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मुख्यमंत्री ने बस्तर, छत्तीसगढ़ में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में अपने विचार व्यक्त किए

Sarvoday Times 4 months ago (Last updated: 4 months ago) 1 minute read 0 comments
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नए भारत की संकल्पना का साकार रूप हम सभी को प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। बस्तर, छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह महत्वपूर्ण बैठक इसका नवीनतम उदाहरण है। अतीत में चुनौतीपूर्ण रहा यह अंचल आज राष्ट्रीय नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री जी ने सहकारी संघवाद पर आधारित ‘टीम भारत’ का विजन दिया है। इस दिशा में क्षेत्रीय परिषदें महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।  
मुख्यमंत्री जी ने आज बस्तर, छत्तीसगढ़ में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में क्षेत्रीय परिषदें पूरी सक्रियता से आगे बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश ने विगत 09 वर्षों में देश में नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। जो प्रदेश कभी एक बीमारू राज्य था, आज पूरे देश के विकास की धुरी बना है। कानून-व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार आदि क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, गरीब, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा वंचितों के उत्थान के लिए अनेक कदम उठाए हैं। जल जीवन मिशन जन-स्वास्थ्य, नारी गरिमा और ईज़ ऑफ लिविंग से सीधा जुड़ा एक अभिनव कार्यक्रम है। मिशन के प्रारम्भ होने के समय प्रदेश के मात्र 1.96 प्रतिशत परिवारों को पाइप पेयजल की सुविधा उपलब्ध थी। वर्ष 2026 में 91.25 प्रतिशत से अधिक परिवारों को पाइप पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। मिशन के अन्तर्गत 33,157 सौर ऊर्जा आधारित पाइप पेयजल योजनाएँ 900 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान परिवेश में जहाँ डिजिटल क्रांति ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराध जैसी चुनौती भी सामने आयी है। उत्तर प्रदेश सरकार इससे निपटने के लिए कटिबद्ध है। वर्ष 2016 में जहाँ प्रदेश में मात्र 02 साइबर क्राइम थाने थे, वहीं वर्तमान में सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित हैं। इसके अलावा, प्रत्येक थाने पर साइबर हेल्प डेस्क संचालित है। वर्ष, 2024 से 30 अप्रैल, 2026 तक साइबर अपराध से जुड़े 30,610 अभियोग पंजीकृत करते हुए 22,038 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई जा चुकी है। इस अवधि में 275 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि भी  बरामद की गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘डिजिटल इण्डिया’ अभियान ने ई-गवर्नेन्स के माध्यम से शासकीय योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश ई-गवर्नेन्स के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। राज्य की सभी 57,695 ग्राम पंचायतों में 2.33 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेण्टर (सी0एस0सी0) संचालित हैं। 54,000 से अधिक सी0एस0सी0 ग्राम सचिवालयों में पंचायत सहायकों के माध्यम से संचालित हैं। इनसे अब तक 44 करोड़ से अधिक नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 2.85 लाख युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर सृजित हुए हैं।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 54 विभागों की 359 सरकार से नागरिक (जी-टू-सी) सेवाएँ सभी 75 जनपदों में संचालित हैं। 44.10 करोड़ से अधिक आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से प्रोसेस किए गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा यू0पी0 ए0आई0 मिशन हेतु 225 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है। न्यू इमर्जिंग टेक्नोलॉजी-क्वाण्टम एण्ड फोटोनिक्स के लिए 100 करोड़ रुपये का मिशन प्राविधानित किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वस्थ और सक्षम नागरिक ही समर्थ भारत का आधार है। इस उद्देश्य के साथ प्रदेश में प्रतिमाह 1.30 करोड़ बच्चों तथा 22 लाख गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को अनुपूरक पुष्टाहार से लाभान्वित किया जा रहा है। 08 आकांक्षी जनपदों में 14-18 वर्ष की किशोरियों हेतु ‘किशोरी बालिका योजना’ का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इस योजना को सम्पूर्ण राज्य में लागू करने की पक्षधर है। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, न्युट्रिशनल सप्लिमेन्ट के रूप में आई0एफ0ए0 सिरप दिया जा रहा तथा वर्ष में दो बार डीवॉर्मिंग भी की जा रही।  
उत्तर प्रदेश में ‘सम्भव अभियान’ की एक अभिनव पहल प्रारम्भ की गयी है, जो पोषण अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के चार चरणां को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के बाद इसे ‘सम्भव 5.0’ के रूप में मजबूत किया गया। ‘सम्भव 5.0’ की प्रमुख गतिविधियों में पोषण ट्रैकर सत्यापन, आंगनवाड़ी प्रशिक्षण, एस0ए0एम0 बच्चों के प्रबन्धन के साथ-साथ ‘छः माह-सात विजिट’ की रणनीति शामिल है। इसमें प्रत्येक नवजात के यहाँ स्वास्थ्य विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जन्म से 06 महीने तक 07 बार गृह भ्रमण कर बच्चे का वजन लिया जाता है। 0-6 वर्ष की बालिकाओं में स्टंटिंग 46.2 प्रतिशत से घटकर 31.06 प्रतिशत, वेस्टिंग 16.6 प्रतिशत से घटकर 2.33 प्रतिशत तथा अण्डरवेट 39.6 प्रतिशत से घटकर 10.95 प्रतिशत हो गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीब एवं वंचित परिवारों को निःशुल्क तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हुई है। प्रदेश में 9.56 करोड़ से अधिक पात्र व्यक्ति इस योजना के दायरे में सम्मिलित हैं। 5.73 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड सृजित किये जा चुके हैं। योजना के तहत प्रदेश में 6,455 चिकित्सालय सूचीबद्ध, जिसमें 2,907 सरकारी तथा 3,548 निजी चिकित्सालय शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों के लिए सुरक्षित व स्वास्थ्यप्रद खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए संकल्पित है। खाद्य नमूनों के विश्लेषण हेतु सभी 18 मण्डल मुख्यालयों पर फर्नीचर एवं बुनियादी उपकरणों के साथ प्रयोगशालाओं का निर्माण पूरा हो गया है। वर्तमान में प्रयोगशालाओं की नमूना विश्लेषण क्षमता 36,000 नमूने प्रतिवर्ष है। समस्त 18 प्रयोगशालाओं के संचालन के उपरान्त यह क्षमता बढ़कर 1,08,000 नमूना प्रतिवर्ष हो जाएगी। लखनऊ, वाराणसी एवं मेरठ में 03 माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशालाएँ संचालित हैं। 07 नयी माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशालाओं की स्थापना की कार्यवाही आगे बढ़ी है।
प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर वातावरण निर्मित कर, रूल ऑफ लॉ को धरातल पर उतारा गया है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है। पॉक्सो एक्ट में दर्ज वादों की 99.10 प्रतिशत निस्तारण दर तथा 0.10 प्रतिशत लम्बित दर के साथ प्रदेश का देश में द्वितीय स्थान है। सभी पॉक्सो न्यायालयों में विशेष लोक अभियोजक तैनात हैं। अद्यतन सभी जनपदों में कुल 242 विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो न्यायालय) नियुक्त हैं। प्रति न्यायालय प्रतिवर्ष आपराधिक वादों का निस्तारण 167.22 है, जो स्थापित मानक 165 से अधिक है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2025 में पॉक्सो अधिनियम तथा महिला सम्बन्धी अपराध के 5,834 वादों में अभियुक्तों को सजा दिलायी गई। वर्ष 2026 में माह अप्रैल तक ऐसे 1,467 वादों में अभियुक्तों को दण्डित कराया गया है। नागरिकों को बेहतर आपात सेवा उपलब्ध कराने के लिए इण्टीग्रेटेड इमरजेन्सी रिस्पॉन्स सेवा यू0पी0-112 संचालित है। संसाधनों में वृद्धि व आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए पुलिस रिस्पॉन्स टाइम में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यू0पी0-112 के लिए 60,256 पुलिस कार्मिक तथा 6,278 वाहन (4,278 चार-पहिया ; 2,000 दो-पहिया) उपलब्ध कराए गए हैं। ऑनलाइन मैप का उपयोग किया जा रहा है। वर्ष 2023 में रिस्पॉन्स टाइम 9ः50 मिनट था, जो जनवरी-अप्रैल, 2026 में घटकर 6ः24 मिनट हो गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नगरीय आबादी की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर भारत सरकार द्वारा अमृत, सभी को आवास तथा स्मार्ट सिटी मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अमृत-1 योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 59 नगरों का चयन किया गया है। इनमें से 58 नगरों का मास्टर प्लान राज्य सरकार ने अनुमोदित कर दिया है। शेष एक नगर का मास्टर प्लान अनुमोदन के अंतिम चरण में है। अमृत 2.0 योजना में जी0आई0एस0 आधारित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु 93 नगरों का चयन किया गया है।
प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी निरन्तर बेहतर हो रही है। प्रत्येक जनपद मुख्यालय को 4-लेन तथा प्रत्येक तहसील व ब्लॉक को 2-लेन कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जा रहा है। देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। नगरीय स्थानीय निकायों का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नगर विकास विभाग द्वारा ‘यू0पी0 म्युनिसिपैलिटी मास्टर प्लान’ के लिए नियमों का प्रारूप तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने हर गरीब के आवास के सपने को साकार किया है। इस योजना में सर्वाधिक आवास उपलब्ध कराने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 के अन्तर्गत प्रदेश में 17,66,790 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसके सापेक्ष 17,04,478 आवास का निर्माण पूर्ण करते हुए 96.5 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गयी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अन्तर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों को आवास मुहैया कराने के लिए प्रदेश ने वर्ष 2017 में अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी लागू की। अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप की 89 परियोजनाओं द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 64,890 आवास स्वीकृत किए गए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में विद्युत उत्पादन, पारेषण तथा वितरण व्यवस्था में सतत् सुधार करते हुए जनपद व तहसील मुख्यालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुरूप बिजली की आपूर्ति की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के राष्ट्रीय मूल्यांकन में प्रदेश की विद्युत वितरण कम्पनियां ने उल्लेखनीय सुधार प्रदर्शित किया। प्रदर्शन तथा सेवा की गुणवत्ता से जुड़े संकेतकों में ज्यादातर विद्युत वितरण कम्पनियों ने बेहतर नतीजे दिये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के कारण शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमन्दों तक डी0बी0टी0 के माध्यम से पहुंचाया जाना सम्भव हुआ है। इस दिशा में प्रदेश में 4,49,795 बैंकिंग केन्द्रों का सुदृढ़ नेटवर्क अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इसमें 20,952 बैंक शाखाओं, 4,09,652 बैंक मित्र एवं बी0सी0 सखी तथा 19,191 ए0टी0एम0 सम्मिलित हैं, जिनके माध्यम से समस्त 98,047 ग्रामों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। हमारे राज्य में 01 आउटलेट प्रति 0.54 वर्ग कि0मी0 के क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक स्तर की शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। 06 से 14 वर्ष का कोई भी बच्चा स्कूली शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए प्रदेश में प्रत्येक वर्ष सुनियोजित ढंग से स्कूल चलो अभियान संचालित किया जाता है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में स्कूल चलो अभियान का प्रथम चरण 01 से 15 अप्रैल तक सम्पन्न हुआ, जिसमें 20 लाख बच्चों का नवीन नामांकन कराया गया। नामांकन अभियान अभी गतिमान है। अभियान का द्वितीय चरण 01 से 15 जुलाई, 2026 तक संचालित किया जाएगा।
यू डायस डेटा वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर ड्राप आउट दर 0.0, उच्च प्राथमिक स्तर पर ड्राप आउट दर 3.0 तथा माध्यमिक स्तर पर ड्राप आउट दर 7.0 रह गयी है, जो उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। इसमें ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों तथा प्रोजेक्ट अलंकार के संचालन से माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की बड़ी भूमिका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक की शिक्षा के लिये सभी 75 जनपदों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किये जा रहे हैं। 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की 4,500 करोड़ रुपये की सम्पूर्ण कार्ययोजना स्वीकृत की गयी है। सभी 75 जनपदों में एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। 5,562 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को लर्निंग-बाई-डूईंग कार्यक्रम से आच्छादित करते हुए छात्र-छात्राओं को 04 ट्रेड्स के कौशल सिखाये जा रहे हैं।
‘सहकार से समृद्धि’ के सूत्र को अपनाते हुए प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर है। एम-पैक्स के रूप में पैक्स को बहुउद्देशीय बनाते हुए, अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। पैक्स में पी0एम0 जन औषधि केन्द्र, कॉमन सर्विस सेन्टर, पी0एम0 किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित करते हुए इन्हें वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रुप में विकसित किया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेण्टर के रूप में कार्यरत 5,198 पैक्स द्वारा अप्रैल, 2026 तक 27.37 करोड़ रुपये के 2,42,275 ट्रांजेक्शन किए गए। इस योजना में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। 6,984 पैक्स द्वारा उर्वरक वितरण का कार्य किया जा रहा है। 6,515 पैक्स पी0एम0 किसान समृद्धि केन्द्र तथा 161 पैक्स पी0एम0 भारतीय जन औषधि केन्द्र के रूप में संचालित हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 1,509 नवीन एम-पैक्स, 2,646 डेयरी सहकारी समितियां तथा 297 मत्स्य सहकारी समितियां स्थापित की गयीं। सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भण्डारण योजना के अन्तर्गत 24 एम-पैक्स तथा 13 अन्य समितियों में कुल 83,500 मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता सृजित करने की कार्यवाही की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रमिक हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए औद्योगिक विकास और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि के साथ श्रमिक हितों और न्याय की रक्षा भी जरूरी है। प्रत्येक श्रमिक का सम्मान और कल्याण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी श्रमिक न्याय से वंचित न रहे। इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने लेबर ई-कोर्ट ‘श्रम न्याय सेतु’ लॉन्च किया है। इस पोर्टल में श्रमिकों के लिए त्वरित और पारदर्शी न्याय तथा श्रम विवादों के ऑनलाइन शीघ्र समाधान की व्यवस्था की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है। विवाद निपटारे में दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि गृह एवं सहकारिता मंत्री जी के मार्गदर्शन में, मध्य क्षेत्रीय परिषद सहकारी संघवाद को सुदृढ़ करते हुए प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के अनुरूप महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

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