मेरठ। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन लखनऊ में सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्यों और छात्र कल्याण पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। राज्यपाल ने कृषि विश्वविद्यालयों को केवल शिक्षण तक सीमित न रहने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों और युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का केंद्र बनने पर विशेष बल दिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार कर उन्हें बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में मिलेट उत्पादन को बढ़ावा देने और बहुफसली खेती पर चर्चा हुई। उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पादों के विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में कुलसचिव डॉ वीपी सिंह, निदेशक आईक्यूएसी डॉ लोकेश गंगवार, निदेशक शोध डॉ कमल खिलाड़ी निदेशक प्रसार डॉ सतेंद्र कुमार खारी, डॉ आर एस सेंगर, डॉ यूपी शाही, डीन डॉ विजेंद्र सिंह, डॉ रविंद्र कुमार, डॉ जयवीर सिंह, डॉ विवेक धामा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
छात्राओं की सुरक्षा और छात्रावास प्रबंधन
राज्यपाल ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने गर्ल्स छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। छात्र-छात्राओं की गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने को कहा गया। स्वास्थ्य परीक्षण और छात्राओं से सतत संवाद बनाए रखने पर भी बल दिया गया। छात्रावासों में अनुशासन, स्वच्छता और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
कुलपति द्वारा दी गई जानकारी
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी दत्त ने नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष से नए पाठ्यक्रम प्रारंभ होंगे। नए पाठ्यक्रम प्रारंभ होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी। यह संख्या 945 से बढ़कर लगभग 1510 तक पहुंचने की संभावना है। कुलपति ने विश्वविद्यालय में शिक्षण, शोध और प्रसार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और एनआईआरएफ व टाइम्स रैंकिंग की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
