Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • ‘पोहा’,से जुड़ी जानें कई खास बातें
  • जीवन शैली

‘पोहा’,से जुड़ी जानें कई खास बातें

Ranjeet Gupta 7 years ago 1 minute read 0 comments
yugyuy7

खाना ऐसी चीज है जिसका नाम सुनते ही मन में लजीज और जायकेदार व्यंजन की तस्वीर बन जाती है। फिर चाहे सुबह का नाश्ता हो या शाम का स्नैक्स इन दो समय में हमेशा कुछ अलग और एकदम बढ़िया खाने का दिल करता है। सुबह के नाश्ते में अक्सर लोग दूध कॉर्नफ्लैक्स, परांठे-सब्जी या ब्रेड आमलेट खाते हैं। लेकिन कुछ व्यंजन ऐसे भी हैं जो भले ही भारत के दूसरे राज्य की प्रमुख रेसिपी हो लेकिन पूरे देश के लोगों को इसका स्वाद पसंद आता है। जी हां, हम पोहा की बात कर रहे हैं। पोहा ऐसी डिश है जो महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में बड़े चाव से खाई जाती है। ऐसे में इंदौर का पोहा तो काफी मशहूर है। आगे की स्लाइड में जानें पोहे की खोज से जुड़ी जानकारी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1846 में जब भी भारतीय सैनिकों को पानी के जहाज के जरिए कहीं और भेजा जाता था, तब उनके खाने में पोहा हुआ करता था। पोहा चिड़वे से तैयार किया जाता है और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें मूंगफली, कढ़ीपत्ता और राई का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कई राज्यों में पोहे को परोसने का तरीका अलग है. उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पोहे पर तीखी भुजिया डाली जाती है और मध्य प्रदेश में पोहा के साथ जबेली और इमरती दी जाती है। महाराष्ट्रीयन पोहे में आलू डाला जाता है और ऊपर सेव डालकर, इसे चटनी के साथ परोसा जाता है।

पोहे को अंग्रेज शासक सैनिकों का संपूर्ण आहार मानते थे। साथ ही इसे बनाना भी आसान था। आजाद भारत की बात करें तो एक बार इस पर बैन भी लग चुका है। दरअसल, 1960 में चावल की कमी होने जाने के कारण सरकार को पोहा बनाने पर बैन लगाना पड़ा था।
पोहे की खास बात यह कि है यह बनाने में तो आसान है ही साथ ही काफी हेल्दी भी जिसकी वजह से लोग इसे ब्रेकफास्ट में खाना पसंद करते हैं। यह कार्बोहाइड्रेड का अच्छा स्रोत होने के अलावा आयरन और फाइबर से भी भरपूर है, इसलिए पोहा खाने के बाद काफी देर तक आपको पेट भरा हुआ महसूस होगा। पोहा खाने में काफी हल्का होता है और आसानी से पच जाता है। इसके अलावा, जो लोग ग्लूटन फ्री डाइट पर होते हैं।
हमारे देश में पोहा लोगों को इतना पसंद है कि हर साल 7 जून को पोहा दिवस भी मनाया जाता है। पोहा को अलग-अलग नाम से भी पुकारा जाता है, जैसे चिवड़ा, चपटा चावल, चिड़ा, चिउरा, अवल, अटुकुल्लू।

Post navigation

Previous: जानलेवा हो सकता है टाइट स्किनी जींस पहनना,
Next: क्या रात में केले खाने से होता है नुकसान, जानिए

Related Stories

IMG-20260921-WA0019-1068x713 (1)
  • उत्तर प्रदेश
  • जीवन शैली
  • मेन स्लाइड

मंगलवार को फिर 2500 युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र: सीएम योगी

Sarvoday Times 2 months ago 0
uihj-1
  • उत्तर प्रदेश
  • जीवन शैली

30 मई 2026 का राशिफल

Sarvoday Times 5 months ago 0
6 (3)
  • उत्तर प्रदेश
  • जीवन शैली
  • मनोरंजन
  • मुख्य समाचार

वर्क फ्रॉम होम से बदल रही है जीवनशैली, जानिए कैसे

Sarvoday Times 6 months ago 0
| ReviewNews by AF themes.