शुक्रवार को रेलवे का निजीकरण,नौकरी नहीं होने व छंटनी समेत अन्य आरोप लगा।युवाओं व प्रतियोगी छात्रों ने सासाराम रेलवे स्टेशन पर जमकर बवाल काटा।सैकड़ों की तादाद में छात्रों व युवाओं ने रेलवे ट्रैक पर उतर पत्थरबाजी की व कई सामनों को तोड़ डाला।उपद्रवयियों ने प्लेटफाॅर्म पर लगे कोच इंडिकेशन,कंक्रीट सीट,लाइट समेत अन्य को तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया।इसमें रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।यहां तक कि प्रदर्शनकारी न तो डीएम-एसपी की बात सुनने को तैयार थे,न अन्य अधिकारियों की।
सूचना मिली है कि उपद्रवी छात्रों के पथराव से दर्जन भर लोग घायल हुए।डीएम-एसपी समेत अन्य अधिकारी व सुरक्षा कर्मी भी बाल-बाल बचे।वहीं भीड़ से हवाई फायरिंग भी की गई,जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस प्रशासन को भी हवाई फायरिंग व आंसू गैस छोड़ने पड़े।सूचना मिलते ही डीडीयू रेल डिविजन के डीआरएम समेत अन्य अधिकारी सासाराम पहुंच पूरी घटना की जानकारी ली।इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
इसमे युवाओं व छात्रों का कहना था कि रेलवे की निजीकरण व तेजस जैसे ट्रेन चलाने से छात्रों को नौकरी नहीं मिलेगी।रेलवे रोजगार देने वाली सरकार की बड़ी एक सेक्टर है।सरकार को चाहिए कि वे निजीकरण न करे,ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।इन्हीं मांगों को लेकर छात्र रेलवे ट्रैक को जाम कर प्रदर्शन कर रहे थे।स्टेशन प्रबंधक उमेश कुमार की मानें तो प्रदर्शनकारी छात्रों को जाम खत्म करने व प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करने के लिए बार-बार आग्रह किया गया,लेकिन छात्र वार्ता के लिए तैयारी नहीं थे।
एसडीएम राज कुमार गुप्ता व एएसपी हृदयकांत प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने पहुंचे,लेकिन उनकी भी बात छात्रों ने नहीं मानी तो बाद में डीएम पंकज दीक्षित व एसपी सत्यवीर सिंह पहुंच रेलवे ट्रैक से जाम हटाने के लिए कहा।बावजूद इसके प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे और बेकाबू हो पथराव करने लगे।पथराव होते देख अधिकारियों को रेल थाना परिसर में अपनी जान बचानी पड़ी।
सुरक्षा कर्मियों को पथराव शुरू होने के बाद फायरिंग व आंसू गैस छोड़ने पड़े।डीएम पंकज दीक्षित ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून को हाथ लेकर काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।प्रदर्शनकारियों की वीडियोग्राफी कराई गई है,जिन्हें चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
