Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक मामले में सीएम योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर यूपी पुलिस कर रही ताबड़तोड़ कार्रवाई
  • देश
  • मुख्य समाचार
  • साहित्य

शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक मामले में सीएम योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर यूपी पुलिस कर रही ताबड़तोड़ कार्रवाई

Sarvoday Times 5 years ago (Last updated: 5 years ago) 1 minute read 0 comments
download (11)

उत्‍तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) पेपर लीक केस में सीएम योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर यूपी पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने इस मामले में अब सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) संजय कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है।

इसके पहले एसटीएफ ने प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी आर.एस.एम. फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को दिल्‍ली से गिरफ्तार किया था। इस एजेंसी को प्रश्न पत्र छापने का वर्क आर्डर संजय उपाध्याय ने जारी किया था।

यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात पूछताछ के बाद जांच अधिकारी और यूपी एसटीएफ की टीम ने उन्‍हें गिरफ्तार किया है। संजय उपाध्‍याय को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पुलिस उन्‍हें रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी। प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में शुरुआत में ही शासन की ओर से स्‍पष्‍ट कर दिया गया था कि सख्‍त एक्‍शन लिया जाएगा। कोई भी बख्‍शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में यह गिरफ्तारी हुई है।

उन्‍होंने कहा कि संजय उपाध्‍याय के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्‍त साक्ष्‍य हैं। इसी आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। बताया जा रहा है कि शासन ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को पेपर लीक के लिए प्रथम दृष्टया दोषी माना है।

सरकार पहले ही उन्‍हें सस्‍पेंड कर चुकी है। यूपी टीईटी परीक्षा को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ही थी। माना जा रहा है परीक्षा नियामक प्राधिकारी के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई

और दिल्ली की गैर जिम्मेदार एजेंसी आर.एस.एम. फिनसर्व लिमिटेड को पेपर प्रिंट कराने की जिम्मेदारी सौंप दी थी। एजेंसी के निदेशक राय अनूप प्रसाद ने प्रश्न पत्र की छपाई के दौरान गोपनीयता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिसकी वजह से पेपर आउट हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ गई।

सचिव परीक्षा नियामक को शुचितापूर्ण, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से यूपी-टीईटी न किए जाने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। गौरतलब है कि 28 नवंबर को दो पालियों में प्रस्तावित यूपी-टीईटी का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी।

इससे सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। परीक्षा में 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शामिल होना था। प्रथम पाली में दस से साढ़े बारह बजे तक प्रदेश भर में 2554 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन किया जाना था

और द्वितीय पाली में 2:30 से पांच बजे तक 1754 केंद्रों पर उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन होना था। टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 13.52 लाख और टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8.93 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

About the Author

Sarvoday Times

Editor

View All Posts

Post navigation

Previous: किसान आंदोलन को लेकर पंजाब के 32 जत्थेबंदियों की आज बुलाई बैठक
Next: राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की मौसम विभाग ने जताई सम्भावना

Related Stories

56rtf
  • उत्तर प्रदेश
  • धर्म
  • मुख्य समाचार

26 सितंबर को मनाई जाएगी भाद्रपद पूर्णिमा

Sarvoday Times 2 days ago 0
DSC_8167.JPG
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

कर्मभूमि से जन्मभूमि तक सेवा संकल्प बाइक यात्रा, गूंजेगा पीएम मोदी के 25 वर्षों की सेवा का संदेश

Sarvoday Times 2 days ago 0
images (7)
  • उत्तर प्रदेश
  • मुख्य समाचार

प्रदेश में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

Sarvoday Times 3 days ago 0
| ReviewNews by AF themes.