Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • पीएचडी करने वालों के लिए खास खबर…विवि का बड़ा फैसला, हटाए ये दो प्रोग्राम
  • उत्तर प्रदेश
  • जम्मू कश्मीर
  • दिल्ली
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • राज्य

पीएचडी करने वालों के लिए खास खबर…विवि का बड़ा फैसला, हटाए ये दो प्रोग्राम

Sarvoday Times 3 years ago 1 minute read 0 comments
इजोइह्प

अगर आप हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय कॉलेज से पीएचडी करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए खास है। विवि की ओर से इन कॉलेज से इतिहास और बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) विषय के पीएचडी प्रोग्राम को हटा दिया गया है। इतना ही नहीं अन्य विषयों की सीटों को भी विवि की ओर से कम किया गया है।

साल 2019 के आंकड़ों से नजर डाले तो विवि की ओर से अशासकीय कॉलेज से लगातार पीएचडी प्रोग्राम की सीटें घटाई जा रही हैं। लेकिन शैक्षणिक सत्र 2023-24 में तो विवि की ओर से इतिहास और बॉटनी विषय के पीएचडी प्रोग्राम ही हटा दिया हैं। ऐसे में इन कॉलेज से पीएचडी प्रोग्राम करने वाले अभ्यर्थियों को श्रीनगर या फिर निजी विवि की दौड़ लगानी होगी। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 16 अलग-अगल विषयों के लिए इन कॉलेज में कुल 68 सीटें थीं, जो इस साल दो विषय हटाने के बाद 62 रह गई हैं।

पत्र लिखने के बाद वाणिज्य में मिली पांच सीटें
इस साल विवि की ओर से डीएवी पीजी कॉलेज में वाणिज्य विषय के पीएचडी प्रोग्राम को भी हटाया गया था। ऐसे में विभागाध्यक्ष की ओर से एक मार्च को कुलपति को पत्र लिख बताया गया कि कॉलेज में वाणिज्य विषय में पीएचडी की 15 सीटें उपलब्ध हैं और बीते दो शैक्षणिक सत्र में विवि की ओर से पांच-पांच सीटें दी गई थी। इस पत्र के जवाब में 18 मार्च को विवि के प्रवेश परीक्षा समन्वयक की ओर से जारी पत्र में कॉलेज को इस सत्र में भी पांच सीटें उपलब्ध करा दी गई हैं।

31 मार्च को होगी पीएचडी की प्रवेश परीक्षा

इस साल के पीएचडी प्रोग्राम के लिए विवि की ओर से जारी सूचना विवरणिका के अनुसार 31 मार्च को पीएचडी प्रोग्राम की प्रवेश परीक्षा होगी। इसके लिए विवि की ओर से श्रीनगर, बादशाहीथौल टिहरी, देहरादून और नई टिहरी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

अशासकीय कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए उपलब्ध सीटें

ड्रांइग-पेंटिंग5
अंग्रेजी7
हिंदी4
संस्कृत7
जियोलॉजी4
भूगोल8
अर्थशास्त्र6
मनोविज्ञान3
समाज शास्त्र4
जूलॉजी3
रसायन विज्ञान5
अंक शास्त्र4
भौतिक विज्ञान2

शैक्षणिक सत्र 2022-23 में उपलब्ध सीटें

ड्रांइग-पेंटिंग3
अंग्रेजी5
हिंदी3
संस्कृत7
वाणिज्य5
जियोलॉजी3
भूगोल4
अर्थशास्त्र3
इतिहास4
मनोविज्ञान4
समाज शास्त्र4
बॉटनी5
जूलॉजी2
रसायन विज्ञान6
अंक शास्त्र5
भौतिक विज्ञान3

कॉलेज में आधे से ज्यादा काम में सहयोग करते हैं पीएचडी अभ्यर्थी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन के तहत पीएचडी करने वाले अभ्यर्थी अपने संबंधित कॉलेज में परीक्षाएं कराने के साथ उत्तर पुस्तिका जांचने तक में सहयोग करते हैं। इसका सीधा फायदा कॉलेज को नैक ग्रेडिंग पर मिलता है। इतना ही नहीं यह अभ्यर्थी परीक्षा के नंबर भी वेबसाइट पर अपलोड करते हैं

विवि की ओर से किसी भी विषय को हटाया या उसकी सीटें कम नहीं की जाती। विषय के विभागाध्यक्ष से सीटों और प्रोफेसर की उपलब्धता की जानकारी लेने के बाद ही कॉलेज को सीटें उपलब्ध कराई जाती हैं। – डॉ. धीरज शर्मा, रजिस्ट्रार

Post navigation

Previous: स्टेनलेस स्टील, एल्युमिनियम, तांबा या प्लास्टिक… जानिए कौन-सी बोतल है बेस्ट
Next: कई समस्या का रामबाण इलाज है शहद दालचीनी का पानी

Related Stories

MMP_9268
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित किया

Sarvoday Times 2 weeks ago 0
DSC_2399.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
images (7)
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
| ReviewNews by AF themes.