Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • महिलाओं में पीसीओएस के हो सकते हैं ये 5 संकेत, न करें नजरअंदाज।
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

महिलाओं में पीसीओएस के हो सकते हैं ये 5 संकेत, न करें नजरअंदाज।

Sarvoday Times 5 months ago (Last updated: 5 months ago) 1 minute read 0 comments
5 (1)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक ऐसी स्थिति है, जिससे किसी भी उम्र की महिलाओं को प्रभावित किया जा सकता है। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है और इससे शरीर में पुरुष हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप अंडाशय में कई छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते हैं। आइए आज हम आपको पीसीओएस के कुछ शारीरिक संकेतों के बारे में बताते हैं, जो महिलाओं को नजरअंदाज नहीं करने चाहिए।
अनियमित या बंद पीरियड्स आना
पीसीओएस का सबसे आम शारीरिक संकेत है मासिक धर्म का अनियमित या अचानक बंद होना। इस समस्या से पीड़ित महिलाओं में मासिक धर्म का अंतराल 2 से 3 महीने तक हो सकता है, जबकि सामान्य महिलाओं में हर महीने मासिक धर्म होता है। कभी-कभी क्कष्टह्रस् से ग्रस्त महिलाओं में 6 महीने के बाद भी मासिक धर्म नहीं आता है। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन के बड़ा कारण होती है।
वजन का बढ़ना
पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं का वजन बढ़ना भी एक आम संकेत है। इस समस्या के कारण शरीर में पुरुष हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे चर्बी का जमाव होता है। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है। यह समस्या महिलाओं के लिए स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इसे ठीक करने के लिए संतुलित डाइट करें, रोज़ाना 30-40 मिनट एक्सरसाइज करें, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कंट्रोल करें।
मुंहासे होना
पीसीओएस का एक और शारीरिक संकेत है मुंहासे होना। इससे प्रभावित महिलाओं के चेहरे, ठुड्डी और गालों पर बड़े और दर्दनाक मुंहासे हो सकते हैं। इसके अलावा, सीने, पीठ और कंधों पर भी मुंहासे हो सकते हैं। यह समस्या शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है। इसे ठीक करने के लिए ऑयल-फ्री स्किनकेयर अपनाएं ज्यादा शुगर और जंक फूड से बचें नियमित एक्सरसाइज करें जरूरत पड़े तो डॉक्टर से दवा लें
अनिद्रा की समस्या होना
पीसीओएस एक ऐसी समस्या है, जो महिलाओं की नींद को प्रभावित कर सकती है। इससे ग्रस्त महिलाओं को सोने में दिक्कत हो सकती है और वे सोते समय बार-बार जाग सकती हैं। यह समस्या शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है, जिससे नींद पर भी प्रभाव पड़ता है। इस ठीक करने के लिए आप संतुलित डाइट करें, रोज़ाना 30-40 मिनट एक्सरसाइज करें, पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस कंट्रोल करें।
अनचाही गर्भावस्था होना
पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं में अनचाही गर्भावस्था होने की संभावना ज्यादा होती है। इस समस्या में गर्भावस्था के दौरान गर्भपात होने की संभावना भी अधिक होती है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान जच्चा और शिशु की मौत होने का खतरा भी ज्यादा होता है। समय से पहले प्रसव होने का खतरा भी अधिक होता है, जो महिलाओं के लिए चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, यह दवाइयों से सही हो जाता है।

About the Author

Sarvoday Times

Editor

View All Posts

Post navigation

Previous: जिम में मेडिसिन बॉल स्लैम एक्सरसाइज को बनाएं रूटीन का हिस्सा, मिलेंगे ये फायदे
Next: एसडीएम नेहा मिश्रा द्वारा गैस एजेंसी संचालक को जनहित के क्रम में दिया गया सख्त निर्देश

Related Stories

14091-honey-bee
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

Sarvoday Times 18 hours ago 0
e3fb39c6ae8f74a2b3b564335c59bf741748096939207487_original
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

Sarvoday Times 18 hours ago 0
1780413707-3418
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली
  • देश
  • मेन स्लाइड

योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

Sarvoday Times 18 hours ago 0
| ReviewNews by AF themes.