Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • अशोक गहलोत सचिन पायलट की आंधी को खत्म करने की तैयारी में जुटे
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • मेन स्लाइड
  • राजनीति

अशोक गहलोत सचिन पायलट की आंधी को खत्म करने की तैयारी में जुटे

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
images

राजस्थान की सियासत में इन दिनों हर रोज़ नया सस्पेंस और ड्रामा देखने को मिल रहा है. जब से अशोक गहलोत ने ये दावा किया है कि उनकी सरकार को गिराने के लिए साजिश रची गई है

कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जयपुर में डेरा डाल दिया. इन सबका कहना है कि वो एक मिशन पर हैं. एक ऐसा मिशन जिसके दो लक्ष्य हैं- पहला कांग्रेस को संकट के दौर से निकालना और दूसरा बीजेपी और सचिन पायलट के समर्थकों को करारा जवाब देना.

पायलट को घेरने को तैयारी

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के नेताओं की नज़र पायलट के खेमे पर भी टिकीं है. वो रिज़ॉट में ठहरे विधायकों से ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका अगला कदम क्या होगा.

इतना ही नहीं कांग्रेस अपने बागी विधायकों और सचिन पायलट को संवैधानिक मोर्चे पर भी जवाब देने की योजना बना रहे हैं.

लिहाज़ा सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार को अचानक राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर हर किसी को हैरान कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने भारतीय ट्रायबल पार्टी के दो विधायकों के समर्थन पत्र राज्यपाल को दिए हैं. बता दें कि इन दोनों विधायकों ने कांग्रेस से समर्थन वापस ले लिया था, लेकिन अब एक बार फिर से ये दोनों कांग्रेस के खेमे में आ गए हैं.

क्या है आंकड़ों का खेल

सूत्रों के मुताबिक, गहलोत ने बुधवार को विधानसाभा का सत्र बुलाने की सोच रहे हैं . इस विशेष सत्र में वो अपना बहुमत सिद्ध कर सकते हैं. सीएम अशोक गहलोत का दावा है

कि उन्हें 103 विधायकों का समर्थन हासिल है. कहा जा रहा है कि इसमें कांग्रेस के 88, बीटीपी के 02, सीपीएम 02, आरएलडी के 1 और 10 निर्दलीय विधायक शामिल हैं.

सवाल उठता है कि आखिर गहलोत क्यों बहुमत सिद्ध करने में क्यों जल्दबाज़ी में हैं…

1-सूत्रों की मानें तो बहुमत साबित कर गहलोत ये दिखाना चाहते हैं कि विधायकों पर उनकी मजबूत पकड़ है.
2-इसके अलावा वोटिंग के जरिए उन विधायकों को भी वो अपने खेमे में शामिल कर सकते हैं जो इस बात को लेकर पूरी तरह साफ नहीं है कि उन्हें किस खेमे में जाना है.
3-सूत्रों का कहना है कि विधानसभा सत्र बुलाने से बागी विधायक भी फ्लोर टेस्ट में भाग ले सकते हैं. स्पीकर सीपी जोशी का कहना है कि उन्हें 18 विधायकों को डिसक्वालीफाई करने का अधिकार है. अगर ऐसा होता है तो फिर गहलोत को फ्लोर टेस्ट में कोई नहीं हरा सकता.
4-गहलोत ने विधानसभा सत्र बुलाकर हाई कोर्ट पर भी जल्दी फैसला सुनाने का दबाव बना दिया है. बता दें कि पायलट और कांग्रेस के 18 अन्य विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नोटिस जारी किया गया है. इसी नोटिस के खिलाफ पायलट गुट हाई कोर्ट पहुंचे हैं.

Post navigation

Previous: जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने लखनऊ के चार थानों में लगाया लॉकडाउन
Next: राजस्‍थान सियासी संकट:सचिन पायलट गुट की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू

Related Stories

MMP_9268
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित किया

Sarvoday Times 2 weeks ago 0
DSC_2399.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
images (7)
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
| ReviewNews by AF themes.