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लखनऊ में फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर का पर्दाफाश, कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां

Sarvoday Times 1 year ago (Last updated: 1 year ago) 1 minute read 0 comments
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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र में स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, ARL Healthcare नाम से संचालित यह अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सक की नियमित उपस्थिति के कार्यरत है, जो स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों एवं पीसी-पीएनडीटी अधिनियम 1994 (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) का स्पष्ट उल्लंघन है।

बताया जा रहा है कि यह सेंटर एआरएल बिल्डिंग, भारत डीजल पंप के सामने, रिंग रोड, पारा, लखनऊ – 226017 पर स्थित है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यहां रजिस्टर्ड तीनों डॉक्टर कभी सेंटर पर मौजूद नहीं रहते, जिससे यह अंदेशा प्रबल होता है कि यह केंद्र केवल दस्तावेजों में औपचारिकताएं पूरी कर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है।

पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन

पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के अनुसार, कोई भी अल्ट्रासाउंड जांच तभी की जा सकती है जब एक पंजीकृत चिकित्सक या रेडियोलॉजिस्ट मौके पर मौजूद हो। बिना डॉक्टर की उपस्थिति के जांच करना न केवल अवैध है, बल्कि यह तीन से पांच साल तक की जेल और जुर्माने की सजा का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त सेंटर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और संबंधित डॉक्टर का मेडिकल पंजीकरण भी निलंबित किया जा सकता है।

इसके साथ ही प्रत्येक अल्ट्रासाउंड के लिए ‘फॉर्म एफ’ भरना और उस पर डॉक्टर का हस्ताक्षर आवश्यक होता है। डॉक्टर की अनुपस्थिति में यह प्रक्रिया भी अवैध मानी जाती है।

जनहित में कार्रवाई की माँग

स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सेंटर लंबे समय से बिना किसी प्रभावी निगरानी के कार्य कर रहा है, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना योग्य डॉक्टर की निगरानी में किए गए अल्ट्रासाउंड परीक्षण गलत निदान और इलाज का कारण बन सकते हैं, जो जानलेवा भी हो सकता है।

जनहित में इस मामले की त्वरित जांच और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की माँग उठ रही है। यदि स्वास्थ्य विभाग समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता, तो यह न केवल चिकित्सा मानकों की अवहेलना होगी, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा का कारण भी बन सकता है।

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