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आइये जाने क्या है नए साल 2022 की अमावस्या की तारीखें

Sarvoday Times 5 years ago (Last updated: 5 years ago) 0 comments
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नए साल 2022 का प्रारंभ कुछ दिनों में ही होने वाला है. हिन्दू कैलेंडर के पौष माह का कृष्ण पक्ष चल रहा है. इस माह की 15वीं तिथि यानी अमावस्या का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व होता है. पौष अमावस्या के दिन स्नान, दान का महत्व है.

इस दिन पितरों को भी याद किया जाता है और उनकी तृप्ति के लिए पिंडदान, तर्पण या श्राद्ध कर्म​ किया जाता है. जिन लोगों को पितृ दोष होता है, वे लोग भी अमावस्या के दिन ही उपाय करते हैं. आइए जानते हैं कि पौष अमावस्या कब है और नए साल 2022 में कब कब अमावस्या है?

पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 02 जनवरी 2022 दिन रविवार को तड़के 03 बजकर 41 मिनट पर हो रहा है. इस ति​थि का समापन उसी दिन देर रात 12 बजकर 02 मिनट पर हो रहा है. ऐसे में पौष माह की अमावस्या 02 जनवरी 2022 को है.

नए साल 2022 की अमावस्या तारीखें
02 जनवरी, रविवार: पौष अमावस्या
01 फरवरी, मंगलवार: माघ अमावस्या, मौनी अमावस्या
02 मार्च, बुधवार: फाल्गुन अमावस्या
01 अप्रैल, शुक्रवार: चैत्र अमावस्या
30 अप्रैल, शनिवार: वैशाख अमावस्या
30 मई, सोमवार: ज्येष्ठ अमावस्या
29 जून, बुधवार: आषाढ़ अमावस्या
28 जुलाई, गुरुवार: श्रावण अमावस्या
27 अगस्त, शनिवार: भाद्रपद अमावस्या
25 सितंबर, रविवार: अश्विन अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या
25 अक्टूबर, मंगलवार: कार्तिक अमावस्या
23 नवंबर, बुधवार: मार्गशीर्ष अमावस्या
23 दिसंबर, शुक्रवार: पौष अमावस्या

वैसे तो हर अमावस्या महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इसमें भी मौनी अमावस्या, कार्तिक अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. मौनी अमावस्या और कार्तिक अमावस्या के दिन नदी स्नान और दान का महत्व है,

लेकिन सर्वपितृ अमावस्या पितरों के लिए विशेष होता है. सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष में होता है. इस तिथि को आप अपने सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों की आत्मा को तृप्त कर सकते हैं और उनके लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान आदि कर सकते हैं.

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