समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देर शाम केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सड़कों पर ठिठुरते किसान आंदोलनकारियों की जायज मांगों को लेकर भाजपा सरकार हृदयहीन रवैया अपनाए है और किसानों की घोर उपेक्षा की जा रही है। यादव ने कहा कि इस पर जो वैश्विक प्रतिक्रिया आ रही है, उससे दुनियाभर में भारत की लोकतांत्रिक छवि
को गहरी ठेस पहुंची है। भाजपा सरकार के कुशासन व किसान विरोधी नीतियों से प्रदेश का किसान बेहाल और
परेशान है। अखिलेश ने कहा सरकार को किसानों की बातें माननी चाहिए। उनकी आशंकाओं का निराकरण करने की
जरूरत है। सरकार व्यर्थ हठधर्मी कर रही है। किसानों के सैलाब के आगे कोई टिक नहीं पाएगा। 8 दिसंबर के
भारत बंद के बाद अब 14 दिसंबर को समाजवादी पार्टी सभी जिला मुख्यालयों पर अहिंसात्मक किसान धरना
कार्यक्रम में भागीदारी निभाएगी।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी किसानों के साथ उनके समर्थन में 7 दिसंबर से लगातार किसान यात्राएं
निकाल रही है। 7 दिसंबर को स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धरना और गिरफ्तारी से इसकी
शुरुआत की थी जिसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में समाजवादी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दे किसानों के
समर्थन में सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था।
