नीदरलैंड की डच सरकार ने डॉक्टरों की इजाजत दे दी है कि वो सामान्य रूप से बीमार बच्चों का जीवन खत्म कर सकते हैं। अब डॉक्टर उन बच्चों का अपने तरीके से जीवन खत्म कर सकेंगे, जिससे बच्चों को समस्या ना हो। इस फैसले को लेकर चिकित्सक क्षेत्र में बहस छिड़ गयी है|

नीदरलैंड सरकार पहले से इस बात के पक्ष में रही है कि अगर किसी व्यक्ति को गंभीर बीमारी है या उसके ठीक होने की संभावना बहुत कम है तो चिकित्सा सहायता से उनको मौत दी जा सकती है। चिकित्सा सहायता से ऐसे लोगों की मौत दे दी जाती है, जिनकी उम्र 12 साल या उससे कम होती है। इस तरह के काम के लिए माता-पिता की भी मंजूरी चाहिए होती है। मंगलवार को संसद को लिखे एक पत्र में डच स्वास्थ्य मंत्री ह्यूगो डी जॉन्ग ने एक और 12 साल की आयु के बच्चों को शामिल करने के लिए कानून का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा जो मर रहे हैं और पीड़ित हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ह्यूगो डी जॉन्ग ने अपने पत्र में ये भी लिखा है कि कुछ बच्चे बहुत बीमार होते हैं उनमें किसी तरह से सुधार की उम्मीद नहीं होती है, वो अनावश्यक रूप से पीड़ित होते हैं। हर साल ऐसे लगभग 5 से 10 बच्चे प्रभावित होते हैं। नीदरलैंड के डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है कि अगर उन्हें 1 से 12 साल के बच्चों को “लाइलाज रूप से बीमार” बच्चों की ज़िंदगी खत्म करने में मदद करने के लिए अपराधी ठहराया जा सकता है, क्योंकि कानून में उन बच्चों के लिए कोई प्रावधान नहीं था जिनकी उम्र कम होने की आशंका है।
