June 23, 2021

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जिस ट्रक ने कार में टक्कर मारी, उस पर पूरा नम्बर नहीं लिखा हुआ था

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ट्रक की नम्बर प्लेट पर पेंट क्यों था
नम्बर प्लेट पर सिर्फ यूपी 71 ही लिखा था और प्लेट के अन्य हिस्से पर काला पेंट किया हुआ था। इससे नम्बर नहीं दिख रहा था। इस पर ही रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि यह साजिश के तहत ही प्लेट पर काला पेंट किया गया ताकि अगर ड्राइवर ट्रक लेकर भाग निकलता तो पकड़ में ही नहीं आता।

BJP विधायक पर रेप का आरोप लगाने के बाद मुकदमे की जोरदार पैरवी में जुटी रही पीड़िता और उसके चाचा पर समझौता करने का दबाव बहुत बनाया गया। जाने कितनी बार रेप पीड़िता के घर विधायक के गुर्गे धमकाने गये लेकिन कोई झुका नहीं। अब जब ट्रॉयल चल रहा है तो तो विधायक के लोगों ने साजिश के तहत पीड़िता पर इस तरह से हमला कराया। यह आरोप रविवार रात को पीड़िता के रिश्तेदारों ने ट्रॉमा सेन्टर में लगाया।

इन रिश्तेदारों ने कहा कि पिछले साल अगर पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश न की होती तो शायद आरोपी अभी तक बाहर ही होते। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर ने जिस तरह से दबंगई दिखाते हुए पीड़िता के पिता की पिटाई की थी, फिर पुलिस से साठगांठ कर उन्हें ही जेल भिजवा दिया था। यह उसकी दबंगई का नमूना ही था।

इस हादसे की खबर जब उन्नाव पहुंची तो पीड़िता के घर कोहराम मच गया। उन्नाव पुलिस भी वहां पहुंच गई थी। पुलिस की सुरक्षा में ही पीड़िता की मां, बड़ी बहन और भाई को ट्रॉमा सेन्टर लाया गया। यहां पर उसकी मां तो कुछ नहीं बोली लेकिन साथ आये अन्य रिश्तेदारों ने यह जरूर कहा कि इसकी जांच होनी चाहिये। सच सामने आ जायेगा।

रायबरेली पुलिस ने उन्नाव पुलिस को यह भी जानकारी दी कि ट्रक का ड्राइवर आशीष पाल पहले मौके से भाग निकला था। पर, बाद में वह घटनास्थल पर फिर आया। तभी लोगों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जब ड्राइवरी से इस बारे में पूछा तो उसने संतोष जनक जवाब नहीं दिया। आईजी एसके भगत का कहना है कि रायबरेली एसपी से कहा गया है कि वह हर बिन्दु पर ठीक से जांच कर अपनी रिपोर्ट दें।

पीड़िता का केस लड़ रहे वकील महेन्द्र सिंह के घायल होने की खबर मिलते ही कई वकील ट्रॉमा सेन्टर पहुंच गये। वहां पहुंचे वकील विमल कुमार व सत्येन्द्र यादव ने बताया कि अभी वह बात करने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिये ज्यादा कुछ अभी साफ नहीं हुआ है। इसमें जरूर कोई न कोई साजिश है।

उन्नाव से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उन्नाव की एक किशोरी ने रेप का आरोप लगाया था। इस मामले में पीड़िता ने आरोपी विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की थी। इसके दो दिन बाद ही विधायक के भाई अतुल सिंह की पिटाई से घायल पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई थी।

इसके बाद आनन फानन सरकार सख्त हो गई और विधायक के भाई अतुल सिंह व उसके गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया गया। अतुल ने ही माखी थाने की पुलिस से साठगांठ कर पिता को पीटा भी था और फिर उन्हें ही फर्जी मामले में जेल भिजवा दिया था। इस मामले में चारों से घिरने के बाद सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश करने पर मजबूर होना पड़ा। आनन फानन इसकी जांच सीबीआई को दी गई। सीबीआई ने मुकदमा दर्ज करते ही विधायक को गिरफ्तार कर लिया था। इसमें सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी लगा दी थी।

इन दो मुकदमों में लगी चार्जशीट
पहला मुकदमा
पीड़िता की मां की ओर से माखी गांव की शशि सिंह, विधायक कुलदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506 के तहत दर्ज एफआईआर
दूसरा मुकदमा
पीड़िता की मां की ओर से माखी गांव के विनीत मिश्र, बौव्वा, शैलू, सोनू व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376,506 और पोक्सो एक्ट-3, 4 के तहत एफआईआर

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