इस समय भारतीय जवान भारतीय स्माल आर्म्स सिस्टम इंसास 5.56x45mm राइफलों का इस्तेमाल करते हैं। नई सिग सौर असाल्ट रीफएस इन राइफलों की जगह लेंगे|
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सिग सौर अस्सुलट रिफेस आतंकरोधी अभियानों में लगे हुए सुरक्षाबलों को दी गई हैं। अब भारत की तरफ से इन राइफल्स का नया आर्डर दिया गया है। ये राइफल अब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ मोर्चे पर तैनात सैनिकों को दी जाएंगी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा आयोजित डिफेन्स एक्वीजीशन कुंक्लि में दूसरी बार अमेरिका से 72,500 सिग सौर असाल्ट राइफल्स के सौदे को मंजूरी दी है
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न्यूज एजेंसी एएनआई को सरकारी सूत्रों ने बताया है कि सिग सौर असाल्ट रिफेस का पहला लोट जम्मू-कश्मीर में आतंक विरोधी ऑपरेशनों में लगे सैन्यकर्मियों को दिया गया थ| अब ये राइफल्स चीन के साथ लगी सीमा पर तैनात सेना के जवानों को उपलब्ध करावाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सामने से दुश्मन का मुकाबला कर जवानों को सर्वोत्तम हथियार उपलब्ध करवाए जाएं।

इस समय भारतीय जवान भारतीय स्माल आर्म्स सिस्टम इंसास 5.56x45mm राइफलों का इस्तेमाल करते हैं। नई सिग सौर असाल्ट रिफिएस इन राइफलों की जगह लेंगे। इंसास राइफल्स भारत में ही आयुध कारखानों बोर्ड द्वारा बनाई जाती हैं। योजना के अनुसार, आतंकवाद निरोधी अभियानों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चुनौतियों का सामना करने के लिए सैनिकों द्वारा 1.5 लाख आयातित राइफलों का उपयोग किया जाना है।
सेना के बाकी जवानों को एके -203 राइफलें प्रदान की जाएंगी, जिनका उत्पादन भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से अमेठी आयुध कारखाने में किया जाता है। सीमा मुद्दे पर चीन के साथ चल रहे विवाद के बीच, भारतीय सेना संयुक्त राज्य अमेरिका से 72,000 सिग 716 असाल्ट रिफिएस का एक और आदेश देने जा रही है।

आपको बता दें कि भारतीय सेना पिछले कई सालों से अपने इंसास असॉल्ट राइफलों को बदलने की कोशिश कर रही है लेकिन किसी न किसी वजह से उसकी कोशिशें अंजाम तक नहीं पहुंच पा रही हैं। हाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने इन तोपों की कमी को दूर करने के लिए इज़राइल से 16,000 लाइट मशीन गन लमग का ऑर्डर दिया है|
