Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • Birthday Special: मनोज बाजपेयी भी कर चुके हैं मौत को गले लगाने का प्रयास, जाने क्यों और….
  • देश
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मेन स्लाइड

Birthday Special: मनोज बाजपेयी भी कर चुके हैं मौत को गले लगाने का प्रयास, जाने क्यों और….

Sarvoday Times 5 years ago (Last updated: 5 years ago) 1 minute read 0 comments
download (2)

मुंबई। बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी 23 अप्रैल को अपना 52वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। एक्टर का जन्म 23 अप्रैल 1969 को बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले के एक छोटे से गांव बेलवा में हुआ था। मनोज बाजपेयी बचपन से ही अमिताभ बच्चन की फिल्मों को देख एक्टर बनना चाहते थें। वहीं, एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने के बाद एक्टर एक बार सुसाइड करने की भी सोच चुके हैं। तो चलिए मनोज बाजपेयी के जन्मदिन पर हम आपको बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ा ये अहम किस्सा-

मनोज का घर परिवार

मनोज बाजेपेयी के पिता गांव में खेती किया करते थे और उनकी मां हाउस वाइफ थीं। एक्टर के पांच भाई बहन हैं। जिसमें वो दूसरे नंबर पर आते हैं। मनोज की शुरुआती पढ़ाई बिहार के बेतिया में हुई। इसके बाद एक्टर 17 साल की उम्र में दिल्ली पहुंचे और दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। इसके बाद ही मनोज ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन पाने के लिए जी जान लगा दी। हालांकि, इस दौरान उन्हें तीन बार रिजेक्शन झेलनी पड़ी। जिससे वो काफी टूट गएं।

सुसाइड करने की थी ठानी

नेशनल अवॉर्ड विनर मनोज बाजपेयी ने हाल ही में शॉकिंग खुलासा कर हर किसी को हैरान कर दिया था। एक्टर ने बताया था कि वो स्ट्रगल के दिनों में काफी टूट चुके थें और सुसाइड कर अपनी जिंदगी को खत्म करने वाले थे। एक इंटरव्यू के दौरान मनोज ने कहा,’मैंने थिएटर किया, जिसके बारे में मेरे परिवार को आइडिया नहीं था। आखिर में मैंने अपने पिता को एक लेटर लिखा। इस बात से वह काफी नाराज हुए वह 200 रुपये भेजा करते थे, मेरे से गुस्से में उन्होंने वो नहीं भेजे। परिवार सोचता था कि मैं किसी काम का नहीं। मैं एक्टिंग में करियर बनाना चाहता था, लेकिन मैं एक आउटसाइडर था। मैं बीच में फिट होने की कोशिश में लगा हुआ था।’

दोस्तों ने दिया साथ

मनोज बाजपेयी ने बातचीत में आगे बताया कि,’मैंने हिंदी-इंग्लिश बोलनी सीखी और भोजपुरी तो मेरी भाषा थी तो इस पर मेरी अच्छी पकड़ थी। इसके बाद मैंने एनएसडी के लिए ट्राई किया लेकिन तीन बार रिजेक्ट हुआ। मैं सुसाइड करने का ही सोच रहा था, ऐसे में मेरे दोस्तों ने मेरा बहुत साथ दिया। वह मेरे बराबर में सोने लगे और देखते कि मैं ठीक तो हूं। जब तक मुझे इस इंडस्ट्री ने अपना नहीं लिया सभी मेरे साथ रहे।’

मनोज ने अपने इस पूरे एक्सपीरियंस को ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘मैं एक किसान का बेटा हूं। बिहार के एक गांव में पला-बढ़ा। हम पांच भाई बहन हैं। हम झोपड़ी के स्कूल में जाया करते थे। बहुत सरल जीवन गुजारा लेकिन जब भी हम शहर जाते थे तो थियेटर भी जाते। मैं बच्चन का फैन था और उनके जैसा बनना चाहता था।’

About the Author

Sarvoday Times

Editor

View All Posts

Post navigation

Previous: महिलाएं नहीं जानती होंगी हेयर रिमूवल के यह खास फायदे
Next: 23 अप्रैल का राशिफल:- जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, पढ़िए अपना राशिफल

Related Stories

14091-honey-bee
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

Sarvoday Times 4 hours ago 0
e3fb39c6ae8f74a2b3b564335c59bf741748096939207487_original
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

Sarvoday Times 4 hours ago 0
1780413707-3418
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

Sarvoday Times 4 hours ago 0
| ReviewNews by AF themes.