लखनऊ(आरएनएस ) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हर मतदाता और हर एक ‘पीडीए प्रहरी’ से अपील करते हुए कहा है कि पीडीए समाज के वोटों को काटने की किसी भी साजिश को सफल न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि पीडीए प्रहरी के प्रयासों के बावजूद अभी भी पीडीए समाज के करोड़ों वोट कट चुके हैं। अब समय आ गया है कि हर बूथ पर गहन जांच-पड़ताल की जाए और ‘एक भी वोट न कटने पाए, एक भी वोट न घटने पाए’ के संकल्प के साथ फिर से पूरी ताकत से जुटा जाए, ताकि हर एक वोट सुरक्षित किया जा सके।अखिलेश यादव ने कहा कि हर मतदाता को यह याद दिलाना जरूरी है कि वोटर लिस्ट में नाम होना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि कहीं ऐसा न हो कि वोटर लिस्ट में नाम न होने को आधार बनाकर भाजपा सरकार कोई ऐसा काला कानून ले आए, जिससे किसी व्यक्ति का नाम कागजों से ही गायब मान लिया जाए। ऐसा होने पर राशन कार्ड, सरकारी योजनाओं का लाभ, जन्म और जाति प्रमाणपत्र, नौकरी और आरक्षण, बैंक खाते, निवेश, जीवन बीमा, फसल बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के कागजात, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आयुष्मान कार्ड, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में प्रवेश, बिजली-पानी कनेक्शन, सूखा-बाढ़-पाला राहत, फसल और मवेशी क्षतिपूर्ति, खेत-ज़मीन, घर-मकान और विवाह प्रमाणपत्र तक से नाम कटने का खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अपने ही देश में बाहरी साबित कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना ही नागरिक होने की सबसे बड़ी पहचान है और वोटर आईडी को ही नागरिक आईडी की तरह मानकर उसकी रक्षा करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता की भूखी भाजपा सरकार कोई भी ऐसा कानून बना सकती है, जिससे लोगों के अधिकार, धन-दौलत, जमा-पूंजी और जमीन-जायदाद तक छीन ली जाए।उन्होंने हर मतदाता से अपील की कि वह चौकन्ना रहे, सजग होकर अपना वोट बनवाए और अपनी नागरिक पहचान के साथ-साथ खेत, जमीन, घर की मिल्कियत और विरासत को भी सुरक्षित रखे। उन्होंने आशंका जताई कि आज अगर विधानसभा चुनाव में वोट कटने की बात हो रही है, तो कल को प्रधानी जैसे स्थानीय अधिकारों से भी वंचित किया जा सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए समाज को यह समझना होगा कि जब वोट डालकर सरकार बनाने का अधिकार उनके पास है, तब भी उन्हें उत्पीड़न झेलना पड़ता है। अगर वोट डालने का निर्णायक अधिकार छिन गया तो उत्पीड़न और भी बढ़ेगा। वर्चस्ववादी ताकतें अपनी मनमर्जी की सरकार बनाकर संविधान को ही खत्म करने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि अपना वोट बचाने का मतलब अपने संविधान, अपने अधिकार, आरक्षण और नौकरी को बचाना भी है।
