छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून मेहरबान रहा। यही वजह है कि अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हुई है। राज्य में बारिश का औसत 100 फीसद के पार पहुंच गया है। इसके बावजूद पांच तहसीलों में सूखे की स्थिति है। इसमें कांकेर जिले की तीन तहसील शामिल हैं। इससे कांकेर जिले में ही सूखा के हालात बन गए हैं। प्रशासन इसके आकलन में लग गया है। इधर, दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है। पांच से 10 अक्टूबर के बीच मानसून प्रदेश से विदा ले लेगा।

राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बारिश का औसत 1,129 मिलीमीटर है। इस वर्ष अब तक 1,209 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है जो सामान्य से करीब सात फीसद अधिक है। सबसे ज्यादा 137 फीसद सूरजपुर और सबसे कम 67.7 फीसद बारिश कांकेर में हुई है। वहीं, तहसील स्तर पर सबसे ज्यादा 188 मिलीमीटर बारिश दंतेवाड़ा के बड़े बचेली और सबसे कम कांकेर जिले के दुगू कोंदल में 42.4 मिलीमीटर हुई है।

प्रदेश की पांच तहसीलों में 70 फीसद से कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों की राय में प्रचलित मापदंडों के अनुसार जहां भी सामान्य से 70 फीसद या उससे कम बारिश होती है वहां सूखा मान लिया जाता है। इसी आधार पर सूखा घोषित किया जाता है।

तीन वर्ष से अच्छी बारिश:-
राज्य में बीते तीन वर्षों से बारिश का औसत 100 फीसद से अधिक रहा है। 2017 में राज्य में बारिश का औसत 85 फीसद रहा था। इससे राज्य की 149 में से 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।
औसत बारिश
107.1 प्रदेश में अब तक
137.2 सर्वाधिक सूरजपुर में
67.7 सबसे कम कांकेर में
सीतापुर (सरगुजा)- 64.5
वर्ष बारिश का औसत
2015 88.3%
2016 108%
2017 85.2%
2018 100.3%
2019 110.9%
2020 108%
सभी आंकड़े 30 सितंबर की स्थिति में:-
बीते कुछ वर्षों से मानूसन के दौरान ऐसा देखा जा रहा है कि पूरे राज्य में बेहतर मानसून और अच्छी बारिश के बावजूद कुछ इलाकों में कम बारिश होती है। ऐसा उन इलाकों में वृष्टि छाया की स्थिति के कारण होता है। इसी वजह से वहां बारिश नहीं हो पाती है।

मौसम विज्ञानी, मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर
प्रदेश में इस वर्ष अच्छी बारिश हुई है। किसी जिले या तहसील में अल्प वर्षा की स्थिति बनी है तो कलेक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
