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कोविड संक्रमण के दृष्टिगत मुख्यमंत्री की टीम-9 के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

Sarvoday Times 5 years ago (Last updated: 5 years ago) 1 minute read 0 comments
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां लोक भवन में कोविड संक्रमण के दृष्टिगत टीम-9 के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि अभी इस संक्रमण का खतरा टला नहीं है। इसलिए सभी लोग कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन करें, मास्क लगाएं, सैनिटाइजर का उपयोग करें और सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से पालन करें। उन्हांेने कहा कि इस संक्रमण को लेकर लोगों को अनावश्यक पैनिक करने की आवश्यकता नहीं है, जरूरत इस बात की है कि इस संक्रमण से बचने के लिए सभी एहतियात बरते जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आई0सी0सी0सी0 तथा निगरानी समितियों को प्रभावी ढंग से एक्टीवेट किया जाए और इनकी गतिविधियों को माॅनीटर भी किया जाए। निगरानी समितियां अपने-अपने सम्बन्धित क्षेत्रों में टीका न लगवाने वाले लोगों की सूची तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें। जिला प्रशासन इनके टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संक्रमण के दृष्टिगत टेस्टिंग के लिए पिछली कोरोना वेव के दौरान संतोषजनक कार्य करने वाली लैब्स को एक्टीवेट किया जाए, परन्तु इनकी कार्य प्रणाली और इनके द्वारा मुहैया करायी जा रही रिपोर्ट की माॅनीटरिंग की जाए। उन्होंने कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के दृष्टिगत राज्य स्तर पर गठित स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाहकार पैनल से परामर्श कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को संक्रमण के विषय में सही जानकारी दी जाए। इससे बचाव के उपाय भी बताये जायें। संक्रमित व्यक्ति को आवश्यक दवाओं के विषय में विस्तृत जानकारी दी जाए।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाहकार पैनल द्वारा मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि वर्तमान वैरिएंट पिछले वैरिएंट्स की तुलना में कम नुकसानदेह है। वैक्सीनेटेड सामान्य व्यक्ति के लिए यह बड़ा खतरा नहीं है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार हर एक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जी ने 10वीं तक के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में मकर संक्रांति तक अवकाश घोषित करने के निर्देश दिये। इस अवधि में विद्यार्थियों का टीकाकरण जारी रहेगा। उन्होंने व्यापक जनहित के दृष्टिगत निर्देश दिये कि जिन जनपदों में एक्टिव केस की न्यूनतम संख्या 1000 से अधिक हो जाए, वहां जिम, स्पा, सिनेमाहॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि सार्वजनिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद स्थानों में एक समय में 100 से अधिक लोगों की सहभागिता न हो। खुले स्थान पर ग्राउंड की कुल क्षमता के 50 फीसदी से अधिक लोगों के उपस्थिति की अनुमति न दी जाए। मास्क-सैनीटाइजर की अनिवार्यता रहे। रात्रिकालीन कोरोना कफ्र्यू रात 10 से प्रातः 06 बजे तक लागू किया जाए। यह व्यवस्था 06 जनवरी, 2022 से प्रभावी कर दी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सभी शासकीय, अर्धशासकीय तथा निजी कार्यालयों, आई0टी0 संस्थाओं, कंपनियों, ऐतिहासिक स्मारकों, होटल-रेस्त्रां, औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक स्थलों, माॅल्स, अस्पतालों, आस्थानों सहित धार्मिक स्थलों पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन सभी जगहों पर लोगों को बिना स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के प्रवेश न दिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने प्रत्येक जनपद में मौजूद एम्बुलेन्सों में से 10 प्रतिशत एम्बुलेन्सों को आई0सी0सी0सी0 से जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाकी 90 प्रतिशत एम्बुलेन्स अपने रूटीन कार्य करती रहें। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने और कोरोना प्रोटोकाॅल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को बन्द न किया जाए। उन्होंने जरूरतमंदों को किये जा रहे खाद्यान्न वितरण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने संक्रमण के मद्देनजर आवश्यक दवाओं की किट्स तैयार रखने के भी निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों के नोडल अधिकारी अपने-अपने जनपदों के जिलाधिकारियों से सम्पर्क कर स्थिति और तैयारियों की समीक्षा करें। उन्होंने कोरोना संक्रमण की स्थिति के सम्बन्ध में प्रत्येक दिन बुलेटिन जारी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के दल की मीडिया से बात करायी जाए, ताकि लोगों को इस संक्रमण से रोकथाम के विषय में सही जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि मरीजों के अनावश्यक हाॅस्पिटलाइजेशन से बचा जाए, परन्तु को-माॅर्बिडिटी वाले मरीजों के संक्रमित होने पर उनकी माॅनीटरिंग किये जाने पर बल दिया।
बैठक में मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास श्री मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्रीमती मोनिका एस0 गर्ग, अपर मुख्य सचिव नगर विकास श्री रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था श्री प्रशान्त कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव खाद्य श्रीमती वीना कुमारी मीना, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री आलोक कुमार, प्रमुख सचिव दुग्ध विकास श्री सुधीर गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास की 3,800 करोड़ रु0 की विभिन्न परियोजनाओं का डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 58,903 लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त की 500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का ऑनलाइन अन्तरण सहित नगरीय विकास की 3,800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में स्मार्ट सिटी मिशन की लगभग 909 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 627 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 28 सॉलिड वेस्ट प्रॉसेसिंग प्लाण्ट, 13 लिगेसी वेस्ट रेमिडिएशन, जनपद आगरा में 01 वेस्ट टू एनर्जी प्लाण्ट तथा 1100 पब्लिक टॉयलेट/पिंक टॉयलेट का शिलान्यास, उ0प्र0 जल निगम नगरीय के तहत अमृत मिशन व राज्य सेक्टर की 926 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, नगर निगम अयोध्या व मथुरा-वृन्दावन के कार्यालय भवन शिलान्यास एवं नगर निगम गाजियाबाद की 606 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, प्रदेश के 651 नगर निकायों में 1000 फ्री वाई-फाई जोन की परियोजनाओं का शिलान्यास, प्रदेश के 07 शहरों में 75 इलेक्ट्रिक बसों तथा 07 इलेक्ट्रिक बस डिपो की परियोजनाओं का शुभारम्भ सम्मिलित है।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक कचरे को नदी तंत्र में जाने से रोकने तथा कूड़े के जैविक प्रबन्धन के लिए राज्य सरकार, नगर निगम कानपुर तथा जर्मन एजेन्सी जी0आई0जेड0 के मध्य एक त्रिपक्षीय एम0ओ0यू0 का सम्पादन भी किया गया। अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ0 रजनीश दुबे तथा जी0आई0जेड0 की प्रोजेक्ट हेड सुश्री वैशाली नन्दन ने एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान आगरा निगम में वेस्ट मैनेजमेन्ट पर केन्द्रित तथा गाजियाबाद नगर निगम के नवाचारों पर केन्द्रित लघु फिल्में प्रदर्शित की गयीं।
मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को 05 ट्रिलियन डॉलर की बनाने के प्रयासों में हम सबकी भागीदारी होनी चाहिए। देश की सबसे अधिक आबादी का राज्य होने के कारण प्रदेश सरकार एवं यहां के नागरिकों की इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्ष 2018 में प्रदेश में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री जी ने देश की बढ़ती हुई आवश्यकताओं के दृष्टिगत अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने के लिए कहा था। अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख घटक नगरीय विकास भी है। इसलिए नगरीय विकास के माध्यम से नागरिकों के लिए सुविधाओं में वृद्धि के साथ आय अर्जन बढ़ाने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत लगभग 05 वर्षाें में 03 नये नगर निगम, 03 नयी नगर पालिकाएं, 84 नये नगर पंचायतों का गठन करने के साथ 61 नगर निकायों का सीमा विस्तार किया है। वर्तमान में प्रदेश में 734 नगर निकाय हैं। प्रदेश में 05 वर्ष पहले नगरों में कूड़े के ढेर, प्लास्टिक, गन्दगी, अव्यवस्थित टैªफिक व्यवस्था दिखायी पड़ती थी। नगरीय सुविधाओं के विकास से वर्तमान में शहर स्वच्छ और सुव्यवस्थित दिखायी पड़ते हैं। प्रधानमंत्री जी ने 02 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन लागू किया। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता तथा विज़नरी नेतृत्व की सराहना पूरा विश्व करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिवाली के पर्व पर हम सभी अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। समृद्धि का रास्ता स्वच्छता से ही खुलता है। वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन संचालित करने के परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश के नगरों में स्वच्छता दिखायी पड़ती है। मार्च, 2017 में आयी स्वच्छता रैंकिंग में प्रदेश का गोण्डा जनपद देश में सबसे नीचे था। वर्तमान में स्वच्छता रैंकिंग आती है तो भारत के टॉप 10 शहरों में राज्य के 05 नगर सम्मिलित होते हैं, जो प्रदेश में स्वच्छता अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्तमान में ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों मंे स्वच्छता दिखती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने कूडे़ के ढेर के वैज्ञानिक निस्तारण को आगे बढ़ाया है। वेस्ट को एनर्जी में बदलने का कार्य किया है। नागरिकों का जीवनस्तर सुधारने के लिए नगरीय क्षेत्रों में अनेक कदम उठाए गये हैं। देश में बन रही 100 स्मार्ट सिटी में प्रदेश के 10 नगर चयनित किये गये। राज्य के शेष 07 नगर निगमों को प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से कन्वर्जंेस के माध्यम से स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य आगे बढ़ाया। स्मार्ट सिटी मिशन में देश में कन्वर्जेंस के माध्यम से सबसे अच्छा कार्य करने के लिए प्रदेश को सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इण्टेलिजेन्ट ट्रांजिट मैनेजमेन्ट सिस्टम (आई0टी0एम0एस0) से बेहतरीन सेवाएं ली जा सकती हैं। इसे सेफ सिटी से जोड़कर बालिकाओं, व्यापारियों, अन्य नागरिकांे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। प्रयागराज कुम्भ-2019 के सफल आयोजन में इण्टेलिजेन्ट ट्रांजिट मैनेजमेन्ट सिस्टम का प्रभावी प्रयोग किया गया। राज्य के कोरोना प्रबन्धन की व्यापक सराहना की जाती है। कोरोना प्रबन्धन में इण्टीग्रेटेड कोविड कण्ट्रोल सेन्टर ने बड़ी भूमिका निभायी। इण्टेलिजेन्ट ट्रांजिट मैनेजमेन्ट सिस्टम ने भी इसमें पूरा योगदान किया। अव्यवस्थित टैªफिक से जनजीवन के साथ ही आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। तकनीक से जोड़कर बाधारहित आवागमन सुनिश्चित करने से नगर की छवि बेहतर होती है, रोजगार का सृजन होता है, लोगों का जीवनस्तर सुधरता है। आज प्रारम्भ की गयी योजनाएं नगरीय क्षेत्रों का इसी दिशा में विकास करने वाली हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 28 दिसम्बर, 2021 को कानपुर मेट्रो रेल परियोजना का शुभारम्भ किया। इससे पहले से प्रदेश के नगरों लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का संचालन हो रहा है। आगरा में मेट्रो रेल पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। मेट्रो से पूर्व नगरों में इलेक्ट्रिक बस की सुविधा दी जा रही है। लखनऊ, गोरखपुर, काशी में इलेक्ट्रिक बस की सुविधा प्रारम्भ किया जा चुकी है। आज 07 शहरों-मेरठ, आगरा, मथुरा-वृन्दावन, अलीगढ़, बरेली, शाहजहांपुर तथा मुरादाबाद में इलेक्ट्रिक बस सेवा तथा इलेक्ट्रिक बस डिपो की सुविधा प्रारम्भ की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में लाभार्थी को 2.5 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। इसके नियम भी अत्यन्त सरल हैं। 03 लाख रुपये से कम आयवर्ग के किसी भी व्यक्ति को यह सुविधा प्रदान की जाती है। जर्जर घर वाले व्यक्ति, अपनी जमीन वाले व्यक्ति को भी यह सुविधा मिलती है। प्रदेश में 18 लाख से अधिक परिवारों को यह सुविधा प्रदान की जा चुकी है यानी लगभग 01 करोड़ लोग इससे सीधे लाभान्वित हो चुके हैं। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों को मिलाकर प्रदेश में 43 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया गया है। यह प्रधानमंत्री जी के बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ सभी को उपलब्ध कराने यानी ‘सबका साथ, सबका विकास’ का परिणाम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ सभी पात्र नागरिकों को रसोई गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, जनधन योजना का लाभ, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाकर उनके अभ्युदय का कार्य हो रहा है। नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। हर घर नल योजना, अमृत योजना में सीवर लाइन बिछाने का कार्य, एस0टी0पी0 के निर्माण कार्य, नगरीय कूड़े के ढेर का निस्तारण कर ऊर्जा बनाने का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि विगत 05 वर्षाें में नगरीय क्षेत्रों में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 05 वर्ष पहले प्रदेश के गांव व शहर अंधेरे में रहते थे। वर्तमान में सबको बिजली, पर्याप्त बिजली, निर्बाध बिजली मिल रही है। वर्तमान राज्य सरकार ने लटके हुए तारों के क्षेत्रों, नयी बस्तियों को विद्युतीकरण से जोड़ा, बिजली के कनेक्शन दिए। मलिन बस्तियों के पुनरुद्धार की कार्यवाही की गयी। इन कार्याें से व्यापक परिवर्तन हुआ। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री जी के स्पष्ट विज़न विकास के कार्याें में कोई भेदभाव नहीं ‘सबका साथ, सबका विकास’ से हुआ।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले की आवास योजना में लाभार्थी को पैसा नहीं मिल पाता था। 20 अथवा 25 हजार रुपये मिलता था। इसमें भी लाभार्थी को पूरा पैसा नहीं मिल पाता था। शेष पैसा भी भ्रष्टाचारियों की जेब में चला जाता था। उन्हीं भ्रष्टाचारियों के घर से अब जे0सी0बी0 लगाकर वह पैसा निकाला जा रहा है। जब अच्छी सरकार आती है और तकनीक के साथ योजनाओं को जोड़ती है, तो उसका लाभ बिना भेदभाव के प्रत्येक पात्र नागरिक को प्राप्त होता है। वर्तमान में यही हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब विकास की सोच साफ नीयत के साथ होती है, तो उसका लाभ अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को मिलता दिखायी पड़ता है। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं को ईमानदारी से लागू करने वाले नगर निकायों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नगरीय विकास की योजनाओं को लागू करने में राज्य सरकार को भारत सरकार का पूरा सहयोग मिला।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उन्हें लगता है कि हर व्यक्ति ईमानदारी से अपना टैक्स देना चाहता है। टैक्स को ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था से जोड़ने से नगर निकाय की आय बढ़ेगी। आय बढ़ने से नगर निकाय नगरीय क्षेत्र के लिए और बेहतर योजनाएं बना सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के नगर निकाय इस दिशा में रुचि लेकर केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ लागू करने का कार्य करेंगे।
नगर विकास मंत्री श्री आशुतोष टण्डन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है और हर क्षेत्र में विकास के कीर्तिमान बना रहा है। उन्होंने परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ प्रदेश को बीमारु राज्य की श्रेणी से निकालकर विकसित राज्य में बदल दिया। वर्तमान में प्रदेश प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्मार्ट सिटी मिशन सहित नगर विकास विभाग की तमाम योजनाओं में देश में अग्रणी है। प्रदेश में कूड़ा निस्तारण के 16 संयंत्र क्रियाशील हैं अथवा क्रियाशील होने की ओर अग्रसर हैं। आज 35 कूड़ा निस्तारण संयंत्रों का शिलान्यास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश में 8.28 लाख लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 7.23 लाख लाभार्थियों को यह प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि हर स्ट्रीट वेण्डर को एक बोर्ड दिया जाएगा। एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग योजना में प्रदेश अग्रणी है।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, गाजियाबाद की महापौर श्रीमती आशा शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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