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आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत हो रहे हैं उल्लेखनीय कार्य

Sarvoday Times 4 years ago (Last updated: 4 years ago) 1 minute read 0 comments
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उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल दिशा-निर्देशन में  आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय व उत्कृष्ट कार्य किये जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत 1874 एस.एच.जी. महिलाओं को कार्यशील पूंजी एवं छोटे औजारों की खरीद हेतु राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एस. आर. एल. एम.) एवं राज्य शहरी आजीविका मिशन, को धनराशि रू. 479.85 लाख अवमुक्त किये गये हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजनान्तर्गत पी. एम. एफ.एम.ई. के एम.आई.एस. वेब पोर्टल पर 5442 उद्यमियों द्वारा पंजीकरण कराया गया हैं। पंजीकरण के सापेक्ष वेब पोर्टल पर अब तक 3141 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष बैंक द्वारा 318 परियोजनाओं हेतु ऋण स्वीकृत किया गया है। बैंकों द्वारा 152 परियोजनाओं हेतु ऋण धनराशि रू. 1424.97 लाख अवमुक्त किया जा चुका है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा 41 परियोजनाओं को धनराशि रू. 186.79 लाख का अनुदान अवमुक्त किया जा चुका है।
आत्म निर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) योजना का संचालन प्रदेश में 60रू40 के अनुपात में केन्द्रांशरू राज्यांश से प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2020 से संचालित इस योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश में लगभग 42000 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना/उन्नयन/विस्तारीकरण हेतु 05 वर्षों के लिए उत्तर प्रदेश का परिव्यय धनराशि रू0 1700 करोड़ प्राविधानित किया गया है, जिससे प्रदेश में लगभग 5 हजार करोड़ के पूंजीनिवेश का अनुमान है। इसके सापेक्ष 70 प्रतिशत मौजूदा उद्यमों का उन्नयन/विस्तारीकरण किया जायेगा तथा 30 प्रतिशत नए उद्यमों का जनपद हेतु चयनित ओडीओपी के अनुसार स्थापना करायी जायेगी।
योजना के अन्तर्गत व्यक्तिगत एवं समूह दोनों प्रकार के लाभार्थी पात्र हैं। निजी सूक्ष्म उद्यमों एवं समूहों को अनुमन्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम रु० 10 लाख क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी का प्राविधान है।कार्यशील पूंजी और छोटे उपकरणों के क्रय हेतु प्रति एसएचजी सदस्य को लोन के रूप में रू0 40,000 सीड कैपिटल भी प्रदान किए जाने का प्राविधान है।योजनानान्तर्गत बेसलाइन स्टडी का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और जनपदवार ओडीओपी का अन्तिम रूप से चयन कर लिया गया है। प्रदेश के 14 जनपदों यथा-गोरखपुर, वाराणसी, बस्ती, अध्योध्या, लखनऊ, बरेली, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, झांसी, सहारनपुर, कौशाम्बी, कानपुर देहात एवं मिर्जापुर पर योजनान्तर्गत 14 इन्क्यूबेसन सेन्टर/कॉमन फॅसिलिटी सेन्टर की स्थापना हेतु धनराशि रू0 47.00 करोड़ के व्यय प्रस्ताव भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है और कई जनपदों में कामन फैसेलिटी सेन्टरो का निर्माण कार्य चल रहा है।

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