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हडकंप : दिल्ली में बर्ड फ्लू से 35 कौवो की मौत

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
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बर्ड फ्लू के प्रकोप के बीच बुधवार को मयूर विहार फेज-तीन के एक पार्क में 17 कौवे मरे मिले। उधर, द्वारका और हस्तसाल में भी दो और सोलह कौवे मरे मिले। इससे अफरा-तफरी फैल गई। दिल्ली सरकार के विकास विभाग ने तीनों जगहों से नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। मयूर विहार में लोगों के बीच इस कदर खौफ है कि उन्होंने सुबह की सौर से किनारा कर लिया है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के निर्देश पर पहुंची रैपिड रिस्पांस टीम ने नमूने भरने के बाद मरे पक्षियों को मानक प्रक्रिया के तहत मिट्टी में दबा दिया। मयूर विहार फेज-तीन में दिल्ली नगर निगम के सेंट्रल पार्क के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि अब तक यहां करीब 200 कौवे मर चुके हैं।

विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि डीडीए पार्क द्वारका सेक्टर-9 व उत्तम नगर स्थित हस्तसाल के डीडीए पार्क में तीन-चार दिन से पक्षी मर रहे हैं। सूचना पर शुक्रवार को विभागीय टीम ने दौरा किया और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। इन दोनों जगह करीब 30 पक्षी मरे हैं। मयूर विहार और हस्तसाल से चार-चार और द्वारका से एक नमूना लिया गया है।

विगत बुधवार को केंद्र ने 12 जगहों पर बर्ड फ्लू व इंफ्लेंजा के केंद्र होनी की बात कही थी। इसमें केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश व हिमाचल प्रदेश आदि राज्य शामिल हैं। वहीं, हरियाणा के पंचकूला में पोल्ट्री फॉर्म में हुई बड़ी संख्या में मौत की वजह से राज्य को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एक दिन पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी अधिकारियों को बर्ड फ्लू के प्रकोप को देखते हुए कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं।

वहीं, 11 रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। साथ ही दिल्ली की प्रमुख पॉल्ट्री मार्केट, जलाशयों व चिड़ियाघर आदि पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसमें गाजीपुर फिश मार्केट, शक्ति स्थल लेक, संजय लेक, भलस्वा झील, दिल्ली चिड़ियाघर व डीडीए के पार्क भी शामिल हैं।

मयूर विहार फेज-तीन के सेंट्रल पार्क के आसपास रहने वाले लोग कौवों के मरने के बाद भयभीत हैं। उन्होंने अब पार्क में जाना बंद कर दिया है। इस पार्क में बड़ी संख्या में कौवे हैं। इस कारण इसे कौवों वाला पार्क कहा जाता है। लोगों का कहना है कि कई दिन से कौवों के मरने की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी जा रही थी, लेकिन जांच के लिए टीम शुक्रवार को ही पहुंची। कौवे मरने के कारण पार्क एक हफ्ते से बंद है।

स्थानीय निवासी मयंक श्रीवास्तव के अनुसार, पार्क के कर्मचारियों से भी कौवे मरने की शिकायत की गई थी। अब तक मरे करीब 200 कौवों को पार्क में ही एक किनारे पर दबा दिया गया है। पार्क के माली मनीष कुमार ने बताया कि कौवे मरने की जानकारी निगम प्रशासन को दी गई है। स्थानीय पार्षद जुगनू चौधरी ने बताया कि उन्हें एक दिन पहले गुरुवार रात कौवों के मरने की सूचना मिली थी।

पार्क के आसपास रहने वाले लोगों में बर्ड फ्लू का भय बैठ गया है। स्थानीय निवासी राहुल चौधरी के मुताबिक, वह पहले रोज पार्क में घूमने पहुंचते थे, लेकिन कौवे मरने के बाद मन में डर है। इसीलिए वे तीन-चार दिन से पार्क में नहीं गए हैं। पार्क के बाहर पटरी किनारे दुकान लगाने वालों में भी भय है। स्थानीय दुकानदार प्रवीण के मुताबिक, वह काफी समय से पार्क के बाहर ठेला लगा रहे हैं, लेकिन कौवे मरने के बाद से बर्ड फ्लू का खतरा लग रहा है।

बर्ड फ्लू के मद्देनजर गाजीपुर मंडी में एहतियातन पांच सदस्यीय निगरानी कमेटी गठन किया गया है। इसमें पॉल्ट्री मार्केट एसोसिएशन के पांच लोग हैं। मार्केट एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि यह कमेटी अपने स्तर पर बनाई गई है। इसके सदस्य घूमकर कड़ी निगरानी रखेंगे और जिस पक्षी में बीमार होने के लक्षण पाए जाएंगे, डॉक्टर बुलाकर उसकी जांच कराई जाएगी। शुक्रवार को भी 20 पक्षियों की सैंपलिंग की गई है।

बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर दिल्ली चिड़ियाघर में भी अलर्ट है। पक्षियों के तालाब के आसपास विशेषकर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। एक अधिकारी के अनुसार, चिड़ियाघर में अब तक किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। विशेषकर प्रवासी पक्षियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों की टीम भी चिड़ियाघर में तैनात है। किसी भी पक्षी में हल्की से भी लक्षण मिले तो डॉक्टरों की टीम बचाव में जुट जाएगी।

राजधानी में बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इससे मीट, मुर्गे और अंडे की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दिल्ली मीट मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव इरशाद कुरैशी ने कहा कि बर्ड ग्राहकों में मांस खरीदने के प्रति डर है। उन्होंने बताया कि 200 रुपये प्रतिकिलो वाला चिकन अब 150 में मिल रहा है। इससे पोल्ट्री मार्केट को नुकसान हो रहा है।

कुरैशी ने बताया कि ग्राहकों को आश्वस्त करने के लिए एसोसिएशन ने करीब छह हजार लाइसेंस दुकानदारों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत दुकानों को साफ रखने समेत अन्य प्रावधान लागू करने जरूरी है। निर्माण विहार स्थित दुकानदार राहुल कश्यप ने कहा कि बर्ड फ्लू की वजह से लोगों के चिकन से दूरी बनाने के कारण व्यापार में करीब 90 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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