Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150 साल पूरे: मोदी ने कहा- अब इस बंदरगाह को श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा
  • Uncategorized

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150 साल पूरे: मोदी ने कहा- अब इस बंदरगाह को श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा

Ranjeet Gupta 7 years ago (Last updated: 7 years ago) 1 minute read 0 comments
download-9-3

कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर हैं। बेलूर मठ में रविवार को उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून किसी की नागरिकता छीनेगा नहीं बल्कि देगा, गांधीजी मानते थे भारत को पाकिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों को सिटिजनशिप देनी चाहिए। इसके बाद मोदी कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150वें साल में प्रवेश करने के कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मोदी ने कोलकाता पोर्ट को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की भी घोषणा की।

‘स्वामीजी के कमरे में आज भी चेतना है’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज फिर एक बार स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के पावन पर्व पर पूज्य संतों के बीच बड़े मनोयोग से कुछ पल बिताने का सौभाग्य मिला। स्वामी विवेकानंद जिस कमरे में ठहरते थे, वहां एक आध्यात्मिक चेतना है। मैंने भी वहां समय बिताया। यह जीवन का अमूल्य समय था। ऐसा अनुभव हो रहा था कि पूज्य स्वामीजी हमें और कार्य करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, नई ऊर्जा भर रहे हैं। स्वामीजी कहते थे कि सबकुछ भूल जाओ और मां भारती की सेवा में जुट जाओ।’’

‘युवा ही सीएए पर भ्रम दूर कर रहे’
बेलूर मठ में मोदी ने कहा कि कुछ लोग सीएए को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, मुझे खुशी है कि युवा ही उनका यह भ्रम दूर कर रहा है। पाकिस्तान में जिस तरह दूसरे धर्म के लोगों पर अत्याचार होता है, उसको लेकर हमारा युवा ही आवाज उठा रहा है। नागरिकता कानून में हम संशोधन न लाते, तो किसी को यह पता ही न चलता कि पाकिस्तान में कैसे मानवाधिकार का हनन हुआ है। कैसे बहन-बेटियों के अधिकारों को खत्म किया गया है।

‘‘जागरूक रहते हुए जागरूकता फैलाना, दूसरों को जागरूक करना भी हम सभी का दायित्व है। कई विषय हैं, जिसको लेकर समाज जागरण, जनचेतना आवश्यक है। जैसे पानी ही लें। पानी बचाना, सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ आंदोलन हो या गरीबों के लिए योजनाएं, इन सभी के लिए जागरूकता बढ़ाना देश की बड़ी मदद करेगा। हमारी संस्कृति और संविधान यही अपेक्षा करता है कि नागरिक के तौर पर हम अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाएं। आजादी के 70 साल बाद हमने अधिकार अधिकार लिए, लेकिन अब हर भारतीय का कर्तव्य भी उतना ही महत्वपूर्ण होना चाहिए।’’ 

मोदी के साथ मुलाकात बस एक शिष्टाचार भेंट थीः ममता

ममता ने शनिवार को कहा, “वे बंगाल आए, इसलिए उनके साथ यह बस एक शिष्टाचार भेंट थी। मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर को राज्य की जनता स्वीकार नहीं कर रही है। मैंने उन्हें इस कदम पर फिर से सोचने का अनुरोध किया। मैंने उन्हें याद दिलाया कि चक्रवात बुलबुल से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 7 हजार करोड़ सहित 38 हजार करोड़ रुपए केंद्र पर बकाया है।” ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर दोनों मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री आज नेताजी सुभाष डॉक पर कोचीन-कोलकाता इकाई के अपग्रेजेज शिप रिपेयर फैसिलिटी का भी उद्घाटन करेंगे। 


About the Author

Ranjeet Gupta

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो आतंकियों के साथ कार में मिले डीएसपी, गिरफ्तार
Next: खुशखबरी! नए साल में पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी , जानें रेट

Related Stories

  • Uncategorized

बिजली संकट दूर करने के लिए विधायक ने मंत्री से की मुलाकात

Sarvoday Times 4 months ago 0
_ (9)
  • Uncategorized

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अन्तर्गत ज्योतिर्लिंग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में सम्मिलत हुए

Sarvoday Times 4 months ago 0
download (1)
  • Uncategorized

कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, युवाओं को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के निर्देश

Sarvoday Times 6 months ago 0
| ReviewNews by AF themes.