शनिवार देर शाम चक्रवर्ती सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव जी के विजय उत्सव के अवसर पर चित्तौरा झील के तट पर स्थित महाराजा सुहेल देव जी के स्मारक स्थल पर ज्येष्ठ माह के दौरान आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का प्रदेश के मा. मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग/प्रभारी मंत्री जनपद बहराइच श्री सूर्य प्रताप शाही ने एम.एल.सी. डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी व पदमसेन चौधरी, गोसेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, महसी के सुरेश्वर सिंह, बलहा की श्रीमती सरोज सोनकर व नानपारा के राम निवास वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राज किशोर, राजा यशुवेन्द्र विक्रम सिंह, महाराज विष्णु देवाचार्य, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व अन्य अतिथियों केे साथ फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
विजय उत्सव कार्यक्रम के शुभारम्भ के पश्चात प्रभारी मंत्री श्री शाही ने अन्य अतिथियों व अधिकारियों के साथ स्मारक परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि विभाग, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, रेशम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, बैंकर्स, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, मत्स्य, हथकरघा एवं काष्ठ शिल्प, महिला एवं बाल विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क तथा संस्कृति विभाग द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी/स्टालों तथा फूड कोर्ट का अवलोकन करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
इसके उपरान्त प्रभारी मंत्री श्री शाही ने अन्य अतिथियों व अधिकारियों के साथ आडिटोरियम में महाराजा सुहेल देव जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर समारोह का विधिवत शुभारम्भ किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अपने शौर्य और वीरता से विदेशी आक्रांताओं के दॉत खट्टे करने वाले शूरवीर महाराजा सुहेलदेव जी को जो सम्मान मिलना चाहिए था वह नहीं मिल सका था। परन्तु देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा से डबल इंजन की सरकार ने विरासत और विकास की नीति को आगे बढ़ाते हुए जनपद में महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर भव्य स्मारक का निर्माण किया तथा जनपद के मेडिकल कॉलेज का नाम भी महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर रखा गया है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि इतिहास ने भले ही महाराजा सुहेल देव के साथ नाइंसाफी की है लेकिन डबल इंजन की सरकार नाइंसाफी नहीं होने देगी। जिन लोगों ने धर्म और धरा को बचाने के लिए युद्ध में योगदान दिया था उन लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रनायकों का हर हाल में सम्मान होना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक भूमि पर यह भव्य स्मारक तथा विजयोत्सव के रूप में आयोजित कार्यक्रम महापुरुषों के प्रति सम्मान में क्या होना चाहिए उसकी एक अभिव्यक्ति है।
विजयोत्सव समारोह को एमएलसी प्रज्ञा त्रिपाठी व पदमसेन चौधरी, विधायक सुभाष त्रिपाठी, राम निवास वर्मा, श्रीमती सरोज सोनकर, उ.प्र. गोसेवा आयोग के मा. सदस्य राजेश सिंह सेंगर, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संध के वरिष्ठ प्रचारक राज किशोर, महाराज विष्णु देवाचार्य, अर्जुन कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए महाराजा सुहेलदेव जी के युद्ध कौशल का ज़िक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांता को रोकने की युक्ति ऐसी थी कि मथुरा से लेकर बहराइच तक इतनी बाधाएं खड़ी की कि यहां पहुंचते-पहुंचते उसकी आधी सेना समाप्त हो चुकी थी और जब वह महाराजा सुहेलदेव के सामने पड़ा तो महाराजा सुहेलदेव ने कुल 20 से 25 हजार सैनिकों के साथ उन विदेशी आक्रांताओं को परास्त कर दिया।
इससे पूर्व जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने प्रभारी मंत्री सहित मंचासीन सभी अतिथियों को अंगवस्त्र व पौध भेंट कर स्वागत किया। समारोह के दौरान जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्राओं, स्थानीय कलाकारों तथा संस्कृति विभाग की ओर से आये हुए कल्चरल ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम के अन्त में जिलाधिकारी ने सभी आगन्तुकों का आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य व संभ्रान्तजन, अधिकारी व कर्मचारी तथा परिजन, आमजन तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
