शनिवार न्याय के देवता शनिदेव का दिन माना जाता है. शनिदेव का नाम सुनते ही मन में कई सवाल खड़े होने लगते हैं. शनिदेव की कुपित दृष्टि का सोचकर ही लोगों के मन में भय पैदा हो जाता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव मनुष्यों के शुभ और अशुभ कर्मों का फल प्रदान करते हैं. अगर आपने अच्छे कर्म किए हैं तो शनिदेव उसका अच्छा फल देते हैं, वहीं अगर कर्म बुरे हैं तो ऐसे लोगों को शनिदेव की क्रोधाग्नि का सामना करना पड़ता है.
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का दिन श्रेष्ठ माना गया है. कुछ आसान उपायों को करने से शनिदेव की न सिर्फ कृपा वर्षा होगी, बल्कि सभी तरह के कष्टों का निवारण भी हो सकेगा.
शनिदेव के क्रोध से अगर बचना है तो शनिवार को बजरंगबली को सिंदूर और चमेली चढ़ाना चाहिए. इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ भी करना चाहिए. मान्यता है कि हनुमानजी की पूजा करने वालों को शनिदेव की प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़ता है.
रोजाना पीपल को जल चढ़ाना चाहिए और उसकी पूजा करना चाहिए. शनिवार को पीपल के पेड़ की सात परिक्रमा करना चाहिए. वहीं शनिवार के दिन किसी गरीब व्यक्ति को भोजन कराने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं. इससे दरिद्रता भी दूर होती है.
हर शनिवार को शनिदेव के मंदिर में जाकर तेल और काली तिल चढ़ाना चाहिए. इसके अलावा तेल का दान भी करना श्रेष्ठ होता है. इसके लिए स्नान कर एक कटोरी तेल लें और सबसे पहले उसमें अपना चेहरा देखें फिर उसे किसी जरूरतमंद को दान कर दें.
शनिवार के दिन शनिदेव का विधि-विधान से पूजन करना चाहिए. उन्हें नीले पुष्प चढ़ाना चाहिए. कभी भी शनिदेव की पूजा करते वक्त उनकी मूर्ति के सीधे दर्शन नहीं करना चाहिए.
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सूर्यास्त के बाद सुनसान स्थान पर मौजूद पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाना चाहिए. अगर पीपल का पेड़ न मिले तो मंदिर में दीपक जलाना चाहिए. इससे धन संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है.
