Skip to content

Hacked By ZhacNocha-RexaNocha

Hacked By ZhacNocha-RexaNocha

Primary Menu
  • Home
  • ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी

Sarvoday Times 1 day ago (Last updated: 1 day ago) 1 minute read 0 comments
images (7)

बख्शी का तालाब में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राहत सामग्री बांटी और राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा

फैजुल्लागंज से नैमिष तक किया हवाई सर्वे, गोमती का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात

बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा तटबंध, जल निकासी के लिए लगेंगे पंपिंग सेट

जनहानि पर ₹4 लाख की तत्काल सहायता, मकान और फसल-पशुहानि पर भी मिलेगी मदद

आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी

5 अक्टूबर, लखनऊ। गोमती की बाढ़ से फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके को बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। तटबंध पर रास्ता भी बनेगा, जिससे यह बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है। धनराशि जारी कर मानसून समाप्त होने के बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट एवं राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी और उनकी समस्याएं सुनीं। राहत एवं बचाव कार्यों में लगी टीमों से बात कर स्थिति जानी और स्वास्थ्य विभाग के शिविर का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया।

तटबंध के साथ जल निकासी का भी इंतजाम
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे सर्वे कर तटबंध का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसका भी इंतजाम किया जाए। इसके लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर आबादी की ओर जमा पानी को नदी में निकाला जा सके। तटबंध को हर मौसम में उपयोगी बनाने के साथ उस पर आवागमन की व्यवस्था भी की जाएगी।

पांच-छह दिन बाद पहुंचा बारिश का पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे पहुंचने से गोमती का जलस्तर बढ़ा। इससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लगातार स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे और जमीनी स्थिति देखने पहुंचे हैं।

प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुएं
बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, दाल, आटा, चना और तिरपाल समेत 26 जरूरी वस्तुओं की राहत सामग्री दी जा रही है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल और एक लीटर सरसों या रिफाइंड तेल के साथ नमक, मिर्च-मसाला, बाल्टी, लाई-भुजा, मोमबत्ती, माचिस और बरसाती समेत अन्य सामान शामिल है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराने के निर्देश दिए। शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन की व्यवस्था होगी। छोटे बच्चों को दूध और गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार दिया जाएगा। पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

जनहानि पर तत्काल ₹4 लाख
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता दी जाएगी। बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना से घर मिलेगा। पशुहानि की भी भरपाई होगी। राहत एवं बचाव कार्यों के बाद फसलों का समय से सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।

स्वास्थ्य केंद्रों पर रहेगा एंटी स्नेक वेनम
बाढ़ के दौरान सांप-बिच्छू और अन्य जीवों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।

राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था होगी। घर छोड़कर शिविरों में आने वाले परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस के जवान रात में पेट्रोलिंग करेंगे।

राजनाथ ने फोन कर ली बाढ़ की जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है और इसके लिए तत्काल धनराशि जारी कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं और प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधायक योगेश शुक्ला व डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और नगर पंचायत इटौंजा अध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्थी समेत प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Post navigation

Previous: सुल्तानपुर हादसा: मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान
Next: hacked by trenggalek6etar

Related Stories

DSC_2399.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

Sarvoday Times 8 hours ago 0
9-75-1791013727-850021-khaskhabar
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

सुल्तानपुर हादसा: मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान

Sarvoday Times 2 days ago 0
0X6AnZLL2b20z6NcOQeHVYhchreVskjO
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

गैस सिलेंडर लेने में आ सकती है दिक्कत, KYC नहीं तो सप्लाई पर रोक

Sarvoday Times 3 days ago 0
| ReviewNews by AF themes.