मां विजयासन दरबार में अष्टमी और नवमीं के अवसर पर विशेष रूप से पूजा अर्चना करने हजारों श्रद्घालुओं ने मां विजयासन के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। अष्टमी की रात्रि को मां विजयासन दरबार में महानिशा पूजा होगी। इसलिए पूरी रात मां विजयासन का दरबार खुला रहेगा। रातभर श्रद्घालु मां विजयासन के दर्शन करेंगे। सुबह आरती में बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने भाग लेते हैं। मां की नवमीं की प्रथम आरती करते हैं, वहीं नगर में रामनवमीं पर जुलूस निकाला जाता है, जो इस बार सांकेतिक ही रहेगा। उल्लेखनीय है कि मां विजयासन दरबार में प्रतिवर्ष सप्तमी, अष्टमी और नवमीं पर विशेष पूजा होती है। जिसके चलते हजारों की सख्यां में श्रद्घालू सलकनपुर पहुंचते हैं। माता के दरबार में अभी भी श्रद्घालुओं का आना प्रारंभ है। नवमीं को बड़ी संख्या श्रद्घालुओं ने दर्शन लाभ लेंगे।

नवमीं को मां विजयासन के व्रत खुलने के बाद श्रद्घालुओं ने हलुए से भंडारे का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन माता के भक्तों को हलुआ खिलाते हैं। कई श्रद्धालु भण्डारे का आयोजन करते हैं। साथ ही मार्ग पर भी भंडारे होते हैं, कोरोना के चलते इस बार कम भंडारे आयोजित किये गए हैं।
