं, यह सेल्फ नेचुरल वेंटीलेटर 80% कारगर है:

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
bhopal_1587986881

डॉक्टर्स की माने तो उन्होंने यह सलाह ऑक्सीजन-वेंटीलेटर की कमी हैं मगर डरें नहीं; प्रोन पॉजीशन की संजीवनी है ना
डॉक्टर्स ने कोरोना से जूझ रहे मरीजों को दिया सुझाव, 40 मिनट में ऑक्सीजन का लेवल सुधार देता है|

ICMR issued new advisory to states for rapid antibody blood test, asking  two Chinese companies to stop using kit | चीन से मंगाई जा रही रैपिड टेस्ट  किट का ऑर्डर कैंसिल, सरकार

कोरोना संक्रमण के कारण ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है। आक्सीजन का लेवल गिरने पर अस्पतालों में वेंटीलेटर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे मरीजों के लिए प्रोन पोजीशन आक्सीजनेशन तकनीक 80% तक कारगर है। हर चिकित्सा प्रणाली के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रोन पोजिशन को अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों के लिए ‘संजीवनी’ बताया है।

Mumbai Pune (Maharashtra) Coronavirus Cases Update | Maharashtra Corona  Cases District Wise Today News; Mumbai Pune Thane Nashik Aurangabad Solapur  Amravati | राज्य में संक्रमण से एक हजार से ज्यादा की मौत;

सांस लेने में तकलीफ होने पर इस अवस्था में 40 मिनट लेटकर आक्सीजन लेवल सुधरता है। पेट के बल लेटने से वेंटिलेशन परफ्यूजन इडेक्स में सुधार आता है। डॉक्टरों ने कोरोनाकाल में कोविड के सांस लेने में दिक्कत आने वाले मरीजों के लिए तकनीक को जरूर आजमाने की सलाह दी है।

पानी की वजह से ऑक्सीजन नहीं ले पाते

प्रोन पॉजिशन एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम में इस्तेमाल की जाती है। एआरडीएस होने से फेफड़ों के निचले हिस्से में पानी आ जाता है। पीठ के बल लेटने से फेफड़ों के निचले हिस्से की एल्वियोलाई में खून तो पहुंच जाता है, लेकिन पानी की वजह से आक्सीजनेशन व कार्बन डाइआक्साइड को निकालने के प्रोसेस में दिक्कत होती है।

ऐसे हालात में ठीक तरीके से ऑक्सिजिनेशन नहीं होने पर ‘प्रोन वेंटिलेशन’ दिया जाता है। यानी मरीज को पेट के बल लिटा दिया जाता है। गर्दन के नीचे एक तकिया, पेट-घुटनों के नीचे दो तकिए लगाते हैं और पंजों के नीचे एक। हर 6 से 8 घंटे में 40 से 45 मिनट तक ऐसा करने से मरीज को फायदा मिलता है।

Corona + Sugar + Kidney infection + Respiratory disease = Death, panel of 5  major doctors is telling how corona is proving fatal for patients of other  diseases. | कोरोना+शुगर+किडनी इन्फेक्शन+सांस रोग=मौत,

पेट के बल लेटकर हाथों को कमर के पास पैरलल भी रख सकते हैं:

साधारणतया पेट के बल लिटाकर हाथों को कमर के पास पैरलल भी रख सकते है। इस अवस्था में फेफड़ों में खून का संचार अच्छा होने लगता है। फेफड़ों में मौजूद फ्लूड इधर-उधर हो जाता है, जिससे लंग्स में आक्सीजन आसानी से पहुंचती रहती है। आक्सीजन का लेवल गिरता भी नहीं है।

8 bed ICU ward to be built in Hindaun Hospital | हिंडौन अस्पताल में बनेगा 8  बिस्तरों का आईसीयू वार्ड - Dainik Bhaskar

प्रोन पोजीशन वेंटिलेशन सुरक्षित और खून में आक्सीजन लेवल बिगड़ने पर नियंत्रण में मददगार है। बीमारी के कारण मृत्यु दर को कम करने सहायक है। आईसीयू में भर्ती मरीजों में अच्छे परिणाम मिलते हैं। वेंटीलेटर नहीं मिलने की स्थिति में सबसे अधिक कारगर। 80% नतीजे वेंटीलेटर जैसे ही।

About the Author

Sarvoday Times

Editor

View All Posts

Post navigation

Previous: बाबरी विध्वंस केस: 28 वर्षों तक चली सुनवाई| आइये जानिए अब तक क्या-क्या हुआ:
Next: जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी का दावा- सुरक्षाबलों से बचने के लिए टॉयलेट टैंक के नीचे बंकर्स बनाकर छिप रहे आतंकी

Related Stories

14091-honey-bee
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

Sarvoday Times 19 hours ago 0
e3fb39c6ae8f74a2b3b564335c59bf741748096939207487_original
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

Sarvoday Times 19 hours ago 0
1780413707-3418
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

Sarvoday Times 19 hours ago 0
| ReviewNews by AF themes.