Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • सेकुलर का प्रमाणपत्र कहीं शिवसेना के अस्तित्व के लिए संकट ना खड़ा कर दे:-
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • मेन स्लाइड

सेकुलर का प्रमाणपत्र कहीं शिवसेना के अस्तित्व के लिए संकट ना खड़ा कर दे:-

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
uddhav-thackeray1

मंदिर खोलने को लेकर माननीय राज्यपाल का मुख्यमंत्री को लिखा पत्र अब राजनीतिक हथियार बन गया है। शिवसेना ऐसे कूद रही है जैसे उसने मैदान जीत लिया है। शिवसेना की आदत रही है- अपने मियाँ मिट्ठू बनने की। यह मंदिर खोलने का आग्रह करना क्या अनुचित है? राज्यपाल ने कहा है कि मदिरालय खुल रहा है तो देवालय खुलना चाहिए। राजस्व कमाने के लिए नैतिकता की और धर्म की तिलांजलि तो नहीं दी जा सकती। यह सही है कि मुंबई में कोरोना बढ़ा हुआ है लेकिन मुंबई को छोड़कर अन्यत्र देवालयों को खोलने में क्या दिक्कत है। उद्धव सरकार इस चुनौती को स्वीकार करने की बजाय उस पर बयानबाजी कर रही है, जिसका कोई तुक नहीं है।

चीन की 3 कंपनियों के साथ समझौते रद्द करे महाराष्ट्र सरकार, CAIT ने CM उद्धव  ठाकरे को लिखा पत्र - The Financial Express

यहां यह समझना जरूरी है कि राज्य में महाविकास अघाड़ी की सरकार है, लेकिन वह कैसे बनी यह सभी को पता है। हिंदुत्व के नाम पर वोट लेकर जीतने के बाद मुख्यमंत्री बनते ही सेकुलर बन जाने की याद ही तो राज्यपाल ने उद्धव सरकार को दिलाई, इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन आत्म श्लाघा में सत्ता के सिंहासन पर बैठे व्यक्ति को यह बात पसंद नहीं आयी और पलट वार का प्रदर्शन कर उनके भक्त अपनी पीठ “उखाड़ दिया” की तर्ज पर खुद ही ठोक रहे हैं। और तो और जब मंदिर खोलने के लिए विपक्ष ने प्रदर्शन किया तो आनन-फानन में सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग बुला ली और उसमें लॉकडाउन-5 में भी मंदिर खोलने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया, स्कूल खोलने पर भी निर्णय नहीं हुआ।

लेकिन राजनीतिक खुन्नस निकलने के लिए जल युक्त शिवार योजना की जाँच के लिए एसआईटी बैठाने का निर्णय यह साबित करता है कि सत्ता पर बैठा व्यक्ति क्या सोच रहा है। इस तरह के विचार से सत्ता कितने दिन टिकेगी ? सत्ता में आने के लिए जो खुले आम धोखा महाराष्ट्र की जनता को दिया गया उसकी जांच कब और कौन कराएगा? शकुनि, शुक्राचार्य और मलेच्छों की संगत में उद्धव सरकार शिवसेना के सत्व और तत्व की तिलांजलि दे चुकी है। यह सही है कि हर राजनीतिक दल को सत्ता में आने का सपना देखना चाहिए लेकिन शिवसेना ने जो सरकार बनायी है, उसमें राजनीतिक नकारत्मकता और फिर से भाजपा को राजनीतिक रूप से अछूत बनाने के नए षड्यंत्र का बीजारोपण शुक्रचार्यों और शकुनियों के साथ मिलकर किया जा रहा है। यह उपक्रम 90 के दशक में खूब चला था। तब भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए कई तरह के प्रधानमंत्री देश को मिले थे। कई नेताओं की लॉटरी लगी थी। कभी चरण सिंह तो कभी चंद्रशेखर, तो कभी देवेगौड़ा तो कभी गुजराल… बहुत हुआ था अछूत बनाने का नाटक!! तब यह फार्मूला राज्यों तक फैला !! अंततः देश की जनता ने समझ लिया कि राजनीति जलन पैदा करने, अछूत बनाने का खेल नहीं है बल्कि यह सही विकास और सेवा का माध्यम है।

cm uddhav thackeray: प्रक्षुब्ध शारदा - letter fight between cm uddhav  thackeray and maharashtra governor bhagat singh koshyari over reopen temple  | Maharashtra Times

अछूत बनाने वाली राजनीति को पछाड़ कर समय ने करवट ली और देश में नए नेतृत्व का उदय हुआ। महाराष्ट्र में इस विधा का नेतृत्व सर्वप्रथम शरद पवार ने किया था। संविद की सरकार बनाकर मुख्य मंत्री बने थे। वही फार्मूला अभी महाराष्ट्र में लागू है, तब पवार ने वसंत दादा पाटिल को रोकने के लिए एक राजनीतिक प्रपंच किया था, आज उद्धव की आड़ में भाजपा को रोकने का गेम सफलता और कुटिलतापूर्वक चला रहे हैं। कांग्रेस तो भाजपा से पहले ही खुन्नस में है लेकिन शरद पवार और उद्धव भाजपा के साथ सरकार बना चुके हैं। महाविकास अघाड़ी एक साल पूरा करने की ओर बढ़ रही है। सारे कयासों को विफल करते हुए वह आगे बढ़ रही है।

उद्धव सरकार ने राज्यपाल पर प्रहार करते हुए कहा कि उसे किसी से प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के व्यंग्य बाण जिस तरह चुभे हैं उससे यह स्पष्ट हो गया है उद्धव अब प्रमाणित सेकूलर हो गए हैं। यह प्रमाण पत्र कहीं शिवसेना के लिए अस्तित्व का संकट न पैदा कर दे यह उनके शकुनियों को समझना होगा।

Post navigation

Previous: बाराबंकी के परिवार ने उत्तर प्रदेश विधानभवन के सामने किया आत्मदेह का प्रयास:-
Next: ऑनलाइन त्यौहारी सेल्स से ऐसे करें ‘डील’, जानें फायदे व नुकसान:-

Related Stories

MMP_9268
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित किया

Sarvoday Times 3 weeks ago 0
DSC_2399.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

Sarvoday Times 1 month ago 0
images (7)
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी

Sarvoday Times 1 month ago 0
| ReviewNews by AF themes.