मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय पहले 3,000 रुपये प्रतिमाह था, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर 8,000 रुपये किया। अब इसे बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। इसी प्रकार सहायिकाओं का मानदेय पहले 1,500 रुपये प्रतिमाह था, जिसे बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह किया गया और अब इसे बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। मानदेय को प्रदर्शन आधारित व्यवस्था से भी जोड़ा गया है। बेहतर कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को आगे मानदेय वृद्धि का लाभ प्राप्त करने में यह व्यवस्था सहायक होगी।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद अयोध्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं के सम्मान एवं नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं तथा उनके परिवार को प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा पैनल में शामिल अस्पतालों में उपचार के लिए उपलब्ध होगी। यह सुविधा केवल एक बार के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक वर्ष उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के लिए अब तक 02 साड़ियों की व्यवस्था थी। इसमें एक अतिरिक्त साड़ी जोड़ी गई है और इसके लिए 500 रुपये की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस पर राज्य सरकार अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। स्मार्टफोन के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां रियल टाईम डाटा उपलब्ध करा सकेंगी और विभिन्न योजनाओं की निगरानी एवं क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगी। तकनीक का उपयोग कार्यकर्त्रियों का काम कठिन बनाने के लिए नहीं, बल्कि उसे सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक कार्य-सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में मानदेय में वृद्धि, प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर, 02 साड़ियों के अतिरिक्त एक और साड़ी तथा स्मार्टफोन की सुविधा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 09 वर्ष पूर्व, प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्र जर्जर और अव्यवस्थित थे। 03 से 05 वर्ष तक के मासूम बच्चे टाट लेकर आते थे। पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। गुणवत्तापूर्ण पोषाहार और आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं थे। केन्द्र सरकार से धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद राज्य की संवेदनहीन व्यवस्था के कारण अपेक्षित लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा था। पोषाहार और टेक होम राशन की व्यवस्था पर माफिया का प्रभाव था। दूसरों की गलती का खामियाजा आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को भुगतना पड़ता था। उन्हें कटघरे में खड़ा किया जाता था। वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदला है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में टेक होम राशन की व्यवस्था को माफिया तंत्र से मुक्त कर महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 204 स्थानों पर प्लाण्ट संचालित किए जा रहे हैं। इससे पोषाहार की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा महिलाओं को रोजगार और आर्थिक स्वावलम्बन का अवसर मिला है।
विगत 09 वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र का अपना भवन हो। राज्य वित्त आयोग की धनराशि के साथ आवश्यकतानुसार अलग बजट की व्यवस्था कर भवनों का निर्माण कराया जाएगा। बचपन को व्यर्थ नहीं जाने दिया जा सकता। यदि बचपन सुरक्षित, स्वस्थ और सुपोषित होगा, तो यही बचपन समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। आंगनवाड़ी केन्द्र इस अभियान के महत्वपूर्ण केन्द्र हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2018 में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों की भूमिका को यशोदा मैया द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के लालन-पालन से जोड़ते हुए उनके महत्व को रेखांकित किया था। मां के बाद बच्चों का सबसे पहला संवाद आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं से होता है। इसलिए वे केवल सरकारी योजनाओं की कार्यकर्ता नहीं, बल्कि देश के भविष्य की नींव तैयार करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रदेश में लगभग 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां एवं सहायिकाएं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारम्भिक विकास के लिए कार्य कर रही हैं। इन्हें स्मार्टफोन से जोड़ने, उत्कृष्ट कार्य करने वाले केन्द्रों को सम्मानित करने तथा कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए निरन्तर अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सैम और मैम श्रेणी के बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार, उनके माता-पिता को जागरूक करने, उत्कृष्ट आंगनवाड़ी केन्द्रों को सम्मानित करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को सम्मान देने का कार्य इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं ने आशा कार्यकर्त्रियों और ए0एन0एम0 के साथ मिलकर गांव-गांव में स्क्रीनिंग, जागरूकता, दस्तक अभियान और कोविड प्रभावित लोगों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना महामारी के विरुद्ध देश की लड़ाई में योगदान दिया। उस समय गांवों में भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री लोगों की सेवा करती दिखाई देती थीं। सरकार ने उनके योगदान को सम्मान देते हुए समय-समय पर मानदेय बढ़ाया। अब इसे एक बार फिर बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बच्चों के पोषण के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह बदलने का कार्य किया है। ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत अभियान, प्रोजेक्ट अलंकार, पी0एम0 श्री विद्यालय और मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय आज शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के मॉडल बन रहे हैं। प्रदेश के लगभग 15 लाख शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशक प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं। अब आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को भी इसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या धाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों के सम्मान का यह कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या ने विगत वर्षों में विकास की नई पहचान बनाई है। एक समय अयोध्या में बिजली, सड़क, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की स्थिति खराब थी। आज वहीं अयोध्या भव्य श्रीराम मन्दिर, चौड़ी सड़कों, विकसित रेलवे स्टेशन, दोहरी रेल लाइन और महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अयोध्या की विरासत और विकास दोनों को आगे बढ़ाया है। राम की पैड़ी में सरयू जल का प्रवाह व्यवस्थित हुआ। रैन बसेरे का नाम निषादराज और भोजनालयों का नाम माता शबरी के नाम पर रखा गया। अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है। देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कल उन्हें आन्ध्र प्रदेश में पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम0 वेंकैया नायडू द्वारा 25 वर्ष पूर्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के लिए स्थापित ट्रस्ट के रजत जयन्ती समारोह में शामिल होने तथा तिरुपति बालाजी के दर्शन का अवसर मिला। वहां भी लोगों की ओर से जय श्रीराम का उद्घोष सुनाई दिया। दुनिया प्रभु श्रीराम के प्रति अभिभूत है और अयोध्या में श्रीरामलला के भव्य मन्दिर में विराजमान होने से देश-दुनिया में श्रद्धा का भाव है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज अयोध्या धाम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों के विभिन्न विधान सभा क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां एवं सहायिकाएं इस अभियान से जुड़ रही हैं। कल से पोषण माह प्रारम्भ हो रहा है और काशी से इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां पूरी तन्मयता के साथ पोषण अभियान को आगे बढ़ाएंगी और प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र को आदर्श एवं स्मार्ट केन्द्र बनाने में योगदान देंगी।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर स्थापित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन तथा महिलाओं की गोदभराई की। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं को साड़ी, नियुक्ति पत्र, प्रशस्ति पत्र तथा डेमो चेक वितरित किये। उन्होंने एवरेस्ट बेस कैम्प विजय अभियान में सहभागी बेटियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने नवीन टेकहोम राशन (टी0एच0आर0) पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया तथा वर्ष 2026-27 हेतु 02 लाख 91 हजार 162 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं के खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से साड़ी के लिए धनराशि अन्तरित की। कार्यक्रम में टी0एच0आर0 पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। शिक्षा, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा एवं सम्मान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, इन्द्रधनुष टीकाकरण सहित जनकल्याण के प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक कार्य हुआ है। किसान, मजदूर, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा आंगनवाड़ी, आशा बहनों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से लेकर शिक्षा मित्रों तक समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। अयोध्या में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य विकास की आधारशिला रखी गई है। आज उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 06 वर्ष तक के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।
महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की सोच एवं मार्गदर्शन का परिणाम है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नवीन पोषण मानकों के अनुरूप पूरे प्रदेश में एक साथ रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे रेसिपी आधारित पुष्टाहार में स्वाद और पोषण दोनों का ध्यान रखा गया है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन एवं आपूर्ति की नई व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के लिए हॉट कुक्ड मील की व्यवस्था भी की गई है।
महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार हुआ है, जहां नारी का सम्मान अब प्रदेश की पहचान बन चुका है। नारी शक्ति ही उत्तर प्रदेश की प्रगति की वास्तविक शक्ति है।
अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास श्रीमती लीना जौहरी ने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री हरि ओम पाण्डेय, विधायक श्री वेद प्रकाश गुप्ता, श्री रामचन्द्र यादव, डॉ0 अमित सिंह चौहान, श्री अभय सिंह, श्री चन्द्रभानु पासवान, अयोध्या के महापौर महन्त गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोली सिंह एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम के उपरान्त मुख्यमंत्री जी ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर एवं श्री हनुमान गढ़ी मन्दिर में दर्शन-पूजन किया।
