यूएनडीपी में भारतीय प्रतिनिधि ने जो तर्क दिया उसके मुताबिक भारत ने वर्ष 2005-2016 के दौरान काफी तरक्की की है। इस दौरान जो काम किए गए उसकी वजह से न सिर्फ लोगों का जीवन सुधरा बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरी। इस दौरान करीब 27.1 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर हो गए। इसके अलावा भारत की आबादी में जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने की वजह से भी रैंकिंग में सुधार हुआ है.
यूएनडीपी में भारतीय प्रतिनिधि ने जो तर्क दिया उसके मुताबिक भारत ने वर्ष 2005-2016 के दौरान काफी तरक्की की है। इस दौरान जो काम किए गए उसकी वजह से न सिर्फ लोगों का जीवन सुधरा बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरी। इस दौरान करीब 27.1 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर हो गए। इसके अलावा भारत की आबादी में जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने की वजह से भी रैंकिंग में सुधार हुआ है
