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15 हजार का कर्ज चुकाने के लिए पति-पत्नी ने 15 महीने की बंधुआ मजदूरी, कर्ज बढ़कर हुआ 50 हजार:-

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
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मध्यप्रदेश के गुना जिले में बंधुआ मजदूरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने एक साहूकार से 20 हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसे न चुका पाने पर व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ साहूकार के यहां पिछले 15 महीने से बंधुआ मजदूरी कर रहा था।

इनसे एक बार का लिया कर्ज़ पुश्तें चुकाती हैं

हैरानी की बात है कि 15 महीने की मजदूरी के बाद भी उसका कर्ज खत्म नहीं हुआ, बल्कि साहूकार ने इसे ब्याज के साथ बढ़ाकर 50 हजार रुपये बना दिया। मामला सामने आने के बाद दंपत्ति को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करा लिया गया है और उनके पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं।
बंधुआ मुक्ति मोर्चा के जनरल सेक्रेटरी निर्मल अग्नि के अनुसार जब उन्हें इस शर्मनाक मामले की जानकारी मिली तब उन्होंने प्रशासन के सहयोग से दंपत्ति को कश्मीरा सरदार नाम के साहूकार के यहां से मुक्त कराया। इसके बाद दंपत्ति को गुना के एसडीएम के सामने पेश किया गया।

उन्होंने कहा कि दंपत्ति को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराने के साथ-साथ अब उसकी मूल आवश्यकताओं को पूरा करने की कोशिश की जा रही है जिससे वह सम्मानपूर्ण जिंदगी जी सके। एसडीएम गुना द्वारा युगल जोड़ी का बयान बंधुआ मजदूरी प्रथा उन्मूलन अधिनियम 1976 के तहत दर्ज कर लिया और मजदूरों को अस्थाई रूप से आश्रय प्रदान किया गया।

गुना एसडीएम प्रशासन की ओर से युगल जोड़ी को मुक्ति प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन ने बताया कि बंधुआ मजदूरी प्रथा उन्मूलन अधिनियम 1976 की धारा 16,17 के तहत मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए और बंधुआ मजदूरों की पुनर्वास की योजना 2016 के तहत मुक्त प्रति बंधुआ मजदूरों को 20,000 रुपये की राशि तत्काल सहायता के रूप में उक्त दोनों मजदूरों को 40,000 रुपये प्रशासन की तरफ से दिए जाने चाहिए।

इसी क्रम में आर्थिक पुनर्वास के रूप में मुक्त महिला बंधुआ मजदूर को दो लाख रुपये औऱ मुक्त पुरुष बंधुआ मजदूर एक लाख रुपये पुनर्वास की राशि का हकदार है। साथ ही इन दोनों मजदूरों को खेती करने के लिए पांच एकड़ जमीन, राशन कार्ड, नरेगा के तहत जॉब कार्ड और स्वास्थ्य की सुविधा तत्काल मुवैया करवानी चाहिए।

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