गोण्डा। एक तरफ जनपद के कुछ अधिकारियों द्वारा जनहित में कार्य करने के बजाय सिर्फ दिखावा करके अपनी फोटो खिंचाने व नेताओं के आवाभगत में पलके बिछाना अपना दायित्व व कर्तव्य समझा गया वहीं दूसरी तरफ अपने निष्पक्ष व निर्भीक कार्यशैली के चलते तहसील कर्नलगंज की उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा की समूचे देवीपाटन मण्डल में प्रसंशा हो रही है। जगह जगह चर्चा सुनने को मिल रही है कि पूर्व डीएम डॉ0 राम बहादुर व डॉ0 रोशन जैकब की तरह निष्पक्षता व निर्भीकता पूर्वक एसडीएम नेहा मिश्रा द्वारा जनहित में कार्य किए जाने से उनकी लोकप्रियता जन-जन में व्याप्त हो चुकी है। चर्चा की मानें तो पूर्व डीएम डॉ0 राम बहादुर व डॉ0 रोशन जैकब द्वारा रात्रि 01-02 बजे व सुबह 09-10 बजे सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण किया जाता था जिससे व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रहती थी। सरकारी विभागों के कर्मचारी सुबह साढ़े 09 बजे अपने अपने पटल पर आसीन हो जाते थे। उनके द्वारा किए गए सभी आदेश पर मातहत अधिकारी निष्पक्षता पूर्वक त्वरित कार्यवाही करने में ही अपनी भलाई समझते थे। जब वह किसी कार्यालय का निरीक्षण करते थे तो उक्त कार्यालय में उनके स्वागत हेतु चूना व गमला नही रखा जाता और न ही उक्त कार्यालय के अधिकारी सतर्क ही हो पाते थे। ठीक उन्हीं के पथ पर चल रही एसडीएम नेहा मिश्रा द्वारा अवैध कब्जे को कड़ाई से हटवाया गया,नवीन सब्जी मंडी में अवैध अतिक्रमण व अवैध विद्युत कनेक्शन को हटवाया गया,बाजारों को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए तहसील परिसर में चल रहे दबंगई व मनमानी राज पर हथौड़ा चलाकर उसे ध्वस्त किया गया। अब क्षेत्रवासियों व वादकारियों के दिलों दिमाग में एसडीएम नेहा मिश्रा के प्रति इस कदर अटूट विश्वास हो चुका है कि वह लोग कहते हैं कि यदि यह और भी उच्च पद पर आसीन होती तो जिले से लेकर तहसील वासियों को न्याय की आस में भटकना न पड़ता।
