लोकसभा में नेता-प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ की परिभाषा बताते हुए सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधा। उनके बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई और शब्द हटाने की मांग की। जानिए संसद में राहुल गांधी के बयान पर क्यों हुआ हंगामा।
संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने एक छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘छात्र, मूर्ख और अंधभक्त’ तीन श्रेणियां बताईं। राहुल गांधी ने कहा, मैंने कहा कि अंधभक्त की परिभाषा क्या है। उन्होंने कहा कि अंधभक्त वह है जो मान लेता है कि यह बड़ी छवि वाला बेवकूफ ही भगवान है। इसके बाद कुछ देर तक लोकसभा में हंगामा मच गया।
राहुल गांधी ने एक छात्रा से बातचीत का जिक्र किया, जिसने उन्हें तीन तरह के लोगों की कैटगरी बताई। राहुल गांधी ने कहा, पहली तरह के छात्र सच को गर्व से स्वीकार करते हैं। मैंने पूछा कि दूसरे तरह के व्यक्ति के बारे में क्या? उसने कहा कि दूसरे तरह के व्यक्ति को एक छवि की जरूरत होती है। उसे एक छवि बनानी पड़ती है और क्योंकि वह छवि सच नहीं होती, तो एक बेवकूफ खुद को भगवान दिखाने की कोशिश कर रहा होता है, इसलिए उसे एक बड़ी छवि बनानी पड़ती है। मैंने उससे पूछा कि तीसरी श्रेणी कहां आती है? वह श्रेणी ‘अंधभक्त’ की है। उसने कहा, ‘अंधभक्त’ वह व्यक्ति होता है, जो पूरी तरह यकीन कर लेता है कि कोई दूसरा बेवकूफ भगवान है।
