Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • एयर इंडिया ,88 साल बाद फिर टाटा की हो जाएगी कंपनी
  • बिजनेस

एयर इंडिया ,88 साल बाद फिर टाटा की हो जाएगी कंपनी

Ranjeet Gupta 7 years ago (Last updated: 7 years ago) 1 minute read 0 comments
air-india-indian-airline-with-negative-net-worth-will-also-be-able-to-bid_320093

जिस एयरलाइन्स की 88 साल पहले जेआरडी टाटा ने नींव रखी थी, ऐसा लगता है वह फिर टाटा की होने वाली है। संकट से जूझ रही एयर इंडिया के लिए 17 मार्च तक बोलियां मंगाई गई हैं और टाटा ग्रुप इस नैशनल कैरियर के लिए अपनी दावेदारी को लेकर अपने प्लान को अंतिम रूप देने के बेहद करीब है। टाटा ग्रुप सिंगापुर एयरलाइन्स के साथ मिलकर एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की तैयारी कर रहा है और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों मिलकर इस अधिग्रहण को स्वरूप देने के लिए काम शुरू कर चुके हैं।


बता दें कि साल 1932 में जेआरडी टाटा ने ही एयर इंडिया की नींव रखी थी और 1946 में इसका नैश्नलाइजेशन कर दिया गया था। शुरुआत में इसका नाम टाटा एयरलाइन्स हुआ करता था और नैशनलाइजेशन के बाद 1948 में इसका नाम एयर इंडिया कर दिया गया था। अब यह एयरलाइन वापस टाटा घराने के पास जा सकती है। टाटा ग्रुप प्लान को सफल बनाने की कोशिश में जुटा है। उसके प्लान में एयर एशिया इंडिया का मर्जर(इसमें टाटा की 51% हिस्सेदारी) और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, जो एयर इंडिया की 100% सब्सिडियरी है।

खबरें ऐसी भी हैं कि टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया एक्सप्रेस खरीदने की मंजूरी के लिए मलयेशियाई आंत्रप्रन्योर टोनी फर्नांडिस से भी संपर्क किया है, जो एयर एशिया में 49% हिस्सेदारी रखते हैं। शेयरधारक समझौते के मुताबिक, अगर फर्नांडिस तैयार नहीं हैं तो टाटा ग्रुप किसी अन्य बजट एयरलाइन्स में 10 फीसदी से ज्यादा निवेश नहीं कर सकता।

एयर एशिया को विदेशी उड़ान के लिए मंजूरी का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, जल्द एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। टाटा ग्रुप ने एयर एशिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के मर्जर का प्रस्ताव रखा है। सूत्र ने बताया, ‘इस मर्जर से भारतीय एविएशन सेक्टर में फर्नांडिस का बड़ा शेयर हो जाएगा, इसलिए दोनों पार्टनर्स के लिए जीत का ही सीन है।’

एयर एशिया की शुरुआत टाटा ग्रुप और फर्नांडिस के बीच एक जॉइंट वेंचर के तहत 2013 में हुई थी। टाटा एक और फुल-सर्विस कैरियर विस्तारा ऑपरेट करता है, जो सिंगापुर एयरलाइन्स के साथ जॉइंट वेंचर है। इसमें टाटा ग्रुप की 51% हिस्सेदारी है। हाल में टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया था, ‘बगैर मर्जर के हम तीसरी एयरलाइन नहीं चला सकते।’ एयर इंडिया और विस्तारा का साथ टाटा ग्रुप को फुल-सर्विस स्पेस में एकाधिकार दिला सकता है।


About the Author

Ranjeet Gupta

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: उन्नाव में प्रेमी-प्रेमिका की गर्दन रेती, शरीर में अन्य जगहों पर भी चाकू से वार
Next: खुसखबरी : पेट्रोल-डीज़ल हुए 3 रुपये प्रति लीटर तक सस्ते ,इस वजह से कीमतें और घटने की उम्मीद

Related Stories

6F7A4396
  • उत्तर प्रदेश
  • बिजनेस
  • मुख्य समाचार

मुख्यमंत्री ने 17 फार्मा कम्पनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किये

Sarvoday Times 5 months ago 0
download (16)
  • उत्तर प्रदेश
  • बिजनेस
  • मुख्य समाचार

साइबर खतरों पर चेतावनी: वित्त मंत्री ने कहा- साइबर हमलों से बचने के लिए वित्तीय क्षेत्र रहे असाधारण रूप से सतर्क

Sarvoday Times 5 months ago 0
download (15)
  • उत्तर प्रदेश
  • बिजनेस
  • मेन स्लाइड

मेटा और माइक्रोसॉफ्ट करेगी 20,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी, एआई क्षेत्र में आएगा बदलाव

Sarvoday Times 5 months ago 0
| ReviewNews by AF themes.