Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • किसान आंदोलन: किसानों-सरकार के बीच नौवें दौर की बैठक रही बेनतीजा, इस दिन फिर होगी बातचीत
  • दिल्ली
  • देश
  • राजनीति

किसान आंदोलन: किसानों-सरकार के बीच नौवें दौर की बैठक रही बेनतीजा, इस दिन फिर होगी बातचीत

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
Prabhatkhabar_2020-12_810fa7d0-4478-4e8d-8c3b-1db73e325764_12121_pti12_12_2020_000182b

सरकार और आंदोलनकारी किसान नेताओं के बीच एक बार फिर बातचीत बेनतीजा रही. सरकार ने एक बार फिर कृषि क़ानूनों में संशोधन का प्रस्ताव रखा लेकिन किसान नेता इन क़ानूनों को वापस लेने की अपनी मांग पर ही अड़े रहे. अब 19 जनवरी को सरकार और किसान नेताओं के बीच अगली बैठक होगी. ऐसे में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा किसानों का आंदोलन अभी जारी रहेगा क्योंकि सरकार और किसान नेताओं के बीच एक बार फिर सुलह का कोई रास्ता नहीं निकल पाया है.

9वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा ही रही

बता दें कि शुक्रवार को दोनों के बीच 9वें दौर की बातचीत में दोनों पक्षों ने अपना पुराना राग ही अलापा. सरकार ने दोहराया कि वो क़ानूनों में संशोधन के लिए तैयार है, जबकि किसान नेताओं ने क़ानून वापस लेने की मांग दोहराई. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से लचीला रुख़ अपनाने की अपील की. हालांकि बैठक में सरकार ने किसानों से अपना एक अनौपचारिक ग्रुप बनाने के लिए कहा ताकि सरकार के सामने ठोस प्रस्ताव रखा जा सके.

मंत्री पीयूष गोयल ने किसानों के हर सवाल का दिया जवाब

बैठक में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने तीन क़ानूनों में से एक, आवश्यक वस्तु संशोधन क़ानून के बारे में किसानों को विस्तार से बताया और किसानों के सवालों का जवाब दिया. बैठक में किसानों ने हरियाणा में कुछ किसानों पर हुई एफआईआर और पंजाब के कुछ ट्रांसपोर्टरों पर एनआईए (NIA ) की ओर से कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया. 8 जनवरी को हुई पिछली बैठक में किसान नेताओं और सरकार के बीच बातचीत ख़त्म होने की कगार पर पहुंच गई थी क्योंकि किसानों ने क़ानूनों को वापस लिए जाने पर ही बात करने की शर्त रख दी थी.

किसानों नें सरकार को बातचीत जारी रखने का दिया प्रस्ताव

बैठक से पहले विज्ञान भवन पहुंचे किसान नेताओं के तेवर से लग रहा था कि वो आर पार के मूड में हैं लेकिन बैठक में न केवल उन्होंने सरकार की बात सुनी बल्कि बातचीत जारी रखने का प्रस्ताव भी दिया. इसकी बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट का आदेश बताया जा रहा है जिसमें कोर्ट ने किसानों से बातचीत के लिए एक कमिटी का गठन किया है. किसान कमिटी में नहीं जाना चाहते हैं और इसलिए कमिटी से बातचीत की बजाए सरकार से बात करना बेहतर समझ रहे हैं. 19 जनवरी की प्रस्तावित बैठक में एमएसपी पर किसानों की मांग को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है.

Post navigation

Previous: रिषभ पंत को इस वजह से शेन वॉर्न और मार्क वॉ ने दी नसीहत, बोले- दायरे में रहकर करें अपना काम
Next: देश में बर्ड फ्लू के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने दिए ये निर्देश

Related Stories

Akhilesh-yadav-OP-Rajbhar-(1)-1786638338485 (1)
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • मुख्य समाचार

सपा भ्रष्टाचार की बात करे, यह अजूबा है’… अखिलेश पर अनिल राजभर का सीधा हमला

Sarvoday Times 2 months ago 0
aaajad-1200x900
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • मेन स्लाइड

2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’… दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश पर तीखा हमला

Sarvoday Times 2 months ago 0
images (2)33
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • मेन स्लाइड

यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन

Sarvoday Times 2 months ago 0
| ReviewNews by AF themes.