मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है और इसकी सबसे बड़ी योजना ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ है। प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी भविष्य की तकनीक से जोड़ने और गांव-शहर के बीच डिजिटल अंतर को खत्म करने की दिशा में शुरू की गई इस पहल के बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक और एडेड स्कूलों में संचालित 4 घंटे के ‘ए.आई. फॉर ऑल’ कोर्स की राज्य स्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में लगभग 50 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और औसतन 70.41 प्रतिशत का शानदार स्कोर हासिल कर यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश का युवा यदि अवसर मिले तो दुनिया की किसी भी तकनीक में महारत हासिल कर सकता है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की ‘स्किल्ड यूपी-समर्थ यूपी’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
05 दिन में पूरी हुई पारदर्शी परीक्षा
प्रदेश सरकार की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान पारदर्शिता और समयबद्धता है। इस विशाल परीक्षा का आयोजन पूर्णतः पारदर्शी और कुशल तरीके से मात्र 5 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। 8 जुलाई को पूरी गोपनीयता के साथ प्रश्न-पत्र जिलों को भेजे गए, 9 जुलाई को मुख्य परीक्षा, 10 जुलाई को अनुपस्थित छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित हुई और 13 जुलाई तक प्रदेश के 73 जिलों में मूल्यांकन कर परिणाम मिशन मुख्यालय को भेज दिये गए। परिणाम 8 अगस्त को सत्यापित किए गए। इतने कम समय में 50 हजार छात्रों की परीक्षा और मूल्यांकन कराना अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
89 प्रतिशत से अधिक छात्र सफल, 12,500 से अधिक टॉप श्रेणी में
परीक्षा के परिणाम प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति की सफलता की कहानी हैं। परीक्षा में 89 प्रतिशत से अधिक छात्र सफल रहे, जिन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उत्कृष्ट श्रेणी (80 प्रतिशत से अधिक अंक): 12,500 से अधिक परीक्षार्थी 80 से ज्यादा अंक लाकर ‘टॉप’ श्रेणी में रहे। यानी हर चौथा छात्र 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाया। यह 25 प्रतिशत से अधिक टॉप श्रेणी प्रदेश सरकार के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है। सक्षम श्रेणी (50 से 80 अंक): सबसे बड़ा वर्ग रहा है। 28,000 से अधिक छात्रों ने इस श्रेणी में अंक हासिल किए। यह वर्ग भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल है। योग्य श्रेणी (50 से कम अंक): केवल 4,819 छात्र इस वर्ग में रहे। प्रदेश सरकार की सोच है कि कोई भी छात्र पीछे न छूटे, इसलिए इन छात्रों के लिए विशेष सुधारात्मक कक्षाएं चलाई जाएंगी।
क्षेत्रवार प्रदर्शन अच्छा रहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की संतुलित विकास नीति का परिणाम क्षेत्रवार प्रदर्शन में भी दिखा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18,395 छात्रों ने 74.3 के औसत स्कोर के साथ बाजी मारी, जिसमें 37.8 प्रतिशत छात्र उत्कृष्ट श्रेणी में रहे। पश्चिमी यूपी तकनीक को तेजी से अपना रहा है। बुंदेलखंड ने गुणवत्ता और निरंतरता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, यहां का औसत स्कोर 74.2 प्रतिशत रहा और 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत पूरे राज्य में सबसे कम मात्र 4.9 प्रतिशत रहा। बुंदेलखंड का हर छात्र लगभग पास है। यह प्रदेश सरकार द्वारा बुंदेलखंड में शिक्षा पर दिए गए विशेष ध्यान का परिणाम है। मध्य यूपी का औसत 69.7 प्रतिशत और पूर्वांचल के 21 जिलों के 14,387 छात्रों का औसत 64.7 प्रतिशत रहा।
प्रोजेक्ट प्रवीण कौशल विकास की तकनीकी शिक्षा
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए 210 घंटे का निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें आई.टी., ब्यूटी पॉर्लर, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे जॉब स्पेसिफिक हुनर सिखाए जाते हैं। इसी के साथ 04 घंटे का ‘ए.आई.फॉर ऑल’ कोर्स अलग से संचालित है, ताकि हर बच्चा भविष्य की तकनीक से लैस हो सके। प्रदेश में 2017 से पहले स्कूलों में कौशल विकास की कोई कल्पना नहीं थी, लेकिन प्रदेश की वर्तमान सरकार ने इसे माध्यमिक स्कूलों तक पहुंचाकर गांव के बच्चे को भी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी तकनीक से जोड़ा है। 50 हजार छात्रों का 70.41 औसत स्कोर यह बताता है कि प्रदेश सरकार का ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ अब सफलता की मिसाल बन चुका है और यूपी का युवा अब ए.आई. की दुनिया में भी परचम लहराने के लिए तैयार है।
