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मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज विभाग के कार्यां की समीक्षा की

Sarvoday Times 9 months ago (Last updated: 9 months ago) 1 minute read 0 comments
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायतीराज विभाग के कार्यां की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर तभी बन सकता है, जब हमारी ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनें। ग्राम पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उत्सव भवन का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रम के लिए किया जाए। अन्य दिनों में उत्सव भवन का उपयोग योग/वेलनेस से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाए। सहालग के दौरान कई मांगलिक कार्यक्रम होने पर समय तय कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को उत्सव भवन का लाभ दिया जाए। ब्लॉक स्तर पर योजना का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में सी0एस0आर0, विधायक निधि तथा मातृभूमि योजना के अन्तर्गत सहयोग लिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने मातृभूमि योजना से उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अपना सहयोग देने वाले प्रवासियों के पूर्वजों के नाम पर परियोजना का नाम रखा जाए। साथ ही, ऐसे प्रवासियों को प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लें।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 9.67 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 4.79 लाख शौचालय निर्मित हो चुके हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में देश में निर्मित कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हुए हैं।
अधिकारियों ने यह भी अवगत कराया कि 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन इकाई के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 103 इकाइयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन इकाइयों से 304 विकास खण्ड और नगरीय एम0आर0एफ0 से 515 विकास खण्ड आच्छादित हैं। 132 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। इस पर मुख्यमंत्री जी ने सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी के समक्ष जिला पंचायतों द्वारा राजस्व वसूली का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायतों द्वारा 334.10 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली प्राप्त हुई थी, जो लक्ष्य के सापेक्ष 81.23 प्रतिशत थी। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवम्बर माह तक 271.48 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 140.89 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के लिये मुख्यमंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों की सराहना करते हुए राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में देश में विकसित व सफल पद्धति के माध्यम से सीवर और ड्रेनेज के पानी को शुद्ध किया जा सकता है, जिसका इस्तेमाल खेती के साथ-साथ बागवानी के लिए किया जाए। प्रदेश में 160 एफ0एस0टी0पी0 के निर्माण का कार्य अति शीघ्र प्रारम्भ किए जाए। उन्होंने अधिकारियों से इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि प्रदेश में 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कम्प्यूटर व फर्नीचर की क्वालिटी उत्कृष्ट हो तथा पुस्तकें स्थानीय छात्र-छात्राओं की आवश्यकता के अनुरूप हों, इसका विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि हर ग्राम पंचायत में यथासम्भव इण्टीग्रेटेड कैम्पस बनाया जाए, जहां विद्यालय, उत्सव भवन, खेल का मैदान, ओपन जिम, पार्क, मॉडल शॉप आदि की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि इण्टीग्रेटेड कैम्पस के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। इनका निर्माण ऐसे स्थान पर हो, जहां पर हर किसी की पहुंच आसान हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल की व्यवस्था की जाए। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाए। साथ ही, लाभार्थियों का सत्यापन व नए लाभार्थियों का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय और अन्य स्थानों पर 15 से 16 लोगों को सरकार द्वारा रोजगार दिया गया है। सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को माध्यम बनाया जाए। ग्राम पंचायतों में आय के स्रोत बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए तथा ग्राम पंचायतों की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि पंचायतीराज विभाग के सभी अधिकारियों की वर्ष में एक बार लखनऊ में भौतिक रूप से बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। इसके अलावा, हर माह वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग एक-एक कार्य की मॉनीटरिंग का एक मजबूत सिस्टम विकसित करे, ताकि समय से योजनाएं पूरी हो सकें।

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