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कोविड नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनायी गयी रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे: मुख्यमंत्री

Sarvoday Times 5 years ago (Last updated: 5 years ago) 1 minute read 0 comments
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि कोविड नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनायी गई रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में इस वैश्विक महामारी का संक्रमण लगातार कम हो रहा है। एक्टिव केसेज की संख्या में निरन्तर कमी आ रही है। 30 अप्रैल, 2021 को प्रदेश में 03 लाख से अधिक कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले थे। विगत 11 दिन में संक्रमण के एक्टिव मामलों में 01 लाख 04 हजार से अधिक की कमी आयी है। पिछले 24 घण्टों में संक्रमण के 18,125 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि विगत 24 अप्रैल को कोरोना के 38,000 से अधिक नये मामले आये थे। इस प्रकार प्रतिदिन मिलने वाले नए मामलों की संख्या में लगभग 20,000 की कमी आयी है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रदेश में कोरोना के बचाव एवं उपचार की व्यवस्था को निरन्तर सुदृढ़ और प्रभावी बनाए रखें। टेस्टिंग की कार्यवाही को तेजी से बढ़ाया जाए। प्रतिदिन कोरोना के 03 लाख से 3.25 लाख टेस्ट किये जाएं। इनमें से आर0टी0पी0सी0आर0 विधि से 1.5 लाख टेस्ट तथा 1.5 लाख से 1.75 लाख टेस्ट रैपिड एण्टीजन माध्यम से किये जाएं। शेष टेस्ट ट्रूनैट विधि से किये जाएं। आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्ट की रिपोर्ट यथाशीघ्र उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देते हुए आर0टी0पी0सी0आर0 की रिपोर्ट 24 घण्टे में उपलब्ध कराने पर फोकस किया जाए। टेस्टिंग लैब की क्षमता के अनुसार ही सैम्पल उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विशेष जांच अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निगरानी समितियों और आर0आर0टी0 के मध्य बेहतर तालमेल पर बल देते हुए कहा कि निगरानी समितियों द्वारा चिन्हित किये गये लक्षणयुक्त अथवा संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लोगों के एण्टीजन टेस्ट आर0आर0टी0 द्वारा तत्काल किये जाएं।
मुख्यमंत्री जी कोरोना संक्रमण से बचाव एवं इसके उपचार हेतु सुझाव देने के लिए गठित चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाहकार समिति की संस्तुतियों पर कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन का निर्देश देते हुए कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, समिति के सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ‘ब्लैक फंगस’ बीमारी के सम्बन्ध में चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाहकार समिति से विचार-विमर्श करके, इस संक्रमण से बचाव व उपचार के लिए अपनायी जाने वाली कार्ययोजना प्रस्तुत करें।
कोरोना वैक्सीनेशन के कार्य की निरन्तर प्रभावी ढंग से संचालित किये जाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके लिए वैक्सीन की निरन्तर उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। वैक्सीन की आपूर्ति पर्याप्त संख्या में बनी रहे, इसके लिए सम्बन्धित प्रतिष्ठानों को अग्रिम भुगतान पर विचार किया जाए। प्रत्येक दशा में वैक्सीनेशन का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए। वैक्सीन वेस्टेज को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए वैक्सीनेशन केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के सम्बन्ध में कार्य योजना तैयार की जाए। दिव्यांगजन, अशक्त लोगों, ग्रामीण महिलाओं, श्रमिकों के वैक्सीनेशन हेतु कार्य योजना बनायी जाए। इन वर्गाें के वैक्सीनेशन हेतु जन सुविधा केन्द्रों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराकर प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर टीकाकरण किया जाए। उन्होंने टीकाकरण केन्द्रों पर कोविड प्रोटोकाॅल का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संक्रमित पाये जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का उपचार तत्काल प्रारम्भ कर दिया जाए। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कोविड बेड की संख्या बढ़ाने की कार्यवाही लगातार चलनी चाहिए। सभी जनपदों में बेड की संख्या में वृद्धि के लिए निरन्तर प्रयास किये जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि विगत दिवस प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 500 बेड की संख्या बढ़ी है। इनमें से अधिकतर आई0सी0यू0 बेड हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में उपलब्ध वेंटिलेटर्स तथा आॅक्सीजन कंसन्ट्रेटर को कार्यशील रखा जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होम आइसोलेशन के शत-प्रतिशत मरीजों को मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। इस कार्य में बिल्कुल भी शिथिलता न बरती जाए। प्रत्येक जरूरतमंद को एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। ‘108’ सेवा की 75 प्रतिशत एम्बुलेंस को कोविड कार्य में संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी एम्बुलेंस संचालकों द्वारा मनमाना किराया न वसूला जाए। रेमडेसिविर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। उन्होंने सभी जनपदों में इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ और प्रभावी बनाये रखने के लिए स्वास्थ्य राज्य मंत्री को सभी जनपदों से संवाद बनाकर माॅनिटरिंग के लिए कहा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में आॅक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे जरूरतमंद मरीजों तथा अन्य बीमारियों के गम्भीर मरीजों को उनकी आवश्यकतानुसार आॅक्सीजन उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने प्रदेश में निर्माणाधीन आॅक्सीजन संयंत्रों की नियमित माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत दिवस में प्रदेश में 1,014 मीट्रिक टन आॅक्सीजन की आपूर्ति की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कण्टेनमेण्ट जोन में डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को प्रभावी बनाकर रखा जाए। नगरीय क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन व्यवस्था को और प्रभावी बनाएं। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण एवं गेहूं क्रय की कार्यवाही कोरोना प्रोटोकाॅल को अपनाते हुए जारी रखी जाए। खाद्यान्न वितरण के लिए राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश हेतु भूसा बैंक की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। 500 से अधिक गोवंश वाली गौशालाओं को ऊर्जा केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि औद्योगिक इकाइयों में इन्फ्रारेड थर्मामीटर व पल्स आॅक्सीमीटर युक्त 01 लाख 02 हजार से अधिक कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की गयी हैं। 1,301 बड़ी औद्योगिक इकाइयों में कोविड केयर सेण्टर स्थापित किये गये हैं, जिनमें कुल 3,718 बेड की व्यवस्था है।
समीक्षा में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अतुल गर्ग तथा वरिष्ठ अधिकारीगण सम्मिलित हुए।

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