Skip to content
sarvoday times

Sarvoday Times

Latest News Portal & E-Paper

Primary Menu
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • मध्य प्रदेश
    • चंडीगढ़
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • क्राइम
  • गैजेट्स
  • जीवन शैली
  • E-Paper
  • Home
  • बिपिन रावत ने भारत-चीन सीमा विवाद पर कहा कि दोनों देशों की सेनाएं शांति से मसले को हल करने में लगी
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • मेन स्लाइड
  • विदेश

बिपिन रावत ने भारत-चीन सीमा विवाद पर कहा कि दोनों देशों की सेनाएं शांति से मसले को हल करने में लगी

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
china1

पूर्व लद्दाख में पिछले कई महीनों से जारी भारत-चीन सीमा विवाद के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है.

बिपिन रावत ने एक अखबार से खास बातचीत में कहा है कि अगर चीन से बातचीत नाकाम होती है तो सैन्य विकल्प तैयार है. जनरल रावत ने कहा चीन से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है. दोनों देशों की सेनाएं भी शांतिपूर्ण तरीके से मसले को हल करने में जुटी हैं.

बिपिन रावत ने कहा है पूर्वी लद्दाख में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की तरफ से किए गए बदलावों से निपटने के लिए एक सैन्य विकल्प मौजूद है. केवल दो देशों की सेनाओं के बीच बातचीत होने पर ही उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा. एलएसी के साथ हुए बदलाव अलग-अलग धारणाओं के कारण होते हैं. रक्षा सेवाओं पर निगरानी रखने और घुसपैठ को रोकने के लिए ऐसे अभियानों को रोकने का काम सौंपा जाता है.

सीडीएस रावत ने आगे कहा जैसी गतिविधि इस वक्त भारत-तीन के बीच है, ऐसी गतिविधि को शांतिपूर्वक ढंग से हल करने और घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार के संपूर्ण दृष्टिकोण को अपनाया जाता है.

उन्होंने कहा रक्षा सेवाएं हमेशा सैन्य कार्यों के लिए तैयार रहती हैं, फिर चाहें उसमें एलएसी के साथ यथास्थिति को बहाल करने के सभी प्रयासों का सफल न होना ही शामिल क्यों न हो.

बता दें कि सीडीएस बिपिन रावत के इस बयान से पहले 15 अगस्त यानि भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा था कि एलओसी से लेकर एलएसी जिसने भी भारत की संप्रभुता की तरफ आंख उठाकर देखा है देश की सेना ने उसका उसी की भाषा में जवाब दिया है.

पीएम का इशारा गलवान घाटी में 15-16 जून की रात हुए हिंसक संघर्ष में चीनी सेना को दिए मुंहतोड़ जवाब की तरफ था. इस हिंसा में भारत के 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे. चीन को भी इस हिंसा में भारी नुकसान उठाना पड़ा था, लेकिन चीनी सेना ने अपने हताहत हुए सैनिकों की संख्या का खुलासा आजतक नहीं किया है.

Post navigation

Previous: सोनिया गांधी की जगह कौन लेगा इस मुद्दे पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आज
Next: असदुद्दीन ओवैसी ने JEE और NEET की परीक्षा को लेकर सरकार पर साधा निशाना

Related Stories

MMP_9268
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित किया

Sarvoday Times 2 weeks ago 0
DSC_2399.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
images (7)
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी

Sarvoday Times 4 weeks ago 0
| ReviewNews by AF themes.