Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • सेबी के फैसले के खिलाफ किशोर बियानी ने SAT का दरवाजा खटखटाया
  • देश
  • बिजनेस

सेबी के फैसले के खिलाफ किशोर बियानी ने SAT का दरवाजा खटखटाया

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
download

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) के प्रमोटर रहे किशोर बियानी को सिक्योरिटीज बाजार से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. इसके अलावा उनके भाई अनिल बियानी और फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज लिमिटेड (FCRL) पर भी बैन लगाया गया है. अब सेबी के इस फैसले के खिलाफ किशोर बियानी, उनके भाई और FCRL ने सिक्युरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) का दरवाजा खटखटाया है.

दरअसल, SEBI ने बियानी भाइयों और FCRL पर यह बैन इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों के बाद लगाया. सेबी की ओर से इसकी जानकारी 3 फरवरी को दी गई. बियानी भाइयों और FCRL पर 2017 में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के शेयर्स में कथित तौर पर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप है.

सेबी ने बियानी बंधु और FCRL पर फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के शेयर खरीदने, बेचने या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्रकार का सौदा करने पर 2 साल के लिए बैन लगाया है. यानी वह एक साल तक अब शेयर बाजार में कारोबार नहीं कर पाएंगे. सेबी ने किशोर बियानी, अनिल बियानी और फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज पर एक करोड़ रुपये प्रत्येक का जुर्माना भी लगाया है. तीनों से कहा गया है कि वे गलत तरीके से कमाए 17.78 करोड़ रुपये वापस करें.

इनसाइडर ट्रेडिंग को भेदिया कारोबार भी कहते हैं. निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने भेदिया कारोबार पर रोक लगाई है. जब किसी कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़ा कोई आदमी उसकी अंदरूनी जानकारी होने के आधार पर उसके शेयर खरीद या बेचकर गलत ढंग से मुनाफा कमाता है तो इसे इनसाइडर ट्रेडिंग या भेदिया कारोबार कहा जाता है. इसके तहत सार्वजनिक न होने वाले न होने वाले मूल्य संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) का दुरुपयोग करके शेयर बाजार में अवैध कमाई करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है.

असल में कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन को यह जानकारी रहती है कि आगे कंपनी ऐसे क्या कदम उठाने जा रही है कि उसके शेयरों में भारी बढ़त या भारी गिरावट आ सकती है. अगर इस जानकारी के आधार पर ऐसे किसी व्यक्ति ने जानकारी पब्लिक होने से पहले ही शेयरों की खरीद-फरोख्त कर मुनाफा बना लिया तो यह इनसाइडर ट्रेडिंग कहलाएगा.

सेबी इस मामले में बहुत सख्त है और उसकी पैनी नजर कंपनियों के प्रबंधन पर रहती है. इसलिए कंपनियां अपने कर्मचारियों से एक बॉन्ड भी भरवाती हैं कि वे कंपनी की किसी संवदेनशील जानकारी को बाहर शेयर नहीं करेंगे और इसके आधार पर शेयर मार्केट में कोई खरीद-फरोख्त नहीं करेंगे.

शेयर बाजार में नब्बे के दशक में हुए बड़े घोटाले के लिए चर्चित हर्षद मेहता पर भी भेदिया कारोबार का आरोप लगा था. सेबी कानून 1992 के तहत इनसाइडर ट्रेडिंग या भेदिया कारोबार क्राइम है. सेबी ने भेदिया कारोबार के बारे में सूचना देने वाले व्हिसल ब्लोअर्स व अन्य मुखबिरों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी की है.

Post navigation

Previous: किसान चक्का जाम: इन तीन राज्यों में नहीं होगा चक्का जाम, राकेश टिकैत ने बताई ये बड़ी वजह
Next: आपदा काल में देवभूमि को हर सम्भव मदद दी जाएगी, NDRF की टींम युद्धस्तर पर काम कर रही है : गृह मंत्री अमित शाह

Related Stories

aNIL
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

Sarvoday Times 1 month ago 0
jk-police-vacancy-225
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

खाकी पहनने का सपना हुआ पूरा, काबिलियत से मिली नौकरी

Sarvoday Times 1 month ago 0
CM-Yogi-21
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार

Sarvoday Times 1 month ago 0
| ReviewNews by AF themes.