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लोकनिर्माण विभाग के ठेकेदार अवधेशचंद्र श्रीवास्तव आत्महत्या कांड में दो इंजीनियर गए जेल

Ranjeet Gupta 7 years ago 1 minute read 0 comments
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ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव के आत्महत्या प्रकरण में आरोपित एई आशुतोष सिंह और जेई मनोज सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने की जानकारी के बाद पीडब्ल्यूडी के उन अभियंताओं की भी घबराहट बढ़ गई है जिन्हें ठेकेदार की पत्नी ने अपनी तहरीर में आरोपित किया है। उन्हें आशंका है कि प्रकरण की जांच के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उन अभियंताओं ने अभी से अग्रिम जमानत के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वहीं, प्रभारी सीजेएम कोर्ट से 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए एई आशुतोष सिंह एवं जेई मनोज सिंह की ओर से सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी देने की तैयारी की सूचना है। दोनों अभियंताओं सेशन कोर्ट में अपील कर सकते हैं। शनिवार को कैंट पुलिस ने उन्हें प्रभारी सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। लोकनिर्माण विभाग के ठेकेदार अवधेशचंद्र श्रीवास्तव के आत्महत्या प्रकरण में नामजद विभागीय सहायक अभियंता आशुतोष कुमार सिंह एवं अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह शनिवार को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिए गए। दोनों अभियंताओं को कैंट पुलिस ने अपराह्न साढ़े तीन बजे कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान एई की ओर से जमानत के लिए अर्जी भी दी गई जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। तीन दिनों तक हिरासत में पूछताछ के बाद दोनों अभियंताओं को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया था। वहीं, प्रकरण में नामजद सहायक अभियंता एसडी मिश्रा को प्रदेश शासन ने शनिवार को निलंबित कर दिया। जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने इसकी पुष्टि की।

पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार पिछले तीन दिनों से एसडी मिश्रा के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। दूसरी ओर प्रकरण में आरोपित सभी अभियंताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों का प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। उन्होंने प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल को सर्किट हाउस में ज्ञापन भी सौंपा। राज्यमंत्री ने ठेकेदार स्व. अवधेशचंद्र श्रीवास्तव के विश्वनाथपुरी कॉलोनी स्थित आवास पर उनकी पत्नी व बेटों से मुलाकात की। उन्हें ढांढस बंधाने के साथ उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। तीन दिनों तक हिरासत में पूछताछ के बाद दोनों को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया था। एई की ओर से उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि पुलिस ने बिना साक्ष्य के ही आशुतोष सिंह को गिरफ्तार किया है। वह एक सम्मानित अधिकारी हैं। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इसलिए उन्हें जमानत दी जाय। अभियोजन की ओर से सरकारी अधिवक्ता आरएन सिंह व अनुराग त्रिपाठी ने जमानत का विरोध किया। अवधेश की गाड़ी से छह पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें एई आशुतोष सिंह, जेई मनोज कुमार सिंह और एक अधिशासी अभियंता पर पेमेंट रोकने और बार-बार दौड़ाने का आरोप लगाया गया था। पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार एवं मीरापुर-बसहीं रोड स्थित विश्वनाथपुरी कॉलोनी निवासी अवधेश चंद्र श्रीवास्तव ने 28 अगस्त को पीडबल्यूडी के मुख्य अभियंता अंबिका सिंह के कमरे में लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

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