Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • मण्डल कारागार,गोण्डा में मीनू के हिसाब से न भोजन न मिलने का बाहर निकले बंदियों ने किया खुलासा
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • मुख्य समाचार

मण्डल कारागार,गोण्डा में मीनू के हिसाब से न भोजन न मिलने का बाहर निकले बंदियों ने किया खुलासा

Sarvoday Times 3 months ago 1 minute read 0 comments
IMG-20260726-WA0130

गोण्डा। मण्डल कारागार गोण्डा की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। जेल से रिहा होकर बाहर आए कुछ बंदियों ने नाम न छापने की शर्त पर कारागार के अंदर भारी अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बंदियों का कहना है कि जेल प्रशासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार उन्हें भोजन नहीं दिया जा रहा है।

बंदियों ने बताया कि भोजन में कटहल की रसेदार सब्जी दी जा रही है, जो खाने में मीठी लगती है और बड़े-बड़े साग के साथ 1-2 पीस आलू ही होते हैं,दाल पानी नुमा रहती है। रोटी भी आधी कच्ची और आधी पकी हुई दी जाती है। नाश्ते में पहले चना-गुड़ मिलता था, लेकिन अब पानी जैसी पतली दलिया और पानी जैसी चाय दी जा रही है, जिसे ज्यादातर बंदी पीते तक नहीं हैं।

*जेल के अंदर बिक रही सब्जी*  

सबसे गंभीर आरोप यह है कि जेल के अंदर ही सब्जी की बिक्री हो रही है। बंदियों के अनुसार जेल में बड़े भगोने में सब्जी लाकर 15 से 20 रुपये में एक चम्मच सब्जी बेची जाती है। जिसके पास पैसे होते हैं वह खरीदकर खाता है, बाकी कैदी भूखे रहकर जेल प्रशासन को कोसते हैं। बंदियों का यह भी आरोप है कि जब जिला प्रशासन के अधिकारी निरीक्षण पर आते हैं तो उस दिन व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहती है और जब वह बंदियों से पूंछते है तो डर के कारण कोई भी बंदी सच नही नही बताता, बाहर निकले बंदियों का कहना है कि यदि अधिकारियों द्वारा वाकई में व्यवस्था देखना होता तो वह बंदियों से पूंछने के बजाय सीसीटीवी फुटेज की जांच करके सच उजागर करने में सक्षम हैं।

*पारदर्शिता की मांग*  

बंदियों ने मांग की है कि यदि जेल में मीनू के अनुसार भोजन दिया जाता है तो जेल प्रशासन को सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाकर उसमें जिलाधिकारी, जिला जज व पुलिस अधीक्षक को जोड़ना चाहिए। साथ ही प्रति बैरक में भोजन वितरण की फोटो रोजाना अपलोड की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। बंदियों के इन आरोपों से जेल प्रशासन के साथ-साथ समय-समय पर निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। वहीं जेलर आफताब अंसारी का कहना है कि हमारे जेल में मीनू के हिसाब से भोजन बन रहा है हम और अधीक्षक चेक करते हैं, बाहर निकले हुए बंदियों का आरोप गलत व निराधार है।

Post navigation

Previous: कृषि कानून से लेकर प्रधान की विदाई तक: बीते 12 साल में मोदी सरकार ने कब-कब पीछे खींचे कदम? जानें पूरा इतिहास
Next: ग्राम मोहम्मदपुर गढ़ी में अवैध मिट्टी खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 जेसीबी एवं 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज

Related Stories

MMP_9268
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित किया

Sarvoday Times 2 weeks ago 0
DSC_2399.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
images (7)
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
| ReviewNews by AF themes.