Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • चीनी सेना ने पैंगोंग झील के उत्तर में निर्माण कार्य किया शुरू
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • मेन स्लाइड
  • विदेश

चीनी सेना ने पैंगोंग झील के उत्तर में निर्माण कार्य किया शुरू

Sarvoday Times 6 years ago 1 minute read 0 comments
download (1)

चीन एक तरफ शान्ति और बातचीत से सीमा विवाद सुलझाने की बातें कर रहा है वहीं उसकी सेना की आक्रामक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. लद्दाख में पैंगॉन्ग सो लेक के दक्षिणी इलाके में भारतीय जवानों से मात खाने बाद चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अब उत्तरी इलाके में अपने सैनिक बढ़ा रही है.

सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि चीनी सेना ने यहां नया निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है और ट्रांसपोर्टेशन के साधन जुटाए जा रहे हैं. हालांकि भारतीय सैनिक इस जगह से दूर नहीं हैं और चीन की हर हरकत पर नजर रख रहे हैं. इस बीच, भारत और चीन की सेना के बीच बुधवार को 4 घंटे तक ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत हुई. सहमति बनी है कि दोनों तरफ से कॉर्प्स कमांडर चर्चा करेंगे.

 चीन एक तरफ शान्ति और बातचीत से सीमा विवाद सुलझाने की बातें कर रहा है वहीं उसकी सेना की आक्रामक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. लद्दाख में पैंगॉन्ग सो लेक के दक्षिणी इलाके में भारतीय जवानों से मात खाने बाद चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अब उत्तरी इलाके में अपने सैनिक बढ़ा रही है.

पैंगॉन्ग का उत्तरी इलाका आठ अलग-अलग फिंगर एरिया में बंटा है. भारत का दावा है कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) फिंगर आठ से शुरू होती है और फिंगर चार तक जाती है. चीनी सेना एलएसी को नहीं मान रही. चीन के सैनिक फिंगर चार के पास डटे हुए हैं. वे फिंगर पांच से आठ के बीच निर्माण कर रहे हैं.

 पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे की तुलना में दक्षिणी किनारे के आसपास की जमीन ज्यादा समतल और चौड़ी है और ये रास्ता लद्दाख और चुशूल घाटी तक भी भारतीय सेना की पहुंच को आसान बनाता है. यह रास्ता जिन पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है उनकी ऊंचाई 16 हजार फीट तक है और अब भारत के सैनिक इन पहाड़ों की ऊंचाई पर मौजूद हैं.

7 सितंबर को दक्षिणी इलाके में चीनी सैनिकों ने भारतीय पोस्ट की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी और चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी. यहां पर भारत के सैनिकों ने उन्हें रोक दिया था. इस घटना की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें चीन के सैनिक भाला, रॉड और धारदार हथियार लिए नजर आए.

 सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि चीनी सेना ने यहां नया निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है और ट्रांसपोर्टेशन के साधन जुटाए जा रहे हैं. हालांकि भारतीय सैनिक इस जगह से दूर नहीं हैं और चीन की हर हरकत पर नजर रख रहे हैं. इस बीच, भारत और चीन की सेना के बीच बुधवार को 4 घंटे तक ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत हुई. सहमति बनी है कि दोनों तरफ से कॉर्प्स कमांडर चर्चा करेंगे.

भारत ने कहा था कि जब चीनी सैनिकों को उन्होंने अपनी पोस्ट की तरफ आने से रोका तो उन्होंने हवाई फायर भी किए थे. जबकि, इससे पहले चीन कह रहा था कि फायरिंग भारतीय जवानों ने की है. भारतीय जवान इस इलाके की दो अहम चोटियों पर डटे हैं और चीन कई बार भारत को इस पोजिशन से हटाने की कोशिश कर चुका है.

 पैंगॉन्ग का उत्तरी इलाका आठ अलग-अलग फिंगर एरिया में बंटा है. भारत का दावा है कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) फिंगर आठ से शुरू होती है और फिंगर चार तक जाती है. चीनी सेना एलएसी को नहीं मान रही. चीन के सैनिक फिंगर चार के पास डटे हुए हैं. वे फिंगर पांच से आठ के बीच निर्माण कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है. वे अपने साथ अधिक साजो-सामान ला रहे हैं. दोनों ओर के सैनिकों के बीच काफी कम दूरी है.

 7 सितंबर को दक्षिणी इलाके में चीनी सैनिकों ने भारतीय पोस्ट की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी और चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी. यहां पर भारत के सैनिकों ने उन्हें रोक दिया था. इस घटना की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें चीन के सैनिक भाला, रॉड और धारदार हथियार लिए नजर आए.

पैगोंग झील या पेंगोंग त्सो लद्दाख में भारत-चीन सीमा के विवादित क्षेत्र में स्थित है. यह 4350 मीटर की ऊंचाई पर है और 134 किलोमीटर लंबी लद्दाख से तिब्बत तक फैली हुई है. इस झील का 45 किलोमीटर क्षेत्र भारत में स्थित है, जबकि 90 किलोमीटर क्षेत्र चीन में पड़ता है.

 भारत ने कहा था कि जब चीनी सैनिकों को उन्होंने अपनी पोस्ट की तरफ आने से रोका तो उन्होंने हवाई फायर भी किए थे. जबकि, इससे पहले चीन कह रहा था कि फायरिंग भारतीय जवानों ने की है. भारतीय जवान इस इलाके की दो अहम चोटियों पर डटे हैं और चीन कई बार भारत को इस पोजिशन से हटाने की कोशिश कर चुका है.

लद्दाख में पैंगोंग झील का दक्षिणी हिस्सा अब पूरी तरह से भारत के कब्जे में है. यहां पर कई पहाड़ी चोटियों पर अब भारत का कब्जा हो चुका है. बता दें कि ये सभी इलाके 1962 की जंग में भारत से छिन गए थे. भारत के सैनिक अब पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर ऊंची चोटियों पर बैठे हैं, जबकि चीन की सेना निचले इलाकों में है.

 सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है. वे अपने साथ अधिक साजो-सामान ला रहे हैं. दोनों ओर के सैनिकों के बीच काफी कम दूरी है. पैगोंग झील या पेंगोंग त्सो लद्दाख में भारत-चीन सीमा के विवादित क्षेत्र में स्थित है. यह 4350 मीटर की ऊंचाई पर है और 134 किलोमीटर लंबी लद्दाख से तिब्बत तक फैली हुई है. इस झील का 45 किलोमीटर क्षेत्र भारत में स्थित है, जबकि 90 किलोमीटर क्षेत्र चीन में पड़ता है.

पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे की तुलना में दक्षिणी किनारे के आसपास की जमीन ज्यादा समतल और चौड़ी है और ये रास्ता लद्दाख और चुशूल घाटी तक भी भारतीय सेना की पहुंच को आसान बनाता है.

 लद्दाख में पैंगोंग झील का दक्षिणी हिस्सा अब पूरी तरह से भारत के कब्जे में है. यहां पर कई पहाड़ी चोटियों पर अब भारत का कब्जा हो चुका है. बता दें कि ये सभी इलाके 1962 की जंग में भारत से छिन गए थे. भारत के सैनिक अब पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर ऊंची चोटियों पर बैठे हैं, जबकि चीन की सेना निचले इलाकों में है.

यह रास्ता जिन पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है उनकी ऊंचाई 16 हजार फीट तक है और अब भारत के सैनिक इन पहाड़ों की ऊंचाई पर मौजूद हैं.

About the Author

Sarvoday Times

Editor

View All Posts

Post navigation

Previous: देश में कोरोना के मरीजों की संख्या लगभग 44 लाख 75 हजार की मौत
Next: बड़ी खबर : चेक क्लोनिंग के जरिए राम जन्मभूमि तीर्त क्षेत्र के खाते से निकाले 6 लाख रुपए

Related Stories

14091-honey-bee
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

Sarvoday Times 33 minutes ago 0
e3fb39c6ae8f74a2b3b564335c59bf741748096939207487_original
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

Sarvoday Times 37 minutes ago 0
1780413707-3418
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

Sarvoday Times 41 minutes ago 0
| ReviewNews by AF themes.