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महामारी के दौरान निजी अस्पतालों को कमाई के बजाय जनसेवा को महत्व देने की जरूरत: स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
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हरियाणा के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के नाम पर लूट पर सरकार सख्त है। सरकार ने मनमानी पर रोक लगाने का मन बना लिया है। निजी अस्पताल इलाज के मनमाने रेट नहीं वसूल सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग जल्दी इलाज के दाम तय करने जा रहा है। उससे अधिक रेट लेने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

निजी कोविड अस्पताल संक्रमितों को इलाज के लिए मना नहीं कर पाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि निजी अस्पतालों के मनमाने दाम वसूलने की शिकायतें मिली हैं।

जिनका समाधान निकाल रहे हैं। कोरोना टेस्ट का रेट पहले ही 2400 रुपये किया जा चुका है। महामारी के दौरान कमाई के बजाय जनसेवा को महत्व देने की जरूरत है। कोविड के बढ़ते मामलो को देखते हुए मेडिकल छात्रों की सहायक के तौर पर मदद ली जाएगी। इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं।

अनिल विज ने भारत-चीन विवाद पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह जवाहर लाल नेहरू का भारत नहीं है। जिन्होंने 1962 में पिटवा दिया। यह नरेंद्र मोदी का भारत है जो जवाब देना जानता है।

कांग्रेस के समय में चीन-भारत का बहुत बड़ा हिस्सा छीन कर ले गया। उन्हें इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। चीनी सामान के बहिष्कार को चीन के भारत के लिए खुदकुशी करार देने पर विज ने कहा कि चीन ने क्या कहा, इससे फर्क नहीं पड़ता। बार-बार पीठ पर छुरा घोंपने वाले देश के सामान का भारत के लोग इस्तेमाल नहीं करेंगे। लोग खुद इसका विरोध कर रहे हैं।

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट टेक्निकल अपरेंटिस (ऑन जॉब ट्रेनिंग) लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के 22 जिला नागरिक अस्पतालों में प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। हर जिले के अस्पताल में अधिनियम 1961 के तहत राष्ट्रीय अपरेंटिसशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम से पांच-पांच टेक्निकल अपरेंटिस रखे जाएंगे।

अधिनियम के अनुसार 8000 रुपये प्रति अपरेंटिस मासिक स्टाइपंड दिया जाता है, जिसमें से केंद्र की ओर से हर अपरेंटिस के लिए 1500 रुपये मासिक की दर से प्रतिपूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में चेन्नई, मुंबई, कोलकाता तथा कानपुर चार अपरेंटिसशिप प्रशिक्षण बोर्ड हैं और उत्तरी क्षेत्र का केंद्रीय कार्यालय कानपुर में है।

हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करते हुए सरकार 27 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदेगी। ताकि इमरजेंसी में मरीजों की जान बचाई जा सके।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (एचएमएससीएल) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत राज्य बजट के तहत 27 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और 47 मेडिकल मोबाइल यूनिट की खरीद के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

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