July 14, 2024

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यूपी के कई शहरों में बत्ती गुल: करोड़ों लोगों ने बिना बिजली बिताई रात, कहीं पानी को हाहाकार तो कहीं गर्मी ने किया बेहाल:-

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उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने सोमवार की रात लोगों का जीना मुहाल कर दिया। नवीनीकरण के विरोध में सोमवार से पूरे प्रदेश में करीब 15 लाख बिजली कर्मियों का बहिष्कार जारी है। बिजली कर्मियों के प्रदर्शन के चलते सोमवार को पूरे प्रदेश में करोड़ों लोगों को बिजली समस्या से जूझना पड़ा। प्रदर्शन के चलते डिप्टी सीएम से लेकर ऊर्जा मंत्री और विधायक के घरों की भी बिजली गुल हो गई। यूपी के प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, मेरठ, वाराणसी समेत कई शहरों के इलाकों की गुल रही। बिजली गुल होते ही उपकेन्द्र पर फोन घनघनाने लगे लेकिन बिजली कर्मियों के प्रदर्शन के चलते किसी का भी फोन रिसीव नहीं हुआ। कहीं पानी को लेकर हाहाकार मचा तो कहीं गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो गया। शाम होते-होते लोगों को पीने के पानी तक के लाले पड़ गए।

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बिजली कर्मियों के पहले दिन कार्य बहिष्कार के बाद पैदा हुए बिजली संकट से योगी सरकार बैकफुट पर आई। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को सरकार ने वापस लेने का फैसला किया लेकिन पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। सोमवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कर्मचारियों के बीच जाकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर का आश्वासन दिया था, जिसके बाद विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन वापस लेने का मन बना लिया था।

बताते हैं कि ऊर्जामंत्री के निर्देश के बाद भी चेयरमैन ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उन्होंने सहमति पत्र पर विचार करने का और समय मांगा। चेयरमैन ने कहा कि जब टंडर की प्रक्रिया और व्यवस्था में सुधार हो जाएगा तब निजीकरण के प्रस्ताव को खत्म करेंगे। ऐसे में आशंका है कि यूपी में बिजली संकट गहरा सकता है। सरकार और बिजली कर्मियों में सहमति न हो पाने के कारण कर्मियों का कार्य बहिष्कार मंगलवारी को भी जारी रहेगा।

डिप्टी सीएम, ऊर्जा मंत्री समेत 150 विधायकों के घर बिजली गुल
लेसा के राजभवन डिवीजन के अंतर्गत कूपर रोड उपकेंद्र में सुबह करीब 11 बजे बिजली सप्लाई ठप हो गई। इससे वि्रमादित्य मार्ग, माल एवेन्यू, गुलस्तिां कॉलोनी, महिला विधायक आवास, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी सहित कई वीआईपी इलाकों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। इससे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, स्वामी प्रसाद मौर्या, मोहसिन रजा, मुकुट बिहारी वर्मा, अनिल राजभर सहित तीन दर्जन से अधिक मंत्रियों के सरकारी आवास की बिजली गुल हो गई। इसके अलावा 150 से अधिक विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व मंत्री, न्यायाधीश व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बगैर बिजली के रहना पड़ा। साथ ही मुख्यमंत्री कंट्रोल रूम, समाजवादी पार्टी कार्यालय, कांग्रेस मुख्यालय, वीआईपी गेस्ट हाउस में बिजली सप्लाई न होने से काफी दिक्कत हुई।

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वाराणसी से लेकर मेरठ तक करोड़ों लोगों ने बिना बिजली बिताई रात
उत्तर प्रदेश में निजीकरण के विरोध के चलते सोमवार से शुरू हुए बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार का खामियाजा प्रदेश के करोड़ो लोगों को उठाना पड़ा। दावा किया जा रहा है कि कर्मियों के बहिष्कार के कारण वाराणसी के कई इलाकों में देर रात बिजली नहीं आई। वाराणसी का लेढूपुर उपकेन्द्र सोमवार दोपहर दो बजे के बाद बंद हो गया। इससे पंचकोशी, पहड़िया, आशापुर, शक्तिपीठ फरीदपुर, रसूलगढ़, सलारपुर, रुस्तमपुर, सारनाथ, सिंहपुर, गोला, परशुरामपुर, बेनीपुर, तिब्बती संस्थान, मवइयां, पुराना आरटीओ, आनंदपुरी, गणपति नगर आदि क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। इसके अलावा न्यू कालोनी आशापुर, सारनाथ, फरीदपुर, न्यूकालोनी तिलमापुर, हिरावनपुर के तमाम फीडरों से अबतक आपूर्ति बाधित है।कल से लोग बूंद बूंद पानी को तरस रहे।विकट समस्या उत्तपन्न हो गई है। छत पर जाग कर लोगों ने बिताई रात। इसके साथ ही मैदागिन स्थित टाउनहाल उपकेंद्र से बिजली सप्लाई कल रात से ठप है। उपकेंद्र पर सिर्फ पुलिस और नागरिक सुरक्षा के लोग तैनात है। उपकेन्द्र की सुरक्षा को तैनात आशापुर चौकी प्रभारी नहीं बता सके कि बिजली कब आएगी। यही हाल करीब मेरठ शहर का भी बताया गया। बिजली कटौती के चलते यहां के लोगों को भी काफी परेशानी हुई। पानी को लेकर लोग सबसे ज्यादा परेशान दिखे। लोगों को नहाने और पीने तक के पानी के लाले पड़ गए।

वाराणसी के चांदपुर उपकेन्द्र पर हंगामा
चांदपुर उपकेन्द्र से जुड़े दर्जन भर से अधिक गांवों के लोग सुबह से बिजली पानी के लिए परेशान रहे। शाम को वे उपकेन्द्र पहुंचकर हंगामा करने लगे। उन्होंने बिजली कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। फोर्स के साथ पहुंचे थाना प्रभारी ने उन्हें शांत कराया। उन्होंने इसकी जानकारी डीएम कैंप कार्यालय समेत सभी संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन देर रात तक बिजली गुल रही।

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वाराणसी में सुबह बिजली–पानी के लिए हाहाकार

बिजलीकर्मियों के बेमियादी कार्य बहिष्कार आंदोलन के कारण शहर के कई इलाकों में सोमवार रात से अब तक बिजली आपूर्ति ठप है । इससे मंगलवार सुबह न नलकूप चले और न ही जलकल की आपूर्ति हुई। कार्य बहिष्कार आंदोलन का मंगलवार को दूसरा दिन है। जिन इलाकों में रात में बिजली थी, वहां मंगलवार सुबह 8 से 9 बजे के बीच आपूर्ति बाधित कर दी गई। प्रभावित क्षेत्रों में सारनाथ, आशापुर, पांडेयपुर, मैदागिन, विश्वेश्वरगंज, बुलानाला, दारानगर, बीएचयू के आसपास के मोहल्ले व कालोनियां हैं। 3-6 घंटे तो कहीं 12 घण्टे तक बिजली सप्लाई न होने से घरों में इन्वर्टर भी जवाब दे रहे हैं। दिन बीतने के साथ लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होगा।

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प्रयागराज में कार्य बहिष्कार का दिखा असर, शहर से लेकर गांव तक बिजली ठप
पूर्वांचल वितरण विद्युत निगम के निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का पहले ही दिन व्यापक असर दिखा। शहर से लेकर गांवों तक जगह-जगह बिजली गुल रही जिसके चलते जहां एक ओर लोग गर्मी से बेहाल रहे, वहीं पानी संकट से भी जूझना पड़ा। अस्पताल, बाजार, दफ्तर, दुकानों में भी परेशानी दिखी। देर शाम तक कई मोहल्ले बगैर के बिजली रही। शहर के इलाके तेलियरगंज, गोविंदपुर, शिवकुटी, रसूलाबाद, जोंधवल, टीबी कॉलोनी, शंकरघाट कॉलोनी, मेंहदौरी कॉलोनी, गंगा दर्शन आवास, तेलियरगंज एडीए कॉलोनी, शिलाखाना समेत कई मोहल्लों में सोमवार सुबह पांच बजे ही बिजली गुल हो गई। कार्य बहिष्कार के कारण तकनीकी खराबी दूर नहीं की जा सकी।

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