हरदोई जनपद के माखनखेड़ा रसूलपुर ब्रह्मनान गांव में ग्राम प्रधान द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। गांव में विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है।
मिट्टी पर इंटरलॉकिंग, फिर मिट्टी से ढक दिया!
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बिना किसी ठोस आधार के सीधे मिट्टी पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गईं, जो निर्माण मानकों का खुला उल्लंघन है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इंटरलॉकिंग बिछाने के बाद उसे दोबारा मिट्टी से ढक दिया गया, जिससे यह प्रतीत होता है कि निर्माण कार्य को केवल कागज़ों पर दिखाने के लिए किया गया है।
मानकों की उड़ाई जा रही धज्जियां
ग्राम्य विकास विभाग और पंचायत निर्माण मानकों के अनुसार, इंटरलॉकिंग बिछाने से पहले लेवलिंग, समुचित रोलिंग, सोलिंग व रेत-बजरी की परत अनिवार्य होती है। लेकिन यहां न कोई बेस तैयार किया गया, न कोई तकनीकी सुपरविजन देखा गया। इससे साफ है कि निर्माण कार्य पूरी तरह मानक विहीन है।
कौन है जिम्मेदार?
अब सवाल ये उठता है कि इस लापरवाह निर्माण कार्य का जिम्मेदार कौन है? क्या ग्राम प्रधान और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से यह सब किया जा रहा है? क्या ब्लॉक स्तर पर बैठे अधिकारी आंख मूंदकर काम की मंजूरी दे रहे हैं?
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
गांव के जागरूक नागरिकों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई है और जिला प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
निष्कर्ष:
सरकारी योजनाओं और जनता के पैसे से विकास की बजाय भ्रष्टाचार का पोषण हो रहा है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और दोषियों के खिलाफ जांच बैठाकर जनता के विश्वास को बहाल करे।
