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26 सितंबर को मनाई जाएगी भाद्रपद पूर्णिमा

Sarvoday Times 3 weeks ago 1 minute read 0 comments
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हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह में आने वाली पूर्णिमा को भाद्रपद पूर्णिमा (Bhadrapada Purnima 2026) कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। इसी दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान विष्णु और पितरों की पूजा-अर्चना करने का विधान है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, साधना करने से भक्त को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। आइए इस आर्टिकल में हम आपको भाद्रपद पूर्णिमा की तिथि, शुभ मुहूर्त और उपायों के बारे में बताते हैं।

भाद्रपद पूर्णिमा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Bhadrapada Purnima 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 25 सितंबर को रात 11 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 26 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन चन्द्रोदय शाम को 06 बजकर 09 मिनट पर होगा।

26 सितंबर को पूजा के शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05 बजकर 33 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 23 मिनट से 03 बजकर 11 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 48 मिनट तक
निशिता मुहूर्त- रात 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक

भाद्रपद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
इस शुभ तिथि पर भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की विशेष पूजा-अर्चना करने का बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने से भक्त के जीवन में आने वाले सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व है। पूजा करने के बाद मंदिर में या गरीब लोगों को जरूरी चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और घर में हमेशा अन्न-धन के भंडार भरे रहते हैं।

ऐसे करें आर्थिक स्थिति मजबूत
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने का बहुत अधिक महत्व है। पूर्णिमा के दिन एक लोटे में जल और कच्चा दूध मिलाकर चंद्र देव को अर्पित करें, क्योंकि इस दिन चन्द्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्र देव को अर्घ्य देने से मानसिक अशांति से छुटकारा मिलता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही, चंद्र देव की कृपा से जीवन में खुशियों का आगमन होता है।

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