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मुख्यमंत्री जनपद गाजियाबाद, हापुड़ एवं बुलंदशहर के 2306 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए

Sarvoday Times 5 years ago (Last updated: 5 years ago) 1 minute read 0 comments
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि सामूहिक विवाह के कार्यक्रम गरीब कल्याण के प्रति केन्द्र व प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हैं। कन्यादान इस संसार में सबसे बड़ा एवं पवित्र दान माना गया है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां मान्यता रही है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है। सामूहिक सहभागिता से सामाजिक समरसता में वृद्धि होती है। कन्यादान कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के मान-सम्मान में वृद्धि होती है तथा लोगों को आतिथ्य सत्कार का अवसर भी प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री जी ने आज जनपद गाजियाबाद के कमला नेहरू पार्क में जनपद गाजियाबाद, हापुड़ एवं जनपद बुलंदशहर के 2306 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने नव-विवाहित वर-वधुआंे को आशीर्वाद देते हुए, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा आयोजित गरीब कन्याओं की शादी का यह अभिनव कार्यक्रम स्वागत योग्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में समाज में सर्वधर्म-समभाव तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना“ संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत विभिन्न समुदाय एवं धर्मों के गरीब परिवारों की कन्याओं का उनके रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाता है। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत अब तक 01 लाख 75 हजार से अधिक गरीब कन्याओं के विवाह सम्पन्न कराए हैं। सामूहिक विवाह के इन कार्यक्रमों द्वारा सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा पर कुठाराघात किया जा रहा है। साथ ही समाज में व्याप्त रूढ़ीवादी परंपराओं पर सामूहिक विवाह के यह कार्यक्रम अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध हुए हैं। पूरा समाज इन कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता देता है। गरीब कन्याओं के विवाह का निमंत्रण देने के लिए हमारे जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी समाज में निकलते हैं। सभी के सहयोग से जब यह सामूहिक विवाह के कार्यक्रम सम्पन्न होते हैं तो गरीब व्यक्ति अपने आप को सक्षम एवं सामथ्र्यवान महसूस करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिसने गरीब की पीड़ा को सही से देखा है वही उनके सुख-दुख में सदा उनके साथ रहता है। इसलिए प्रदेश सरकार द्वारा जनकल्याण का बीड़ा उठाया गया है और श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभान्वित कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के संकल्प से देश के अंदर स्वाधीनता का लाभ समाज में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने कोरोना कालखण्ड में लोगों के जीवन एवं जीविका को बचाया। इस दौरान ‘प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना’ के तहत समाज के गरीब लोगों तक निःशुल्क राशन पहुंचाने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया। राज्य सरकार द्वारा दीपावली से लेकर होली, 2022 तक पात्र लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है, जिसमें राशन के अतिरिक्त 01 किलो खाद्य तेल, 01 किलो दाल, 01 किलो नमक और अन्त्योदय कार्ड धारकों को 01 किलो चीनी भी उपलब्ध करायी जाएगी। नेशनल पोर्टेबिलिटी की सुविधा से अब किसी भी जनपद या प्रदेश का नागरिक किसी अन्य जनपद या प्रदेश में राशन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन वैश्विक महामारी कोविड-19 को नियंत्रित करने का सर्वोत्तम उपाय है। प्रदेश सरकार ने अब तक 14 करोड़ से अधिक निःशुल्क वैक्सीन डोज लगाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रम विभाग के माध्यम से 18 मण्डलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा रहे हैं जहां श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, खेल एवं उनकी स्किल डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। इन विद्यालयों से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, जिससे वह उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल की पढ़ाई कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कार्यदायी संस्थाओं, अधिकारियों को जनपद गाजियाबाद में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में देश व प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रम विभाग की ओर से श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ग के व्यक्ति का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को आर्थिक मदद प्रदान की गयी।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी0के0 सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अतुल गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री जनपद वाराणसी में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की 146वीं जयंती समारोह में सम्मिलित हुए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद वाराणसी में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की 146वीं जयंती समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित किये।
मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा व मार्गदर्शन में भारत माता के महान सपूत, राष्ट्र नायक, क्रांति दूत, स्वाधीनता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 146 वीं जयंती को भव्यता व हर्षोल्लास से मना रहा है। उस कालखंड में स्वयं को बलिदान करने वाले जनजातीय समाज के भगवान बिरसा मुंडा का जन्म झारखंड राज्य में 15 नवंबर, 1875 को हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महानता का कारक व्यक्ति का कार्य होता है। भगवान बिरसा मुंडा ने 25 वर्ष की आयु में स्वाधीनता एवं जनजाति के उत्थान के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। वे अंग्रेजों की कुटिलता का शिकार हुए। उनका यह बलिदान और त्याग भारत की स्वाधीनता का मंत्र बन गया। उनके बलिदान की 47 वर्ष से कम अवधि में भारत को स्वाधीनता हासिल हो गई। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता का तात्पर्य देशवासियों द्वारा स्वयं नीतियां बनाकर समाज के सम्मान व स्वावलंबन हेतु कार्यक्रमों को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व देश व दुनिया में महामारी आई थी। उस समय 2.5 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई थी, तब देश पराधीन था। देश में उस समय उपचार, टेस्ट, टीका व राहत के तौर पर खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था नहीं थी। जब 100 वर्ष बाद कोरोना महामारी का प्रकोप आया, स्वाधीन भारत में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कोरोना महामारी को सकुशल नियंत्रित किया गया जो सबके सामने है। इस दौरान सभी जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न, वृद्ध, निराश्रित महिलाओं एवं दिव्यांगजन आदि को पेंशन, उद्यमियों को ऋण, स्ट्रीट वेंडरों को स्वनिधि योजना से लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री जी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश में 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया तथा देशवासियों को निःशुल्क वैक्सीनेशन, निःशुल्क जांच की सुविधा दी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में 110 करोड़ लोगों को तथा उत्तर प्रदेश में 14 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में कोरोना महामारी के नियंत्रण हेतु अच्छा प्रबंधन हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी स्वयं कहते हैं कि वह सेवक के रूप में कार्य करते हैं, शासक के रूप में नहीं। आज समाज का हर वर्ग बिना भेदभाव विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनजातीय समाज भारत की संपदा का रक्षक रहा है। देश के अनमोल रत्नों की रक्षा हेतु निरंतर कार्य किया। उत्तर प्रदेश सरकार जनजाति उत्थान के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में वन गांवों को राजस्व गांव की मान्यता दी जा रही है। प्रदेश सरकार जनजाति वर्ग के लोगों को जमीन का पट्टा, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड व रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री अनिल राजभर, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविंद्र जायसवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर नगर विकास, शहरी समग्र विकास मंत्री श्री आशुतोष टंडन, पर्यटन, संस्कृति, धमार्थ कार्य मंत्री डॉ0 नीलकंठ तिवारी, जनपद वाराणसी की महापौर श्रीमती मृदुला जायसवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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