Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • लखनऊ के नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप संयुक्ता भाटिया ने की जांच की सिफारिश
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • मेन स्लाइड

लखनऊ के नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप संयुक्ता भाटिया ने की जांच की सिफारिश

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
IMG-20200706-WA0075

उत्तर प्रदेश के लखनऊ नगर निगम में हुए भ्रष्टाचार और उसमें नगर आयुक्त की भूमिका पर संदेह जताते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने आला अधिकारियों की ईओडब्ल्यू और सतर्कता विभाग से जांच की सिफारिश कर दी है.

महापौर ने इस संबंध में शासन को गोपनीय पत्र भेजकर नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी और चीफ इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की जांच की सिफारिश की है.

इस संबंध में उन्होंने प्रमुख सचिव, लखनऊ के प्रभारी मंत्री, नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री तक को पत्र भेजा है.

पत्र के मुताबिक नगर निगम के आला अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां खरीद रखी हैं.

इसके अलावा अधिकारी अपने रिश्तेदारों और चहेतों को टेंडर दिलाने का काम करते हैं लेकिन टेंडर न मिलने पर टेंडर तक निरस्त कर देने की शिकायतें हुई हैं.

इस मामले में विरोध करने वालों की जांच कराकर फंसाने की कोशिश करने जैसी शिकायतों का हवाला देते हुए सतर्कता जांच की मांग की है.

महापौर की ओर से लिखे गोपनीय पत्र के मुताबिक तेलीबाग निवासी शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए 28 जून को नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता पर लूटपाट, भ्रष्टाचार,

काले धन को ठिकाने लगाने के लिए बेनामी संपत्ति संग्रह को लेकर शिकायती पत्र लिखा था. शिकायतकर्ता ने पत्र के अलावा कई प्रपत्र और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है, जिसके आधार पर सतर्कता जांच निष्पक्ष कराने की मांग की गई है.

शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में विभाग में पहले भी हो चुके भ्रष्टाचार मामले में 81 लाख रुपये की रिकवरी का भी हवाला दिया है.

बता दें कि इससे पहले भी महापौर नगर आयुक्त लखनऊ व अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पीसीएस एसोसिएशन डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी के खिलाफ शासन को पत्र लिख चुकी हैं.

महापौर ने कोविड-19 के दौरान सैनिटाइजेशन के नाम पर हुए भ्रष्टाचार पर भी आपत्ति जताते हुए नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी को एक पत्र भी लिखा था.

महापौर ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि राजधानी के कोरोना हॉटस्पाट इलाकों में सैनिटाइजेशन के नाम पर भ्रष्टाचार कर लाखों रुपए हजम किए जा रहे हैं.

इस पर उन्होंने जांच की अपील करते हुए दोषियों पर सख्त कार्यवही के निर्देश भी दिए थे. हालांकि नगर आयुक्त ने महापौर के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया.

About the Author

Sarvoday Times

Editor

View All Posts

Post navigation

Previous: राम मंदिर के भूमिपूजन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही ये बड़ी बात
Next: योग संस्थानों और व्यायामशालाओं को पांच अगस्त से खोलने की अनुमति

Related Stories

14091-honey-bee
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

Sarvoday Times 37 minutes ago 0
e3fb39c6ae8f74a2b3b564335c59bf741748096939207487_original
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

Sarvoday Times 41 minutes ago 0
1780413707-3418
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

Sarvoday Times 44 minutes ago 0
| ReviewNews by AF themes.