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यूपी: MBBS छात्रों को दुर्भावना से किया फेल, जांच के बाद 85% तक अंक, निदेशक निलंबित…

Sarvoday Times 2 years ago (Last updated: 2 years ago) 1 minute read 0 comments
sdktgeiro

इंटर्नल परीक्षा में जबरन फेल करने की लंबी लड़ाई कर रहे सरस्वती मेडिकल कॉलेज, उन्नाव के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों को राजभवन के निर्देश पर छत्रपति शाहूजी महाराज विवि ने राहत दी है। विवि ने सभी फेल छात्रों को पास कर रिजल्ट वेबसाइट पर अपडेट कर दिया है। साथ ही छात्रों से दुर्व्यवहार, अभद्रता की शिकायत पर एग्जक्यूटिव निदेशक डॉ. सौरभ कंवर को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है।

सरस्वती मेडिकल कॉलेज उन्नाव का है। एमबीबीएस तृतीय वर्ष के 16 छात्र-छात्राओं ने राजभवन में जबरन उनको फेल करने व प्रताड़ित करने की शिकायत की थी। छात्रों ने मैनेजमेंट के ऊपर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे। छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

डॉ. कंवर को निलंबित कर कैंपस खाली करने का निर्देश
इसके बाद प्रो. पाठक ने गुरुवार को कॉलेज प्रशासन व शिकायत करने वाले छात्रों की समस्याएं सुनीं। साथ ही कॉलेज प्रशासन को तलब किया। कुलपति ने एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. सौरभ कंवर को कैंपस में रहने व प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया। कुलपति की कार्रवाई के बाद कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरएन श्रीवास्तव ने एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. सौरभ कंवर को निलंबित कर कैंपस खाली करने का निर्देश दिया है।

चार सदस्यीय कमेटी गठित
कुलपति प्रो. पाठक ने मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय कमेटी गठित की। इसमें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रो. ऋचा गिरी, विवि की प्रो. अंशु यादव, प्रो. अनुराधा कालानी व डिप्टी रजिस्ट्रार अंजलि मौर्या शामिल हैं।

यह थी शिकायत
16 छात्रों ने आंतरिक परीक्षा में जबरन फेल करने की शिकायत की थी। कॉलेज ने गलती मानी। कॉलेज ने सफाई में कहा कि अंकचार्ट में गलती हो गई।
छात्राओं ने दुर्व्यवहार व प्रताड़ना की शिकायत की है। छात्राओं ने एग्जीक्यूटिव निदेशक पर कई गंभीर आरोप लगाए। जिसमें कुलपति ने जांच कमेटी गठित की और तत्काल निदेशक को निलंबित कर दिया।

मेडिकल कॉलेज के ई़डी पर एमबीबीएस की छात्रा से छेड़छाड़ की रिपोर्ट
सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल की एमबीबीएस की छात्रा ने कॉलेज के ईडी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) पर छेड़छाड़ और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि पहले उसे लालच देकर उसके सामने आपत्तिजनक प्रस्ताव रखा और न मानने पर फेल करने की धमकी देकर लगातार परेशान करते रहे। एक साल से परेशान छात्रा व उसके परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की। इसके बाद एफआईआर दर्ज हुई। गुरुवार को सीओ सिटी ने कॉलेज जाकर जांच की।

कमरे में बंद कर लालच देकर रखा आपत्तिजनक प्रस्ताव
सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर बताया कि नीट 2019 के माध्यम से उसे इस मेडिकल कॉलेज प्रवेश मिला था। घटना 24 नवंबर 2033 की है। वह अपनी क्लास में थी, तभी कॉलेज के ईडी सौरभ कंवर ने उसे एक कर्मचारी के माध्यम से अपने कक्ष में बुलाया और बहुत आपत्तिजनक बातें करने लगे।

न मानने पर फेल करने की धमकी
पीड़ित छात्रा के मुताबिक उन्होंने पहले लालच देते हुए कहा कि उसे कॉलेज की पॉवर दे देंगे। इसके बदले में उनकी बात माननी होगी। आरोप है कि उन्होंने 1.5 लाख कीमत का मोबाइल फोन दिलाने को भी कहा। इसके बाद धमकी दी कि अगर उसने (छात्रा ने) बात नहीं मानी, तो एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी नहीं करने देंगे। उन्होंने यह बात किसी को भी न बताने की धमकी भी दी।

चार घंटे तक बिना वह गेट पर रोका
दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक उसे अपने कक्ष में बंधक बनाकर रखा। शाम को वहां से निकलने के बाद फोन करके परिजनों को आपबीती बताई। इसके बाद से ई़डी अक्सर उसे अपने कक्ष में परेशान करने लगे। इसके बाद छह सितंबर 2023 को फीस जमा करने का बहाना करके चार घंटे तक गेट पर रोके रखा गया। जबकि उसकी पूरी फीस पहले से जमा थी।

ईडी से मिले, तो बताया कुछ खास बच्चे फेल हैं
पीड़ित छात्रा के अनुसार 20 दिसंबर 2023 को फोरेंसिक मेडिसिन का प्रैक्टिकल था। उसमें भी रोल नंबर होल्ड करा दिया। 14 फरवरी 2024 को करीब एक बजे तृतीय वर्ष का रिजल्ट आया जिसमे वह पास है। लेकिन साइट बंद होने के बाद रात को आठ बजे खुली, तो उसमें मेरा (छात्रा) का रिजल्ट डाटा इन दिखाने लगा। दूसरे दिन वह और अन्य छात्र ई़़डी से मिले, तो बताया कि कुछ खास बच्चे फेल हैं।

सीओ सिटी को सौंपी गई जांच
इसके बाद डाटा इन हटाने के नाम पर धमकी दी गई। आरोप है कि अक्सर ई़डी चेकिंग के बहाने छत्रावास में उसके कमरे तक आ जाते थे। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से ई़डी को हटाने की भी मांग की है। मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर 16 मार्च 2024 को सोहरामऊ थाने में ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सोहरामऊ एसओ केके दुबे ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच की जा रही है। वहीं, सीओ सिटी सोनम सिंह ने घटना की जांच शुरू की है। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचकर छात्रा व अन्य के बयान दर्ज किए।

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